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सियाचिन: 15 दिन में दूसरा हिमस्खलन, बर्फ में दबने से दो जवान शहीद

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Updated: November 30, 2019, 6:49 PM IST
सियाचिन: 15 दिन में दूसरा हिमस्खलन, बर्फ में दबने से दो जवान शहीद
दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर में हिमस्खलन के बाद सेना के 2 जवान शहीद

दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर (Southern Siachen Glacier) में शनिवार को आए हिमस्‍खलन (avalanche) में दबने से दो जवान शहीद हो गए. जबकि अन्‍य जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

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  • Last Updated: November 30, 2019, 6:49 PM IST
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नई दिल्‍ली. दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर (Southern Siachen Glacier) में लगभग 18,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित सेना का गश्ती दल शनिवार को हिमस्खलन (avalanche) की चपेट में आ गया. इसमें सेना (Indian Army) के दो जवान शहीद हो गए.

तूफान के बाद एवलांच रेस्‍कयू टीम (एआरटी) तुरंत हरकत में आई और सेना के पेट्रोलिंग पार्टी के ज्‍यादातर जवानों को बाहर निकाले में कामयाब रही. हेलीकॉप्टर के जरिए जवानों को सुरक्षा स्‍थान पर पहुंचाया गया. हालांकि सभी प्रयासों के बाजवूद दो जवानों की जान नहीं बचाई जा सकी.



बर्फ में दबने से 4 जवानों समेत 6 की मौत
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अभी कुछ दिन पहले ही दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर (Siachen Glacier) में हुए एक हिमस्खलन (Avalanche) की चपेट में आने से सेना के 4 जवान शहीद हो गए थे. बर्फ में दबने से 2 नागरिकों की भी मौत हो गई. सेना के अधिकारियों (Army Officers) ने बताया कि जिस इलाके में यह दुर्घटना हुई, वह जगह 19,000 फीट या उससे ज्यादा ऊंचाई पर है.

भारतीय सेना ने बताया कि 19 नवंबर को 8 सदस्यों की पेट्रोलिंग टीम तूफान में फंसी थी. इन 8 लोगों में से 7 बुरी तरह से घायल थे, जिन्हें तुरंत ही मेडिकल दल के साथ हेलिकॉप्टर से पास के हॉस्पिटल में भेजा गया. लेकिन 6 लोगों की मौत हो गई. इन 6 लोगों में से 4 सैनिक और 2 कुली थे. इन सभी की मौत जबरदस्त हाइपोथर्मिया (Hypothermia) के चलते हुई. हाइपोथर्मिया (अल्पताप) शरीर की वह स्थिति होती है जिसमें तापमान, सामान्य से कम हो जाता है.

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First published: November 30, 2019, 6:04 PM IST
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