Vehicle Scrap Policy Explainer : आपका 20 साल पुराना वाहन अगर है फिट तो नहीं होगा डि-रजिस्‍टर

पुराना वाहन रि-रजिस्‍ट्रर कराकर चला सकेंगे

पुराना वाहन रि-रजिस्‍ट्रर कराकर चला सकेंगे

अगर आपका वाहन 20 साल पुराना हो चुका है लेकिन फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness) मिल गया है तो वाहन डि-रजिस्‍टर (De-Register) नहीं किया जाएगा, उसे आप चला सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 10:35 PM IST
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नई दिल्‍ली. नई  व्‍हीकल स्‍क्रैपिंग पॉलिसी (Vehicle Scrap Policy) लागू होने के बाद भी 20 साल पुराने वाहनों को सड़कों पर चलाया जा सकता है, बशर्ते वाहन को फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness) मिला हो, ऐसे वाहन डि-रजिस्‍टर (D-Register) नहीं किए जाएंंगे. हालांकि उसे रि-रजिस्‍टर (Re-Register) कराने के लिए पहले से कई गुना अधिक फीस जमा करनी होगी. इस नई पॉलिसी से विंटेज वाहनों को बाहर रखा गया है. उनके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport)  नए नियम बनाएगा. देश में 15 साल पुराने 17 लाख मीडियम और हैवी कॉमर्शियल वाहन हैं, जो बिना किसी फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं.

सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) में व्‍हीकल स्‍क्रैपिंग पॉलिसी से जुड़े एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि अगर आपका निजी वाहन 20 साल पुराना हो चुका है और आपने उसे मेंटेन कर रखा है, वो फिटनेस टेस्‍ट पास कर लेता है तो उसे डि- रजिस्‍टर नहीं किया सकता है. लेकिन दोबारा रजिस्‍टर कराने के लिए 5000 रुपये फीस देनी होगी. 15 साल पुराना वाहन दिल्‍ली-एनसीआर को छोड़कर दोबारा रि- रजिस्‍टर कराना होता है, जिसकी फीस अभी केवल 300 रुपये है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाएगा. पांच साल बाद यानी 20 साल पूरे होने पर दोबारा फिटनेस कराकर रि- रजिस्‍टर कराने में फिर से 5000 रुपये फीस देनी होगी.

कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस होगी 7500 रुपये

अभी कॉमर्शियल वाहन को आठ साल बाद प्रतिवर्ष फिटनेस कराना होता है. अभी फिटनेस फीस केवल 800 रुपये होती है. नई व्‍हीकल स्‍क्रैपिंग पॉलिसी के तहत फिटनेट फीस 7500 रुपये हो जाएगी. इस तरह कॉमर्शियल वाहनों को 15 साल तक कुल फिटनेस कराने में 52500 रुपये देने होंगे.
स्‍क्रैप के बाद नए  वाहन पर 10 फीसदी तक छूट

फेडरेशन ऑफ ऑटो मोबाइल्‍स डीलर्स एसोसिएशंस के अध्‍यक्ष विंकेश गुलाटी बताते हैं कि सरकार की नई पॉलिसी से आम लोगों को फायदा होगा. पुराने वाहनों का स्‍क्रैप कराने का सर्टिफिकेट लेने के बाद नए वाहन खरीदने में लोगों को सभी तरह की छूट मिलाकर करीब 10 फीसदी तक छूट मिल जाएगी. इस तरह पुराने वाहनों में होने वाला मेंटीनेंस खत्‍म हो जाएगा और प्रदूषण भी कम होगा. क्‍योंकि 15 से 20 साल पुराने वाहन बीएस 1,2,3 मानक के अनुसार हैं.

दो साल में पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत बराबर होगी



सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार अभी पेट्रोल और डीजल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक कार महंगी आती हैं. दो साल बाद डीजल, पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत लगभग एक बराबर हो जाएगी. व्‍हीकल स्‍क्रैप पॉलिसी लागू होने के बाद नए वाहनों की मांग बढ़ेगी, इसमें इलेक्ट्रिक कारें भी शामिल होंगी. मांग बढ़ने के साथ कीमत कम होगी.

15 साल पुराने वाहनों को चलाने में आने वाला खर्च

सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार 15 साल पुराना वाहन अगर रोजाना 15 किमी चलता है तो पांच साल  में 27500 किमी में आने वाला खर्च इस प्रकार होगा.

र‍ि-रजिस्‍ट्रेशन फीस 5000 रुपये

मेंटीनेंस 5000 रुपये प्रति वर्ष 25000 रुपये कुल

टायर रिप्‍लेसमेंट 12000 रुपये

फ्यूल में होने वाला खर्च 170000 रुपये

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