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चर्चा: क्या सचमुच वीके सिंह ने सीक्रेट फंड का दुरुपयोग किया?

चर्चा: क्या सचमुच वीके सिंह ने सीक्रेट फंड का दुरुपयोग किया?

एक फिर विवादों में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह हैं। सेना की एक उच्चस्तरीय जांच में जनरल सिंह की बनाई टेक्निकल सर्विस डिवीजन पर गंभीर आरोप लगे हैं।

  • News18India
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    नई दिल्ली। एक फिर विवादों में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह हैं। सेना की एक उच्चस्तरीय जांच में जनरल सिंह की बनाई टेक्निकल सर्विस डिवीजन पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपों के मुताबिक मिलिट्री इंटेलिजेंस की इस विंग ने सीक्रेट सर्विस फंड का दुरुपयोग किया। इस डिवीजन के जरिए न सिर्फ रक्षा मंत्रालय के अफसरों की जासूसी कराई गई, बल्कि जम्मू-कश्मीर की सरकार गिराने की भी साजिश रची गई। सेना ने ये जांच रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंप दी है और सीबीआई जैसी किसी संस्था से टेक्निकल सर्विस डिवीजन की जांच कराने की मांग की है। जबकि जनरल सिंह इसे मोदी के साथ मंच साझा करने का बदला बता रहे हैं।
    पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह का विवादों से पीछा छूटता ही नहीं। रेवाड़ी में नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करके चर्चा में आए जनरल वी के सिंह पर अब आरोप लगा है कि उन्होंने सेना के सीक्रेट सर्विस फंड का दुरुपयोग किया। सेना की टेक्निकल सर्विस डिवीजन के जरिए सीक्रेट सर्विस फंड से 1.19 करोड़ रुपये जम्मू-कश्मीर सरकार का तख्ता पलटने के लिए दिए गए। 2.38 करोड़ रुपये मौजूदा सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह के खिलाफ पीआईएल दाखिल करने के लिए दिए गए। 8 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय के अफसरों के फोन टैप करने वाले उपकरण खरीदने पर खर्च किए गए। टेक्निकल सर्विस डिवीजन के अफसरों की लंदन और दुबई की हवाई यात्राओं पर अनाप-शनाप खर्च हुए। मिलिट्री इंटेलिजेंस के तहत आने वाली इस डिवीजन का गठन जनरल सिंह ने ही 2010 में किया और ये सीधे उन्हें ही रिपोर्ट करती थी। जाहिर है ये सारे आरोप सीधे जनरल सिंह पर हैं।

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने जांच रिपोर्ट के हवाले से ये खबर दी। हालांकि अखबार को जनरल वी के सिंह ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन समचार एजेंसी पीटीआई से उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को नरेंद्र मोदी के साथ मेरा एक मंच पर आना बर्दाश्त नहीं हुआ है, उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ कि हम पूर्व फौजियों के हितों के लिए काम करें, सो उन्होंने मुझसे बदला निकालने के ये सब किया है। फिलहाल सेना की ये जांच रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय के पास है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों से जुड़ी है। सरकार इस मामले में समय पर फैसला लेगी और कार्रवाई करेगा। भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों इसके लिए सरकार उपाय करेगी।

    जाहिर है इस रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद ऐसे तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। आईबीएन7 के खास कार्यक्रम एजेंडा में इसी मुद्दे पर चर्चा में शामिल थे पूर्व डिप्टी आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ ले जनरल राज कादियान, बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी, कांग्रेस नेता मीम अफजल, अंग्रेजी अखबार डीएनए के ब्यूरो चीफ सैकत दत्ता और जनरल वी के सिंह के वकील विश्वजीत सिंह। (वीडियो देखें)


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