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हेलीकॉप्टर क्रैश में बचाव दल के सभी 20 लोगों की मौत

गौरीकुंड के पास कल बचाव कार्य के दौरान वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में इसमें सवार सभी 20 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटनास्थल के दौरे के बाद वायुसेनाध्यक्ष ने इन सभी की मौत की पुष्टि की।

गौरीकुंड के पास कल बचाव कार्य के दौरान वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में इसमें सवार सभी 20 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटनास्थल के दौरे के बाद वायुसेनाध्यक्ष ने इन सभी की मौत की पुष्टि की।

गौरीकुंड के पास कल बचाव कार्य के दौरान वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में इसमें सवार सभी 20 लोगों की मौत हो गई है ...अधिक पढ़ें

    देहरादून। खराब मौसम ने उत्तराखंड त्रासदी को और भयानक मंजर में बदल दिया है। पीड़ित लोगों को बचाने में लगे हेलीकॉप्टर ही खराब मौसम की चपेट में आ रहे हैं। गौरीकुंड के पास कल बचाव कार्य के दौरान वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में इसमें सवार सभी 20 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटनास्थल के दौरे के बाद वायुसेनाध्यक्ष एन ए के ब्राउन ने इन सभी की मौत की पुष्टि की। ये हेलीकॉप्टर कल गोचर में क्रैश हुआ था।

    भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद उसमें मौजूद रहे सभी लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। यह जानकारी एयर चीफ मार्शल एन ए के ब्राउने ने दी। ब्राउने ने कहा कि सभी 20 शव बरामद कर लिए गए हैं और विमान के कॉकपिट का वॉइस रिकॉर्डर भी मिला है।

    उन्होंने कहा कि विमान के कॉकपिट के वॉइस रिकॉर्डर के विश्लेषण के बाद ही हम घटना के वास्तविक कारणों का पता लगा सकेंगे। उनके मुताबिक, मौसम साफ होने के बाद बचाव कार्य अगले दो-तीन दिन में पूरा हो जाएगा। उन्होंने एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में वायु सेना, इंडो-तिब्बतन सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के शहीद होने पर संवेदना प्रकट की। इस घटना में एनडीआरएफ के नौ, आईटीबीपी के छह और वायु सेना के पांच अधिकारी शहीद हुए हैं।


    एमआई-17 हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य में लगा था तभी हादसे का शिकार हो गया। मरने वालों और जख्मी लोगों में वायुसेना के तीन अफसर भी शामिल हैं। हेलीकॉप्टर का कॉकपिट वायसओवर बरामद हो गया है और इसे जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा जा रहा है। हादसे के शोक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राज्य में एक दिन की छुट्टी घोषित की है। इसके साथ ही मरने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।

    इस दर्दनाक हादसे में मारे गए वायु सैनिकों के नाम भी पता चल गए हैं। वायु सेना के सूत्रों के अनुसार इस एमआई 17 हेलीकॉप्टर के पायलट विंग कमांडर डैरिल कैस्टेलिनो, सह पायलट फ्लाइट लेफ्टीनेंट के प्रवीण, फ्लाइट लेफ्टीनेंट तपन कपूर, जूनियर वारंट आफिसर ए के सिंह और सार्जेंट सुधाकर यादव की मौत हो गई। इन सभी के शव मलबे से बरामद हुए हैं।

    कल बताया जा रहा था कि हादसे में 9 लोग मारे गए हैं जबकि 10 जख्मी हैं। लेकिन आज एयर चीफ मार्शल एन ए के ब्राउन ने साफ कर दिया कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी 20 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन के मुताबिक हादसे का शिकार हुए हेलीकॉप्टर ने गौचर से उड़ान भरी थी। इसके बाद ये हेलीकॉप्टर केदारनाथ से राहत और बचाव के काम से वापस लौट रहा था।

    कल भरी थी उड़ान
    इस हेलीकॉप्टर ने कल दोपहर साढ़े बारह बजे केदारनाथ से उड़ान भरी थी और इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल एनडीआरएफ के नौ और भारत तिब्बत सीमा पुलिस के छह जवान सवार थे। ये राहतकर्मी केदारनाथ से सभी पीड़ितों को निकालने के प्रयास पूरे होने के बाद वहां से लौट रहे थे कि उनका हेलीकॉप्टर गौरीकुंड से करीब सात किलोमीटर दूर पहाड़ पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

    बादलों में फंसने से हादसा!
    सूत्रों के अनुसार हादसे से पहले हेलीकॉप्टर के पायलट से किसी प्रकार की राहत मांगने का संदेश नहीं मिला था जिससे संकेत मिलता है कि मशीन में कोई खराबी नहीं आई होगी और बहुत संभावना है कि बादलों में फंसने या दृश्यता कम होने से ही यह हादसा हुआ होगा। वायुसेना ने गरूड़ कमांडो के साथ उन्नत हल्के हेलीकाप्टर को भेजा था। इन कमांडो ने रस्सी के सहारे मलबे के पास उतरकर मौके का मुआयना किया तो उन्हें वहां इनके शव दिखाई दिए।

    गौरतलब है कि राहत और बचाव के दौरान एक हफ्ते में ये दूसरा हेलीकॉप्टर हादसा है। इससे पहले रविवार को भी रुद्रप्रयाग में एक प्राइवेट हेलीकॉप्टर राहत का सामान पहुंचाते वक्त गिर गया था।





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    Tags: Helicopter crash

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