मौनी अमावस्याः तीन करोड़ लोगों ने लगाई संगम में डुबकी

देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु संगम पर पवित्र डुबकी लगाने का ये मौका चूकना नहीं चाहते थे, क्योंकि ग्रहों और राशियों का ऐसा अमृतयोग अब 147 साल बाद पड़ेगा।

  • News18India
  • Last Updated: February 10, 2013, 3:50 PM IST
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नई दिल्ली। मौनी अमावस्या के पावन मौके पर महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मकर संक्रांति के बाद मौनी अमावस्या के अवसर पर पड़ने वाले इस दूसरे शाही स्नान में 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में डुबकी लगाई।

देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु संगम पर पवित्र डुबकी लगाने का ये मौका चूकना नहीं चाहते थे, क्योंकि ग्रहों और राशियों का ऐसा अमृतयोग अब 147 साल बाद पड़ेगा। मौनी अमावस्या पर पुण्यकाल रविवार सुबह 3 बजकर 28 मिनट पर शुरू हुआ जो दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक रहा।

महाकुंभ के अमृतयोग में एक-एक कर सभी 13 अखाड़ों के हजारों साधु-संतों ने संगम के तट पर शाही स्नान किया। सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े का पवित्र स्नान हुआ। उसके बाद निरंजनी अखाड़ा, फिर जूना अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा और आखिर में निर्मल पंचायती अखाड़े के साधुओं ने शाही स्नान किया। अखाड़ों का ये क्रम पहले से तय होता है।



मौनी का अर्थ वाणी को विराम देना होता है। इसी तरह अमा का अर्थ अंधकार और वस्या का अर्थ वास करना या रहना है। यानी संगम तट पर तमाम सांसारिक वाणी को विराम देकर शांतिपूर्वक ईश्वर की खोज ही मौनी अमावस्या का मुख्य उद्देश्य होता है। कड़ी सुरक्षा के बीच घाटों पर नहाने और पूजा पाठ का सिलसिला जारी रहा।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। करीब 25 हजार जवान महाकुंभ के चप्पे-चप्पे पर निगरानी रख रहे हैं। इसके अलावा एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है जहां से कुंभ की हर हलचल पर नजर रखी जा रही है।
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