लाइव टीवी

Analysis: सोनिया गांधी ने जब से संभाली कमान, कांग्रेस के प्रदर्शन में दिखा शानदार उछाल

News18Hindi
Updated: December 23, 2019, 10:46 PM IST
Analysis: सोनिया गांधी ने जब से संभाली कमान, कांग्रेस के प्रदर्शन में दिखा शानदार उछाल
राहुल गांधी के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा देने और सोनिया गांधी के अंतरिम अध्‍यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है.

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने जबसे कांग्रेस (Congress) की कमान अपने हाथों में ली है, तब से पार्टी के प्रदर्शन में काफी उछाल देख गया है. झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे (Jharkhand Assembly Election Results 2019) भी इसी की बानगी पेश करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2019, 10:46 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का गठबंधन बहुमत का जादुई आंकड़ा पार करता दिख रहा है. अब तक आए रुझानों और नतीजों में सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के खाते में 12 सीटें जाती दिख रही हैं, जो कि पिछले चुनाव के मुकाबले छह सीटें ज्यादा हैं. इस नतीजे को एक तरह से पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व कुशलता से भी जोड़कर देखा जाना लाजिमी है. सोनिया गांधी ने जबसे पार्टी की कमान अपने हाथों में ली है, तब से पार्टी के प्रदर्शन में काफी उछाल देख गया है.

इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में 2004 के आम चुनाव के मुकाबले ज्‍यादा सीटें आई थीं. कांग्रेस ने 2009 में 206 संसदीय सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि इससे पिछले आम चुनाव में पार्टी को 145 सीटें ही मिली थीं. लोकसभा चुनाव 2009 की जीत का श्रेय राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दिया गया. खासकर यूपी (UP) में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 सीटों पर जीत दर्ज की थी. कहा गया कि राहुल के नेतृत्‍व में कांग्रेस (Congress) यूपी में फिर से खड़ी हो गई है. इसके बाद लोकसभा चुनाव 2014 से पहले 2013 में उन्‍हें पार्टी का उपाध्‍यक्ष बनाया गया. हालांकि, उनका जादू नहीं चला और नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्‍व में बीजेपी (BJP) अकेले दम पूर्ण बहुमत (Majority) हासिल करने में सफल रही.

राहुल के नेतृत्‍व में एक के बाद एक दो दर्जन से ज्‍यादा चुनाव हार गई कांग्रेस
राहुल गांधी के नेतृत्‍व में कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हारती गई. बावजूद इसके उन्हें दिसंबर 2017 में पार्टी अध्‍यक्ष (Congress President) बना दिया गया. साल 2019 तक कांग्रेस दो दर्जन से ज्‍यादा चुनाव हार चुकी थी. वहीं, लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में बीजेपी का प्रदर्शन पिछले आम चुनाव से भी बेहतर रहा. इसके बाद राहुल गांधी ने अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा दे दिया. एक बार फिर सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पार्टी की कमान सौंपी गई और उन्‍हें कांग्रेस का अंतरिम अध्‍यक्ष (Interim President) बनाया गया. वह 1998 से 2017 तक कांग्रेस अध्‍यक्ष रह चुकी थीं. कांग्रेस नेताओं को उम्‍मीद थी कि सोनिया के नेतृत्‍व में पार्टी हरियाणा (Haryana), झारखंड (Jharkhand) और महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Election) में अच्‍छा प्रदर्शन करेगी.

हरियाणा में 2014 की 15 सीट के मुकाबले 2019 में जीतीं 31 विधानसभा सीटें
सोनिया गांधी के अंतरिम अध्‍यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस ने सबसे पहले हरियाणा में शानदार प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्‍कर देते हुए राज्‍य की 90 में 31 सीटों पर जीत दर्ज की. कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2014 में हरियाणा की 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस हिसाब से देखा जाए तो कांग्रेस ने सोनिया गांधी के अंतरिम अध्‍यक्ष बनते ही प्रदर्शन में 200 फीसदी से ज्‍यादा का उछाल दर्ज किया. हालांकि, हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई. इसके बाद हुए महाराष्‍ट्र चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन 2014 के विधानसभा चुनाव से बहुत बेहतर तो नहीं रहा, लेकिन सोनिया गांधी की सूझबूझ के कारण पार्टी सत्‍ता में शामिल होने में सफल रही.

सोनिया गांधी 1998 में जब कांग्रेस अध्‍यक्ष बनी थीं, तब कांग्रेस की सिर्फ 3 राज्‍यों में सरकार थी.
महाराष्‍ट्र में शिवसेना के साथ मिलकर सत्‍ता में भागीदार बनने में हुई सफल
महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Election 2019) में राज्‍य की 288 सीटों में से कांग्रेस की झोली में 44 सीटें ही आईं, जो 2014 से महज 2 सीटें ही ज्‍यादा थीं. महाराष्‍ट्र में कांग्रेस के प्रदर्शन में तो बहुत बड़ा सुधार नहीं आया, लेकिन सहयोगी दल एनसीपी (NCP) की 54 सीटों और शिवसेना (Shiv Sena) की 56 सीटों के साथ राज्‍य में सरकार बनाने में सफल रही. बीजेपी 105 सीटों के साथ राज्‍य में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी सत्‍ता से बेदखल हो गई. दरअसल, मुख्‍यमंत्री पद को लेकर चुनाव पूर्व गठबंधन के सहयोगी दल शिवसेना से बीजेपी की बात नहीं बन पाई. इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ गठबंधन कर राज्‍य में सरकार बना ली और उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) मुख्‍यमंत्री बन गए.

झारखंड में कांग्रेस 12 सीट पर बनाए हुए है बढ़त, पिछली बार थीं 6 सीटें
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 (Jharkhand Assembly Election 2019) के लिए पांच चरणों में हुए मतदान के बाद आज सुबह मतगणना (Vote Counting) शुरू हो गई है. रुझानों में सत्‍तारूढ़ बीजेपी 31 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, कांग्रेस-जेएमएम-आरजेडी (Congress-JMM-RJD) 39 सीटों पर बढ़त बनाते हुए सबसे बड़े गठबंधन के तौर पर उभरा है. यहां फिर सोनिया गांधी की सियासी सूझबूझ के चलते कांग्रेस ने जेएमएम के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन कर लिया था. इसका कांग्रेस को भी फायदा मिलता नजर आ रहा है. झारखंड विधानसभा चुनाव 2014 में जहां पार्टी 6 सीट जीत पाई थी. वहीं, अब तक के रुझानों में पार्टी 12 सीट पर बढ़त बनाए हुए है. स्‍पष्‍ट है कि यहां भी कांग्रेस के प्रदर्शन में 200 फीसदी का उछाल आया है. बता दें कि 1998 में जब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष बनी थीं, तब सिर्फ तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी. इस वक्त छह प्रदेशों में या तो कांग्रेस की सरकार है या सरकार में शामिल है.

ये भी पढ़ें- 

झारखंड में हीरो बने हेमंत! कांग्रेस को भी भरोसे का मिला लाभ
झारखंड के मुस्लिम बहुल इलाकों में कैसा रहा बीजेपी का प्रदर्शन
झारखंड बना तीसरा राज्य, जहां BJP ने जीतीं सबसे ज्यादा सीटें, पर सत्ता दिखी दूर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 23, 2019, 7:23 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर