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बेंगलुरु: लॉकडाउन में आदिवासी महिलाओं को बंधक बनाकर किया गैंगरेप, पुलिस ने जंगल से किया रेस्क्यू

बिहार के पूर्णिया में नाबालिग लड़की से युवकों ने किया गैंगरेप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बिहार के पूर्णिया में नाबालिग लड़की से युवकों ने किया गैंगरेप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दोनों महिला मजदूरों को एक मानव तस्कर अक्टूबर 2019 में दिल्ली ले गया था. वहां से कोई दूसरा व्यक्ति दोनों को 9000 रुपये प्रति माह पगार पर नौकरी दिलाने के नाम पर बेंगलुरु में एक केमिकल फैक्ट्री में ले गया. इस केमिकल फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर की तरह दोनों से काम लिया गया.

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बेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बंधक बनाकर गैंगरेप का शिकार हुई दो आदिवासी महिलाओं को आखिरकार रेस्क्यू कर लिया गया है. लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के दौरान घटी इस घटना के बाद दोनों आदिवासी महिलाएं अपनी जान बचाने के लिए जंगल में छिपी हुई थीं. बेंगलुरु पुलिस ने दोनों को वहां से खोज निकाला. ये दोनों महिलाएं झारखंड के दुमका की रहने वाली थीं और बेंगलुरु में मजदूरी करती थीं. पुलिस के मुताबिक, दोनों को बंधक बनाकर रखा गया था, जहां उनके साथ गैंगरेप हुआ और पिटाई भी की गई. इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

क्या है पूरा मामला?
अंग्रेजी अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन से पहले दोनों महिला मजदूरों को फैक्ट्री से निकाल दिया गया. दोनों के साथ बच्चे भी थे. सभी दाने-दाने को मोहताज हो गए. लॉकडाउन हो जाने के कारण दोनों अपने घर दुमका भी नहीं आ सकते थे. तब बेंगलुरु में एक ठेकेदार ने दोनों को एक निर्माणाधीन मकान में रखा.

आरोप है कि यहां ठेकेदार और दो अन्य लोगों ने मिलकर उनका गैंगरेप किया. बेंगलुरु की कर्नाटक जनशक्ति और स्टेंडर्ड वर्कर्स एक्शन नेटवर्क (स्वान) संगठन की पहल पर यह मामला सामने आया था.
2019 में दिल्ली ले गया था मानव तस्कर


खबर के मुताबिक, दुमका जिला की दोनों महिला मजदूरों को एक मानव तस्कर अक्टूबर 2019 में दिल्ली ले गया था. वहां से कोई दूसरा व्यक्ति दोनों को 9000 रुपये प्रति माह पगार पर नौकरी दिलाने के नाम पर बेंगलुरु में एक केमिकल फैक्ट्री में ले गया.

इस केमिकल फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर की तरह दोनों से काम लिया गया. वहां उनसे 15 घंटे प्रतिदिन काम कराया गया और मात्र 200 रुपये प्रति सप्ताह के दर पर मजदूरी दी गई.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर हुई कार्रवाई
झारखंड जनाधिकार महासभा नामक संगठन ने टि्वटर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दुमका की दोनों आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे शोषण की जानकारी दी थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया.

उसके बाद बेंगलुरु के कुम्बालागोडु पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज हुई और छानबीन के बाद इस मामले में तीनों आरोपियों की गिर‌‌फ्तारी हुई. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

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