आतंकवाद के मुकाबले के लिए साथ आए भारत-ईयू, विश्व शांति पर भी जताई प्रतिबद्धता

भारत और यूरोपीय संघ का शिखर सम्मेलन बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ. (Photo- Twitter/
Ursula von der Leyen)
भारत और यूरोपीय संघ का शिखर सम्मेलन बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ. (Photo- Twitter/ Ursula von der Leyen)

भारत और यूरोपीय संघ का शिखर सम्मेलन (India-European Union Summit) बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस सम्मेलन को संबोधित किया.

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नई दिल्ली. भारत और यूरोपीय संघ का शिखर सम्मेलन (India-European Union Summit) बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस सम्मेलन को संबोधित किया. इस संदर्भ में विदेश मंत्रालय (Ministry of Foreign Affairs) ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 15वां भारत-ईयू सम्मेलन पूरा हुआ. यूरोपीय संघ के साथ हमारा रिश्ता बहुत सक्रिय है. इसने वर्चुअली तौर पर भी सभी आयामों छुआ.

भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप (Vikas Swaroop) ने बताया कि यूरोपीय संघ हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जो कि 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के माल के साथ व्यापार करता है. हम लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बड़ा सेवा व्यापार भी करते हैं. विकास स्वरूप ने कहा यूरोपीय संघ भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है, जिसका 91 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का संचयी निवेश है. शिखर सम्मेलन बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया था, जो नेताओं के बीच आपसी सम्मान और प्रशंसा से चिह्नित था, जो उनके बीच पिछले संबंधों की पहचान रहा है.

जल्द ही भारत और ईयू के बीच होगी मंत्रियों के स्तर की वार्ता
विदेश मंत्रालय के सचिव ने बताया कि इस शिखर सम्मेलन में व्यापार और निवेश समझौते के संदर्भ में व्यापार संबंधों के साथ-साथ व्यापार और निवेश समझौतों के विकास का मार्गदर्शन करने के लिए मंत्रियों के स्तर पर एक उच्च-स्तरीय संवाद स्थापित करने का निर्णय किया गया जो ही एक बेहद जरूरी फैसला है. उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौते (BTIA) के समापन के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि दोनों मंत्रियों ने चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनिवार्य रूप से जल्द से जल्द मिलना चाहिए.
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आतंकवाद फैलाने को लेकर हुआ पाकिस्तान का जिक्र
विकास स्वरूप ने आगे कहा कि भारत और यूरोपीय संघ ने वैश्विक शांति और सुरक्षा, निरस्त्रीकरण और अप्रसार के लिए और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए, इसके वित्तपोषण और कट्टरपंथीकरण का मुकाबला करने के लिए अपने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में अपनी मजबूत प्रतिबद्धता जताई. भारत और यूरोपीय संघ इस संबंध में आदान-प्रदान और सहयोग तेज करेंगे. दोनों नेताओं ने आतंकवाद की साझा चुनौती पर विचारों के आदान-प्रदान में काफी विस्तार किया. भारत और अन्य देशों के साथ-साथ वैश्विक आतंकवाद के संदर्भ में पाकिस्तान का भी जिक्र हुआ.

स्वरूप ने आगे बताया कि यूएनएससी और जी 20 प्रेसीडेंसी की भारत की आगामी सदस्यता के संदर्भ में, दोनों पक्षों में पारस्परिक हित और अधिक सक्रियता दिखाई दी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा वैश्विक और क्षेत्रीय विकास की समीक्षा के हिस्से के रूप में, चीन के साथ हमारे संबंधों पर बात हुई. प्रधानमंत्री ने सामान्य तौर पर भारत-चीन संबंध और सीमावर्ती क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर हमारे विचार साझा किए.
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