केरल में ट्रांसजेंडर समुदाय के 18 सदस्यों ने उतीर्ण की उच्चतर माध्यमिक पाठ्यक्रम की परीक्षा

 ट्रांसजेंडर समुदाय के कुल 39 लोगों ने 10वीं कक्षा के समकक्ष पाठ्यक्रम पास किया है (सांकेतिक तस्वीर)
ट्रांसजेंडर समुदाय के कुल 39 लोगों ने 10वीं कक्षा के समकक्ष पाठ्यक्रम पास किया है (सांकेतिक तस्वीर)

Kerala News: ट्रांसजेंडर नीति (Transgender Policy) लागू करने वाले पहले राज्य केरल ने ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्य धारा में लाने के लिए केएसएलएमए और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा 2018 में जारी एक सतत शिक्षा कार्यक्रम 'समन्वय' की शुरुआत की थी.

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तिरुवनंतपुरम. केरल (Kerala) में ट्रांसजेंडर समुदाय (Transgender Community के अठारह सदस्यों ने केरल राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (केएसएलएमए) द्वारा उच्चतर माध्यमिक समकक्षता पाठ्यक्रम के लिए आयोजित परीक्षा उतीर्ण कर ली है, जिससे वे आगे की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं. यह पहला बैच है जिसने उच्चतर माध्यमिक (Higher Medium Education)(12वीं कक्षा) समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की है. ट्रांसजेंडर नीति (Transgender Policy) लागू करने वाले पहले राज्य केरल ने ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्य धारा में लाने के लिए केएसएलएमए और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा 2018 में जारी एक सतत शिक्षा कार्यक्रम 'समन्वय' की शुरुआत की थी.

केएसएलएमए की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम और कोल्लम (Kollam) समेत विभिन्न जिलों में कुल 22 लोगों ने परीक्षा में भाग लिया था, जिसमें से 18 उतीर्ण हुए. केएसएलएमए के सूत्रों ने बताया कि एक ऑटोरिक्शा चालक कार्तिक ने परीक्षा पास कर ली है, जिसे केरल विश्वविद्यालय के बीए इतिहास पाठ्यक्रम में दाखिला मिल गया है. अब तक, ट्रांसजेंडर समुदाय के कुल 39 लोगों ने 10वीं कक्षा के समकक्ष पाठ्यक्रम पास किया है और वर्तमान में 30 लोग इस पाठ्यक्रम में पढ़ रहे हैं. विज्ञप्ति में कहा गया, "उच्चतर माध्यमिक समकक्षता पाठ्यक्रम में 62 ट्रांसजेंडर लोग हैं."

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केंद्र सरकार विशेष कार्ड बनाने पर कर रही विचार
इससे पहले खबर आई थी कि केंद्र सरकार ट्रांसजेंडर लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष कार्ड बनाने पर विचार कर रही है. सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर लोगों के लिए हाल ही में गठित राष्ट्रीय परिषद में शामिल एक सदस्य ने इस बात की जानकारी दी कि इस कार्ड की मदद से उन्हें अनेक सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी. केंद्र सरकार ने अगस्त में ‘ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय परिषद’ (एनसीटीपी) का गठन किया था, जिसका उद्देश्य समुदाय के सदस्यों के संबंध में नीतियां, कार्यक्रम, मसौदा विधेयक और परियोजनाएं तैयार करना है.

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एनसीटीपी की पहली बैठक पिछले गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई. इसकी अध्यक्षता सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कही. परिषद में पूर्वी क्षेत्र की ओर से प्रतिनिधि और ट्रांसजेंडर सदस्य मीरा परीदा ने कहा कि घंटे भर चली बैठक में समुदाय के सामने आने वाले अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई.



उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एक ट्रांसजेंडर पहचान पत्र जारी करने पर भी विचार चल रहा है, जो उन्हें समुदाय के लिए सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ेगा. योजना को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन पहचान पत्र को लेकर बातचीत चल रही है.’’
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