West bengal election 2021: यहां पढ़ें 2016 में क्या था हाल, 2021 में क्या हो सकते हैं मुद्दे

West bengal election 2021: यहां पढ़ें 2016 में क्या था हाल, 2021 में क्या हो सकते हैं मुद्दे
West bengal election 2021: 295 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए अप्रैल-मई 2021 तक चुनाव होने की संभावना है. इससे पहले जान लें कि राज्य में कौन किस स्थिति में हैं.

West bengal election 2021: 295 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए अप्रैल-मई 2021 तक चुनाव होने की संभावना है. इससे पहले जान लें कि राज्य में कौन किस स्थिति में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 22, 2020, 6:57 AM IST
  • Share this:
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की 295 सीटों वाली विधानसभा (2021 West Bengal Assembly Election) के लिए अगले साल अप्रैल-मई 2021 तक चुनाव होने की संभावना है. इस चुनाव के लिए दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. एक ओर जहां कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्स CPIM) (Congress CPIM) ने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाने का ऐलान कर दिया है तो वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में बड़े फेरबदल किए हैं. इतना ही नहीं टीएमसी ने राज्य में डिजिटल रैली भी शुरू कर दी है. इसके साथ ही बंगाल में ममता की सत्ता को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी कमर कस ली है.

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 18 सीटों पर कब्जा जमा लिया और  40.64 फीसदी वोट हासिल किए थे. साल 2014 के मुकाबले बीजेपी को बार 16 सीटों का फायदा हुआ. लोकसभा चुनाव में बीजेपी का वोट पर्सेटेंज 22.24 फीसदी बढ़ा जबकि टीएमसी के खाते में सिर्फ 3.48 फीसदी वोट ज्यादा गए. TMC को साल 2014  के मुकाबले 12 सीटें कम यानी सिर्फ 22 सीटें ही मिली. वहीं बात कांग्रेस की करें तो उसे वोट पर्सेंटेज 4.09 फीसदी गिरकर 5.67 फीसदी रह गया और सीटें भी घटकर सिर्फ 2 रह गईं. वहीं सीपीआईएम का वोट पर्सेंट 16.72 फीसदी गिरकर 6.34 फीसदी रह गया और सीटों की संख्या 2 कम होकर 0 रह गईं. ऐसे में अगर लोकसा चुनावों को आधार मानें तो मौजूदा ट्रेंड इस ओर इशारा करते हैं कि साल 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव की लड़ाई मुख्यतः टीएमसी और बीजेपी में ही है.

आइए एक नजर डालते हैं साल 2016 के चुनाव के आंकड़ों पर



साल 2016 के विधानसभा में चुनाव में कुल 65,93,9006 मतदाता पंजीकृत थे. जिसमें से 82.66 फीसदी यानी 54,50, 8172 ने मतदान किया था.
इस विधानसभा चुनाव में सभी दलों और निर्दलियों के मिलाकर 294 सीटों के लिए 1961 प्रत्याशी मैदान में थे जिसमें से 280 ने जीत दर्ज की जिसमें 241 पुरुष और 39 महिलाएं शामिल थीं और 1333 ऐसे प्रत्याशी थे जिनकी जमानत जब्त हो गई थी.

साल 2016 के बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी 291 (3 जीते), बसपा 161, सीपीआई 11 (1 जीते), सीपीएम 14 (26 जीते) 8, कांग्रेस 92 (44 जीते), एनसीपी 1, एआईएफबी 25 (2 जीते), टीएमसी 293 (211 जीते) और आरएसपी ने 19 सीट (3 जीते) पर चुनाव लड़ा था .

mamata banerjee amit shah west bengal election 2021

2021 में किस पर होगी नजर और क्या हो सकते हैं मुद्दे
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी और बीजेपी के बीच पर भबानीपुर (ममता बनर्जी), खरदहा (अमित मित्रा) बेहाला पश्चिम (पार्थ चटर्जी),बल्लीगुंगे (सुब्रत मुखर्जी), रासबेहारी (सोवनदब चट्टोपाध्याय), नंदीग्राम (सुवेंदु अधिकारी) की सीटों पर कड़ा मुकाबला हो सकता है.

वहीं जिलावार बात करें तो कूचबेहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, बर्दमान, बीरभूम में टीएमसी को कुल विधानसभा सीटों की 80 फीसदी से ऊपर सीटें मिली थीं, ऐसे में यहां भी टीएमसी और बीजेपी के बी कांटे की टक्कर हो सकती है.



साल 2021 के चुनाव के लिए अगर मुद्दों की बात करें तो एक ओर बीजेपी जहां CAA, संभावित NRC और राज्य में बढ़ रही हिंसा के साथ-साथ हालिया कोरोनावायरस में तमाम बदइंतजामियों का मुद्दा उठाएगी तो हीं टीएमसी CAA को मुस्लिम विरोधी बताते हुए बंगाली अस्मिता पर दांव चलेगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज