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हैदराबाद एनकाउंटर की SIT जांच की मांग उठी, सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं

News18Hindi
Updated: December 7, 2019, 11:59 PM IST
हैदराबाद एनकाउंटर की SIT जांच की मांग उठी, सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं
हैदराबाद एनकाउंटर पर उठते सवालों के बीच एनएचआरसी की टीम मामले की जांच के लिए घटनास्‍थल पर पहुंची.

अधिवक्ता एम एल शर्मा की ओर से दायर याचिका में मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व न्यायाधीशों की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) की जांच कराई जाए. वहीं वकील जी एस मणि और प्रदीप कुमार यादव द्वारा दायर एक अलग याचिका में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई.

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  • Last Updated: December 7, 2019, 11:59 PM IST
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नई दिल्ली. तेलंगाना (Telangana) में पशु चिकित्सक की सामूहिक दुष्कर्म (Hyderabad Gang Rape) के बाद हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए चार लोगों के एनकाउंटर (Hyderabad Encounter) में मारे जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को दो जनहित याचिकाएं दायर करके एसआईटी जांच और मुआवजे की मांग की गई. अधिवक्ता एम एल शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका में मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से मुठभेड़ की जांच कराई जाए. वहीं वकील जी एस मणि और प्रदीप कुमार यादव द्वारा दायर एक अलग जनहित याचिका में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई.

शर्मा ने याचिका में इस एनकाउंटर को ‘न्यायेत्तर हत्या’ करार दिया है और इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है. वहीं मणि और यादव द्वारा दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि कथित मुठभेड़ “फर्जी” थी और मांग की गई कि इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. शर्मा ने अपनी याचिका में कहा, ‘यह घटना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार एवं निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार) का स्पष्ट उल्लंघन करती है. दोषी साबित होने तक कोई भी व्यक्ति निर्दोष होता है.’

अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है
याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है. शर्मा ने अपनी याचिका में शुक्रवार की मुठभेड़ में मारे गए प्रत्येक आरोपियों के परिजनों को 20--20 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की है. मणि और यादव ने अपनी याचिका में कहा कि कोई भी निर्दोष महिला से दुष्कर्म और हत्या में शामिल आरोपियों का समर्थन नहीं करता. याचिका में कहा गया, “हालांकि, जांच एजेंसी और अधिकारी यहां तक कि पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी भी कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं और फर्जी मुठभेड़ कर कथित दुष्कर्म आरोपियों को मार रहे हैं...बिना अदालत के सामने सजा के लिये पेश किये जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.”

जया बच्चन और स्वाति मालीवाल के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग
वहीं शर्मा ने अपनी याचिका में गिरफ्तार आरोपियों की पुलिस हिरासत में न्यायेत्तर हत्या के लिए कथित तौर उकसाने और पुलिस पर दबाव बनाने को लेकर सपा सांसद जया बच्चन तथा दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है. शर्मा ने याचिका में कहा है कि यह पुलिस हिरासत में की गई हत्या है और इसलिए ‘इसमें संलिप्त सभी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए’ तथा सीबीआई द्वारा एसआईटी जांच के बाद कानून के मुताबिक मुकदमा चलाना चाहिए. बता दें कि तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार को कहा था कि आरोपी सुबह में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए.

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First published: December 7, 2019, 11:34 PM IST
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