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CBI ने कहा, 50 कोयला खदानों का आवंटन सही

सीबीआई के मुताबिक अब तक 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और सात मामलों में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
सीबीआई के मुताबिक अब तक 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और सात मामलों में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

सीबीआई के मुताबिक अब तक 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और सात मामलों में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

  • News18India
  • Last Updated: January 13, 2014, 4:10 PM IST
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नई दिल्ली। कोयला घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि उसे 50 कंपनियों को हुए आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। बाकी आवंटनों की जांच अभी जारी है। उधर इस मुद्दे पर कैबिनेट कमेटी की बैठक भी हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में राय बनी कि जिन खदानों में अब तक काम शुरू नहीं हुआ, उनका लाइसेंस रद्द करना बाजार के नजरिये से ठीक नहीं होगा।

सीबीआई के मुताबिक अब तक 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और सात मामलों में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। सीबीआई को गुम हुई 12 फाइलों की तलाश थी जिसमें से सात फाइलें सरकार ने उसके हवाले कर दी हैं। सीबीआई ने तत्कालीन कोयला सचिव पी सी पारेख की फाइल नोटिंग भी रिपोर्ट के साथ जमा की है। इस फाइल में एक निजी कंपनी के आवेदन को रद्द कर दिया गया है। लेकिन साथ में लिखा गया है कि इस मामले पर राजनीतिक तरीके से फैसला लिया जाएगा।

खास बात ये है कि सीबीआई की ये जांच 2006 से 2009 और 1993 से 2004 के दौरान हुए खदान आवंटनों के बारे में है। यानि सीबीआई ने अभी उस वक्त हुए आवंटनों की जांच नहीं की है जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कोयला मंत्री का पदभार संभाले हुए थे।



उधर कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर की बैठक भी सोमवार को हुई। इस बैठक में कोयला खदानों के आवंटन के बारे में भी चर्चा की गई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि उन कोयला खदानों के आवंटन का क्या होगा, जहां अब तक काम शुरू नहीं हुआ। कोर्ट ने ये टिप्पणी की थी कि इन खदानों का लाइसेंस रद्द होना चाहिए।
सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट कमेटी ने इस मुद्दे पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। सरकार इस पर जवाब देने के लिए कोर्ट से और वक्त मांग सकती है। लेकिन कमेटी में ये राय बनी है कि कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने से बाजार में अच्छा संदेश नहीं जाएगा। पर्यावरण और दूसरी जरूरी मंजूरी न मिलने की वजह से खदानों में काम नहीं शुरू हो पाया है। देश भर में ऐसी 29 खदानें हैं।

सीबीआई 1993 से लेकर 2011 तक हुए कोयला खदान आवंटन की जांच कर रही है। आरोप है कि नेताओं, अफसरों और निजी कंपनियों की मिलीभगत से मनमाने ढंग से कोयला खदानों का आवंटन कर दिया गया। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को होगी।

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