मुद्रा शिशु लोन के तहत मोरेटोरियम का लाभ लेने वालों को नहीं मिलेगी ब्याज पर 2 फीसदी छूट

मुद्रा शिशु लोन के तहत मोरेटोरियम का लाभ लेने वालों को नहीं मिलेगी ब्याज पर 2 फीसदी छूट
मोरेटोरियम का विकल्प चुनने पर नहीं मिलेगा इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम का लाभ

2 फीसदी इंटरेस्ट सबवेंशन (Interest Subvention) का लाभ उन लेनदारों के लिए जून से शुरू होगा, जिन्होंने मोरेटोरियम (Loan Moratorium) का विकल्प नहीं चुन है. यह एक साल के लिए होगा. RBI ने पहले ही मोरेटोरियम की अवधि को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है.

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कोलकाता. मुद्रा शिशु लोन (Mudra Shishu Loan) वाले उन लेनदारों को कोविड-19 पैकेज के तहत 2 फीसदी के इंटरेस्ट सबवेंशन (Interest Subvention) का लाभ नहीं मिलेगा, जो अपने मौजूदा कर्ज पर मोरेटोरियम (Loan Moratorium) का लाभ ले रहे हैं. इस कर्ज का रिपेमेंट करने के बाद ही उन्हें इंटरेस्ट सबवेंशन का लाभ मिल सकेगा. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने इस बारे में जानकारी दी है. 2 फीसदी इंटरेस्ट सबवेंशन का लाभ उन लोगों के लिए जून से लेकर अगले एक साल तक के लिए शुरू होगा, जो फिलहाल RBI मोरेटोरियम का लाभ नहीं ले रहे हैं. बता दें कि आरबीआई मोरेटोरिम पीरियड को 31 अगस्त के लिए बढ़ा दिया है.

मंत्रालय ने सिडबी को दिया निर्देश
वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा है कि बैंक, गैर-बैंकिंग संस्थान (NBFC) और माइक्रोफाइनेंस संस्थान (Microfinance Institutions) तब तक शिशु लोन पर ब्याज दरें नहीं बढ़ा सकते हैं, जब तक सबवेंशन स्कीम वैकल्पिक बना रहता है. मंत्रालय ने स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (Sidbi) को भी निर्देश दिया है कि मौजूदा कर्ज के रिपेमेंट के बाद ही लेनदारों का इसका लाभ दिया जाएगा. सिडबी ही नोडल ईकाई के तौर इस पैकेज का प्रबंधन कर रही है.

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जून तक 60 फीसदी लेनदारों ने नहीं लिया मोरेटोरियम का लाभ


बता दें कि जून के अंत तक करीब 50 से 60 फीसदी छोटे लेनदारों ने मोरेटोरियम का लाभ नहीं लेने का फैसला किया है. इसमें से अधिकतर पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, और पूर्वोत्तर राज्यों के लेनदार शामिल हैं.

क्या है इस स्कीम का लक्ष्य
इंटरेस्ट सबवेंशन का लक्ष्य है कि इन लेनदारों पर क्रेडिट कॉस्ट को घटा कर वित्तीय तनाव को कम किया जाए. मुूद्रा शिशु लोन के तहत लेनदारों को 50,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है. इसके लिए आउटस्टैंडिंग पोर्टफोलियम करीब 1.62 लाख करोड़ रुपये का है.

इस सुविधा का लाभ उन्हीं लोन पर लिया जा सकता है जो 31 मार्च 2020 तक एनपीए नहीं बने हैं. मंत्रालय ने कहा है कि जिस महीने में इसका लाभ लिया जाना है, उस महीने में लोन एनपीए नहीं बनना चाहिए. इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में भी इस बारे में जानकारी दी है.

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बता दें कि मई में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने मुद्रा शिशु लोन लेन वाले लेनदारों के लिए 2 फीसदी इंटरेस्ट सबवेंशन का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि था कि 50 हजार रुपये तक के लोन लेने वालों के लिए अगले 12 महीने तक 2 फीसदी का भुगतान करेगी. इसके लिए सरकार कुल 15,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी. वित्त मंत्री ने यह ऐलान 20.97 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज के बारे में जानकारी देते हुए किया था.
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