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कश्मीर दौरे पर 17 देशों के डिप्लोमेट, EU के प्रतिनिधि बोले- गाइडेड टूर में दिलचस्पी नहीं

भाषा
Updated: January 9, 2020, 12:14 PM IST
कश्मीर दौरे पर 17 देशों के डिप्लोमेट, EU के प्रतिनिधि बोले- गाइडेड टूर में दिलचस्पी नहीं
बीते दिनों यूरोपीय संघ के सदस्यों के एक डेलीगेशन ने कश्मीर का दौरा किया था.

दिल्ली से ये राजनयिक गुरुवार को हवाई मार्ग से श्रीनगर (Srinagar) जाएंगे और वहां से वे जम्मू जाएंगे. वे वहां पर उप राज्यपाल जी सी मर्मू (GC Murmu) के साथ ही नागरिक समाज के लोगों से भी मुलाकात करेंगे.

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नई दिल्ली. भारत में अमेरिका (America) के राजदूत केनेथ आई जस्टर सहित 16 देशों के राजनयिक (Diplomats) गुरुवार से जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के दो दिवसीय दौरे पर हैं. जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा (Special Status) पिछले वर्ष समाप्त किये जाने के बाद राजनयिकों का यह पहला दौरा होगा. हालांकि, इस डेलीगेशन यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि शामिल नहीं हैं. उनका कहना है कि वे 'गाइडेड टूर' में दिलचस्पी नहीं रखते. ईयू के प्रतिनिधि स्वतंत्र रूप से कश्मीर आना चाहते थे.

दिल्ली से ये राजनयिक गुरुवार को हवाई मार्ग से श्रीनगर (Srinagar) पहुंचे और वहां जम्मू जाएंगे. वे वहां पर उप राज्यपाल जी सी मर्मू (GC Murmu) के साथ ही नागरिक समाज के लोगों से भी मुलाकात करेंगे.

EU के प्रतिनिधियों ने फारुख-उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की जताई इच्छा
इनमें बांग्लादेश (Bangladesh), वियतनाम, नार्वे, मालदीव, दक्षिण कोरिया, मोरोक्को, नाइजीरिया आदि देशों के भी राजनयिक शामिल होंगे. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि ब्राजील के राजनयिक आंद्रे ए कोरिये डो लागो के भी जम्मू-कश्मीर का दौरा करने का कार्यक्रम था. यद्यपि उन्होंने यहां अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के चलते दौरे पर नहीं जाने का फैसला किया.

ऐसा माना जाता है कि यूरोपीय संघ के देशों के प्रतिनिधियों ने किसी अन्य तिथि पर केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) का दौरा करने की बात कही है. यह भी माना जाता है कि इन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से मुलाकात करने की इच्छा जताई है.

सिविल सोयाइटी के सदस्यों से मुलाकात करेंगे राजनयिक
अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को दौरा करने वाले राजनयिक नागरिक समाज (Civil Society) के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और उन्हें विभिन्न एजेंसियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी. उसी दिन राजनयिकों को जम्मू ले जाया जाएगा जहां वे उप राज्यपाल जी सी मुर्मू और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.सूत्रों ने बताया कि कई देशों के राजनयिकों ने भारत सरकार से अनुरोध किया था कि अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधान हटने के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए कश्मीर का दौरा करने की अनुमति दी जाए.

इससे पहले यूरोपीय संघ के 23 सांसदों का शिष्टमंडल भी जा चुका है जम्मू-कश्मीर
इस कदम से भारत को कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान (Pakistan) के दुष्प्रचार को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी. भारत ने पी-पांच देशों और विश्व के सभी देशों की राजधानियों से संपर्क कर अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त करने के निर्णय पर अपना मत रखा था.

इससे पहले दिल्ली के एक थिंक टैंक द्वारा यूरोपीय संघ (European Union) के 23 सांसदों के शिष्टमंडल को जम्मू-कश्मीर का दो दिवसीय दौरे पर ले जाया गया था. हालांकि सरकार ने उसे निजी दौरा बताया था.

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First published: January 9, 2020, 5:10 AM IST
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