PoK में जासूसी का आरोप लगा गिरफ्तार किये गये कश्मीरी युवक, परिवारों ने की छोड़ने की अपील

PoK में जासूसी का आरोप लगा गिरफ्तार किये गये कश्मीरी युवक, परिवारों ने की छोड़ने की अपील
पाकिस्तानी मीडिया ने दोनों युवकों का वीडियो दिखाया था (सांकेतिक फोटो)

पाकिस्तान मीडिया (Pakistan Media) ने दो कश्मीरी युवकों (Kashmirir Youth)-फिरोज अहमद लोन और नूर मोहम्मद वानी को अचौरा, गुरेज़, बांदीपोरा में हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो (Video) दिखाया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 13, 2020, 11:32 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों (Pakistani security forces) के गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan) में नियंत्रण रेखा से लगे एक इलाके से भारत के लिए जासूसी करने के आरोप में दो कश्मीरी युवकों (Kashmir Youth) को गिरफ्तार किए जाने के बाद, उनके परिवारों ने कहा है कि दोनों 2018 से गायब थे और परिवारों ने उनकी रिहाई की अपील की है.

पाकिस्तान मीडिया (Pakistan Media) ने दो कश्मीरी युवकों (Kashmirir Youth)-फिरोज अहमद लोन और नूर मोहम्मद वानी को अचौरा, गुरेज़, बांदीपोरा में हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो (Video) दिखाया था. दोनों की ही आंखों पर पट्टी बांधकर उनकी मीडिया के साथ बात कराई गई थी.

एक युवक के पिता ने बताया कि 2018 से ही गायब था उनका बेटा
एक वीडियो संदेश में, फ़िरोज़ के पिता अब्दुल रहीम लोन ने कहा, "मेरा बेटा 2018 से गायब है. और अब पाकिस्तान सेना दावा कर रही है कि वह एक भारतीय जासूस है. मैं दोनों सरकारों से अपने बेटे को छोड़ने की अपील करता हूं.”
नूर के एक रिश्तेदार बशीर अहमद वानी ने कहा कि उनका भतीजा कभी जासूस नहीं था और उसे नहीं पता कि वह एलओसी (LoC) के पार कैसे गया. उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि उन्हें ऐसा बयान देने के लिए मजबूर किया गया है. मैं भारत और पाकिस्तान की सरकारों से दुआ जारी करने की अपील करता हूं.”



भारत की ओर से कहा गया, युवकों के जासूसी गतिविधि में शामिल होने का कोई रिकॉर्ड नहीं
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि गिलगित के SSP राजा मिर्जा हसन ने बताया कि दोनों को जबरन जासूसी के लिए पाकिस्तान भेजा गया था और गिलगित-बाल्टिस्तान में नियंत्रण रेखा पार करने के तुरंत बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

बांदीपोरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राहुल मलिक ने कहा कि फिरोज अहमद लोन की गुमशुदगी की रिपोर्ट 2018 में दर्ज की गई थी. एसएसपी ने कहा कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जो यह बताता हो कि दोनों किसी भी जासूसी गतिविधि में शामिल थे.

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन के चलते केरल में फंसी लाइबेरिया की महिला,बेटे का इलाज कराने आई थी भारत
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज