कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को मिला दुनिया का साथ, 7 मई को मदद के रूप में आए 2,060 ऑक्सीजन सांद्रक

मंत्रालय ने बताया कि 100 ऑक्सीजन सांद्रक शनिवार को दिल्ली से असम भेजे गए.

मंत्रालय ने बताया, ‘‘27 अप्रैल से सात मई 2021 तक भारत को 6608 ऑक्सीजन सांद्रक, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 14 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 4330 वेंटिलेटर/बाई पैप और तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक मिली है या यहां के लिए रवाना की गई है.’’

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    नई दिल्ली. भारत को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ), स्विट्जरलैंड, पोलैंड, नीदरलैंड और इजराइल से मदद के रूप में शुक्रवार को 2,060 ऑक्सीजन सांद्रक, 30 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक, 467 वेंटिलेटर और तीन ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र प्राप्त हुए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि भारत को 27 अप्रैल 2021 से ही अलग-अलग देशों से अंतरराष्ट्रीय चंदा और कोविड-19 सहायता, चिकित्सा आपूर्ति और उपकरण प्राप्त हो रहे हैं.

    मंत्रालय ने बताया, ‘‘27 अप्रैल से सात मई 2021 तक भारत को 6608 ऑक्सीजन सांद्रक, 3856 ऑक्सीजन सिलेंडर, 14 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, 4330 वेंटिलेटर/बाई पैप और तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुराक मिली है या यहां के लिए रवाना की गई है.’’

    भारत के साथ खड़ा है पूरा विश्व
    विश्व समुदाय की समर्थन के लिए प्रशंसा करते हुए सरकार ने कहा, ‘‘ भारत के प्रति एकजुटता और सद्भावना प्रकट करते हुए विश्व समुदाय ने कोविड-19 के खिलाफ भारत की इस साझी लड़ाई में मदद का हाथ बढ़ाया.’’ विज्ञप्ति में बताया गया कि सरकार ने प्रभावी तरीके से उपकरणों को आवंटित करने के लिए व्यवस्था बनाई है जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है.

    मंत्रालय ने बताया कि 100 ऑक्सीजन सांद्रक शनिवार को दिल्ली से असम भेजे गए. जबकि जर्मन सचल ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली जो 93 प्रतिशत शुद्धता के साथ 360 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने में सक्षम है, को आज सुबह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अस्पताल में पहुंचाया गया. इस प्रणाली में 420 लीटर ऑक्सीजन के भंडारण की व्यवस्था है. मंत्रालय के मुताबिक नीदरलैंड से प्राप्त वेंटिलेटर दिल्ली से तेलंगाना भेजे गए हैं.