नई दवा नीति मंजूर, 20 फीसदी तक सस्ती होंगी दवाएं

नई दवा नीति मंजूर, 20 फीसदी तक सस्ती होंगी दवाएं
महंगाई के इस दौर में एक अच्छी खबर। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम 15 से 20 फीसदी तक कम हो जाएंगे।

महंगाई के इस दौर में एक अच्छी खबर। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम 15 से 20 फीसदी तक कम हो जाएंगे।

  • News18India
  • Last Updated: November 22, 2012, 4:01 PM IST
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नई दिल्ली। महंगाई के इस दौर में एक अच्छी खबर। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम 15 से 20 फीसदी तक कम हो जाएंगे। सरकार ने आवश्यक दवाओं की लिस्ट को 74 से बढ़ाकर 348 कर दिया है जिनकी कीमत भी सरकार ही तय करेगी। कैबिनेट ने गुरुवार को नई दवा मूल्य नीति को मंजूरी दे दी। फिलहाल इन दवाओं के अलग-अलग ब्रांड्स की कीमतों में भारी अंतर है।

नई नीति के मुताबिक सभी ब्रांड्स की औसत कीमत निकाल कर उसे अधिकतम कीमत घोषित किया जाएगा। कैंसर और एड्स में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के अलावा इस लिस्ट में दर्द और अवसाद दूर करने वाली दवाओं के साथ-साथ स्टेरॉयड यानी ताकत की दवाएं भी शामिल हैं।

सरकार का दावा है कि दवाओं की कीमत में कम से कम 15 से 20 फीसदी की कमी आएगी। फिलहाल आवश्यक दवाइयों की लिस्ट में सिर्फ 74 दवाएं हैं। सरकार का दावा है कि इस फैसले से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी और दवाओं की बेतहाशा बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लगेगा।



पिछले 10 साल में दवाओं की कीमतों में जबर्दस्त इजाफा हुआ है। रिकॉर्ड के मुताबिक 1996 से 2006 के बीच दवाओं की औसत कीमत में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। जो दवाएं सरकारी नियंत्रण में थीं, उनमें सिर्फ 0.02 फीसदी का इजाफा देखा गया। जबकि आवश्यक दवाओं की लिस्ट में आने वाली दवाइयों की कीमत में 15 फीसदी बढ़ोतरी हुई। खुले बाजार की ऐसी दवाइयां, जो ना तो सरकारी कंट्रोल में आती हैं और ना ही आवश्यक दवाइयों की लिस्ट में हैं, उनके दामों में 137 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई।
जानकारों का मानना है कि मंत्री समूह के इस फैसले से लोगों को फायदा तो होगा लेकिन सस्ती दवाइयों के दाम भी बढ़ेंगे। दरअसल कई सालों से लटकी इस दवा नीति को सरकार ने तब मंजूरी दी है जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले से जुड़ी जनहित याचिका पर सरकार को जमकर फटकार लगाई थी। उसने नई नीति लागू करने के लिए 27 नवंबर तक की डेडलाइन तय कर दी थी।

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