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देश में 2.24 लाख लोगों को लगी वैक्सीन, सिर्फ 447 में दिखे साइड इफेक्ट: सरकार

देश में अब तक 2.24 लाख लोगों को टीका लग चुका है (सांकेतिक तस्वीर)
देश में अब तक 2.24 लाख लोगों को टीका लग चुका है (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Vaccination: 16 और 17 जनवरी को (टीका लगाने पर) प्रतिकूल प्रभाव के कुल 447 मामले सामने आएं, जिनमें से तीन मामलों में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी. अब तक ज्यादातर मामलों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी जैसी स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्याएं देखने को मिली हैं.

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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान (Nationwide Vaccination Program) शुरू होने के दूसरे दिन रविवार को कहा कि अब तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका (Covid-19 Vaccine) लगाया गया है. इनमें से सिर्फ 447 लोगों पर ही इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के मामले सामने आये हैं. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इन 447 मामलों में सिर्फ तीन में टीका लगवाने वाले व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी है.

अगनानी ने कहा, ‘‘आज रविवार होने के चलते, सिर्फ छह राज्यों ने कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान चलाया और 553 सत्रों में कुल 17,072 लाभार्थियों को टीका लगाया गया. ’’ उन्होंने बताया कि रविवार को जिन छह राज्यों ने टीकाकरण अभियान चलाया उनमें आंध्र प्रदेश (308 सत्र), अरूणाचल प्रदेश (14 सत्र), कर्नाटक (64 सत्र), केरल (एक सत्र), मणिपुर (एक सत्र) तथा तमिलनाडु (165 सत्र) शामिल हैं. उन्होंने बताया कि 17 जनवरी तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को टीका लगाया गया है. इनमें से 2,07,229 लोगों को टीकाकरण अभियान के पहले दिन (शनिवार को) टीका लगाया गया था.

दुनिया में सर्वाधिक लोगों को लगाई गई वैक्सीन
टीकाकरण अभियान के पहले दिन देश में जितने लोगों को टीका लगाया गया वह दुनिया में सर्वाधिक है. उन्होंने कहा, ‘‘यह अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस में एक दिन में लगे टीके की तुलना में ज्यादा है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘16 और 17 जनवरी को (टीका लगाने पर) प्रतिकूल प्रभाव के कुल 447 मामले सामने आएं, जिनमें से तीन मामलों में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी. अब तक ज्यादातर मामलों में बुखार, सिरदर्द, उल्टी जैसी स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्याएं देखने को मिली हैं. ’’



अगनानी ने कहा कि टीका लगाए जाने के बाद जिन तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था उनमें से दो को उत्तर रेलवे अस्पताल और एम्स दिल्ली से छुट्टी दे दी गई है और एक व्यक्ति एम्स ऋषिकेश में निगरानी में है और उसकी हालत ठीक है.

अभियान की प्रगति की होगी समीक्षा
अगनानी ने कहा कि टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव (एईएफआई) अप्रत्याशित चिकित्सा घटना है और इसका संबंध टीका या टीकाकरण की प्रक्रिया से नहीं भी हो सकता है.

अगनानी ने कहा कि कुछ एईएफआई मामलों में अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता है और इस तरह के मामलों में टीकाकरण स्थल पर ही इसकी रिपोर्टिंग, तुरंत इसका प्रबंधन प्रोटोकॉल मौजूद है और इस तरह के मामलों में लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराए जाने की व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए, अड़चनों का पता लगाने और सुधारात्मक कार्य की योजना बनाने को लेकर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ रविवार को एक बैठक की गई.

उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान आंध्रप्रदेश में एक हफ्ते में छह दिनों तक चलेगा जबकि मिजोरम में एक हफ्ते में पांच दिन चलेगा.

इसके अलावा अलग-अलग राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में यह हफ्ते में दो दिनों से लेकर चार दिनों तक चलेगा.

भारत में दो टीकों के आपात उपयोग की मंजूरी दी गई है, जिनमें एक टीका भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन है, जबकि दूसरा टीका, कोविशील्ड, ऑक्सफोर्ड/सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है.
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