लाइव टीवी

OPINION: ...तो अब अस्त हो चुका है बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं का 'सियासी सूरज'

D P Satish | News18Hindi
Updated: November 26, 2018, 1:50 PM IST
OPINION: ...तो अब अस्त हो चुका है बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं का 'सियासी सूरज'
खनन कारोबारी गली जनार्दन रेड्डी रोड शो करते हुए

साल 2006 में पैसों के बल पर रेड्डी भाईयों ने कर्नाटक में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया. जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी के साथ मिलकर इन्होंने कांग्रेस की सरकार गिरा दी

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2018, 1:50 PM IST
  • Share this:
दो साल पहले नोटबंदी के ठीक आठ दिन बाद कर्नाटक के पूर्व मंत्री और खनन कारोबारी गली जनार्दन रेड्डी की बेटी की शादी शायद ही कोई भूला हो. 16 नवंबर 2016 को हुई इस आलीशान शादी में पचास हज़ार गेस्ट को न्योता दिया गया था. बताया गया कि इस शादी में 50 करोड़ से लेकर 500 करोड़ तक खर्च किए गए. लोग इस बात को लेकर हैरान थे कि आखिर नोटबंदी के दौरान शादी में इतने पैसे कैसे खर्च किए गए.

इस आलीशान शादी के जरिए जनार्दन रेड्डी ने ये दिखाने की कोशिश की थी कि वह फिर से सियासी मंच पर आ गए हैं. वह कुछ ही दिन पहले भ्रष्टाचार के आरोप में तीन साल तक जेल में बिताकर लौटे थे. हालांकि अब ऐसा लग रहा है कि उनकी वापसी योजना के मुताबिक नहीं हुई. सत्ता पलटते ही वो मुश्किल में आ गए.

बेल्लरी सीट पर उपचुनाव में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की जीत हुई. 14 साल बाद बीजेपी यहां की सत्ता से उखड़ गई. इस करारी हार के बाद अगले दिन ही जनार्दन रेड्डी गायब हो गए. बाद में पता चला कि 500 करोड़ के पॉजी स्कीम घोटाले के वह आरोपी हैं और पुलिस के डर से वह अपने घर में छुपे थे.

जनार्दन रेड्डी को 11 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि 3 दिन बाद उन्हें ज़मानत मिल गई. जनार्दन रेड्डी के दो भाई फिलहाल बीजेपी के विधायक हैं और वो भी विवादों में घिरे रहे हैं. 1999 में राजनीतिक मंच पर आने के बाद से ही रेड्डी का परिवार विवादों में रहा है.



रेड्डी भाइयों का जन्म बेल्लारी में हुआ. उनके पिता पुलिस में सिपाही थे. रेड्डी का छोटा सा बिजनेस था. ये परिवार 1999 में उस वक्त सुर्खियों में आया जब बेल्लारी में लोकसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी और सुषमा स्वराज की भिड़ंत हुई थी.

राजनीतिक हवा को भांपते हुए इन भाइयों ने सुषमा स्वराज का साथ दिया. सोनिया गांधी की यहां से भले जीत हुई, लेकिन केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी.

माइनिंग माफिया
इस बीच 2008 बीजिंग ओलंपिक के चलते चीन में कच्चे लोहे की मांग बढ़ गई. बेल्लारी बंधुओं को इसका काफी फायदा मिला. इसके बाद रेड्डी भाई यहां के 'माइनिंग माफिया' बन गए. यहां के आस-पास के ज़िलों में इनका ही खौफ था.

साल 2006 में पैसों के बल पर रेड्डी भाइयों ने कर्नाटक की सियासत में एक तरह से तूफान ला दिया. जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के साथ मिलकर इन्होंने कांग्रेस की सरकार गिरा दी. जनार्दन रेड्डी एमएलसी बन गए और उनके दोस्त बी श्रीरामुलु को मंत्री पद मिला.

बेल्लारी ज़िले में काफी संख्या में आदिवासी रहते हैं. ऐसे में इन्हें रिझाने के लिए श्रीरामुलु को सामने लाया गया. हालांकि सत्ता की असली चाभी रेड्डी भइयों के पास ही थी. साल 2008 में उन्होंने पांच निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ बीजेपी को समर्थन दे दिया. बीजेपी की सरकार बनी. बीएस येदियुरप्पा सीएम बने और जनार्दन रेड्डी को टूरिज्म और इन्फ्रास्ट्रक्चर मंत्री बनाया गया.

जब मुश्किल में घिरे रेड्डी
जुलाई 2011 में लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने बेल्लारी में अवैध खनन पर रिपोर्ट सौंपी. इसमें कहा गया कि साल 2006 से 2010 के बीच अवैध खनन के चलते सरकार को 16000 करोड़ का नुकसान हुआ है. रिपोर्ट में जनार्दन रेड्डी के साथ-साथ येदियुरप्पाऔर 800 अधिकारियों के नाम सामने आए.

इस बीच राज्य में बीजेपी की सरकार गिर गई. जनार्दन रेड्डी पर अवैध तरीके से 5000 करोड़ रुपये की कमाई का आरोप लगा. ऐसे में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे, जिसके चलते तीन साल तक उन्हें जेल में रहना पड़ा.

जेल से बाहर आने के बाद वह एक बार फिर बीजेपी में शामिल हो गए. इसी साल विधानसभा चुनाव में जनार्दन रेड्डी के दो भाइयों को जीत मिली. हालांकि बेल्लारी में बीजेपी हार गई. इस जिले में कांग्रेस को 9 में पांच सीटों पर जीत मिली.

चुनाव के बाद सरकार बनाने की कोशिशों के दौरान जनार्दन रेड्डी का एक ओडियो टेप आया, जिसमें वो एक एमएलए को रिश्वत देने की पेशकश कर रहे थे. हालांकि यह सारी कोशिशें असफल साबित हुई और कर्नाटक में शपथ ग्रहण के महज 56 घंटे बाद बीजेपी की सरकार गिर गई.

इस घटना के थोड़े दिन बाद तक वो शांत रहे, लेकिन जैसे ही वो बेल्लारी के लिए उपचुनाव की घोषणा हुई एक बार फिर से जनार्दन रेड्डी सामने आ गए. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ज़िले में जाने से मना किया तो उन्होंने पड़ोसी ज़िलों से प्रचार किया.

बाद में जनार्दन रेड्डी को 11 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया, यहां के लोगों का कहना है कि रेड्डी भाइयों का सियासी सूरज अस्त हो गया है.

ये भी पढ़ें: तेजप्रताप यादव को अदालत में जवाब देगा ऐश्वर्या राय का परिवार

सिद्धू ने 'दोस्त' इमरान को दिया करतारपुर कॉरिडोर का क्रेडिट, बोले- पाकिस्तान से आया बुलावा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 26, 2018, 1:16 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर