परमाणु सहयोग पर आगे बढ़े भारत-अमेरिका, चीन को दिया सख्‍त संदेश, 2+2 वार्ता में हुए 5 समझौते

भारत, अमेरिका ने महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर दस्तखत किए (Photo-Twitter/Rajnath Singh)
भारत, अमेरिका ने महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर दस्तखत किए (Photo-Twitter/Rajnath Singh)

India-US 2+2 Meeting: भारत और अमेरिका के बीच परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बात हुई. इससे संबंधित एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 6:02 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और अमेरिका (Indian-America) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता (Defence Deal) किया जिससे अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डाटा और दोनों देशों के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति होगी. ‘टू प्लस टू’ वार्ता (2+2 मीटिंग) के तीसरे चरण के दौरान ‘बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट’ (Basic Exchange And Co-Operation Agreement) पर दोनों रणनीतिक भागीदारों के बीच दस्तखत ने द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य संबंधों को आगे और प्रगाढ़ करने का संकेत दिया है. दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बात हुई. इससे संबंधित एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए. यह समझौता ऐसे वक्त हुआ है जब पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में चीन के साथ भारत का गतिरोध (India-China Standoff) चल रहा है.




विदेश मंत्री एस जयशंकर (MEA S Jaishankar) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (American Forgien Secretary Mike Pompeo) और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर (Defence Secretary Mark T Espar) के साथ वार्ता की. दोनों पक्षों के शीर्ष सैन्य और रक्षा अधिकारिायें ने इसमें सहयोग दिया. ‘टू प्लस टू’ वार्ता में दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच पहले से कायम करीबी संबंधों को आगे और घनिष्ठ करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी हितों के व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.






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साझा बयान में ये बोले दोनों देशों के मंत्री
‘टू प्लस टू’ वार्ता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और अमेरिका के साथ बीईसीए समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है.' राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका के साथ सैन्य स्तर का हमारा सहयोग बहुत बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहा है, रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास के लिए परियोजनाओं की पहचान की गयी. रक्षा मंत्री ने कहा कि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए फिर से अपनी प्रतिबद्धता जताते हैं.

‘टू प्लस टू’ वार्ता के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री एस्पर ने कहा कि हमारा रक्षा सहयोग निरंतर बढ़ता रहेगा. वहीं अमेरिकी सचिव माइक पॉम्पियो ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच हमारे लोकतंत्रों और साझा मूल्यों की रक्षा के लिए बेहतर तालमेल है. गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की शहादत का जिक्र करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए अमेरिका, भारत के साथ खड़ा है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम भारत की संप्रभुता के खतरों से निपटने में उसके साथ खड़े हैं. पॉम्पियो ने कहा कि हम न कि सिर्फ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की चुनौती के मद्देनजर बल्कि संपूर्ण सुरक्षा खतरों से निपटने के लिये संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं.

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वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘टू प्लस टू’ वार्ता के बाद कहा हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा तालमेल में वृद्धि हुई है, हिन्द-प्रशांत हमारी चर्चा का एक केंद्र रहा

2002 से अब तक कई महत्वपूर्ण करार कर चुके हैं भारत-अमेरिका
रणनीतिक संबंधों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण ‘बीईसीए’ पर दस्तखत के साथ दोनों देशों के बीच चार अन्य हत्वपूर्ण करारों को अंतिम रूप दे दिया गया. दोनों देशों ने जनरल सिक्योरिटी ऑफ मिलिट्री इनफॉर्मेशन एग्रीमेंट (जीएसओएमआईए) पर 2002 में दस्तखत किए थे. रक्षा समझौता और प्रौद्योगिकी साझा करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत अमेरिका ने 2016 में भारत को ‘प्रमुख रक्षा सहयोगी’ का दर्जा दिया था. दोनों देशों ने 2016 में ‘लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ किया था.

भारत और अमेरिका ने 2018 में एक और महत्वपूर्ण करार किया था जिसे ‘कोमकासा’ कहा जाता है.

इन पांच समझौतों पर भारत-अमेरिका ने किए हस्ताक्षर:

1. Basic Exchange and Cooperation Agreement (BECA)
2. MoU for technical cooperation on earth sciences
3. Arrangement extending the arrangement on nuclear cooperation
4. Agreement on postal services
5. Agreement on cooperation in Ayurveda and Cancer research



बीईसीए के बारे में अधिकारियों ने कहा कि समझौते से भारत की गोपनीय भूस्थैतिक डाटा के साथ ही अन्य सैन्य अनुप्रयोगों के संबंध में सूचनाओं तक पहुंच होगी.
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