IIM अहमदाबाद में 22 छात्र कोरोना पॉजिटिव, IND vs ENG टी20 मैच देखने के बाद आए मामले

भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद

भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद

IIM Ahmedabad Coronavirus News: पीजीपी-2 के छात्रों ने कथित तौर पर यह आरोप लगाया है कि संस्थान ने ना तो कोरोना संक्रमित छात्रों को आइसोलेट किया और ना ही उन्हें 18-19 मार्च को हुई ऑफलाइन परीक्षा में शामिल होने से रोका.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 3:06 PM IST
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अहमदाबाद. कोरोना वायरस ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (IIMA) को भी अपनी जद में ले लिया है. यहां कोरोना के 22 नए मामले सामने आए हैं. बिजनेस मैंनेजमेंट की पढ़ाई के लिए यह संस्थान देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है. आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) के अधिकारियों ने दावा किया है कि 12 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी20 मैच देखने गए छात्रों के एक समूह के बाद कोरोना के मामले आने शुरू हुए.



आईआईएम अहमदाबाद के अधिकारियों ने 'मिरर' को बताया कि पहले सिर्फ पांच छात्र ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद अन्य छात्रों एवं शिक्षकों पर इसका असर पड़ा और अकेले 23 मार्च को उनमें से 11 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले. लेकिन इससे भी भयावह यह है कि संक्रमित छात्रों को आइसोलेशन में नहीं रखा गया. मिरर में प्रकाशित खबर के मुताबिक पीजीपी-2 के छात्रों ने कथित तौर पर यह आरोप लगाया है कि संस्थान ने ना तो कोरोना संक्रमित छात्रों को आइसोलेट किया और ना ही उन्हें 18-19 मार्च को हुई ऑफलाइन परीक्षा में शामिल होने से रोका. और यही वजह रही कि संस्थान में कोरोना के मामले अचानक से बढ़ गए और सभी के स्वास्थ्य को खतरे में डाला गया.



हालांकि आईआईएम अहमदाबाद (IIMA) ने इन गंभीर आरोपों को 'सफेद झूठ' बताते हुए खारिज किया है. आईआईएमए के अधिकारियों ने मिरर को इस बात की जानकारी दी थी कि 12 मार्च को पहला टी20 मैच देखने गए कुछ छात्र 16 मार्च को जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए. बीते 23 मार्च को संक्रमितों की संख्या 22 तक पहुंच गई, जिसमें से अधिकतर छात्र और कुछ कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं.



संस्थान ने ईमेल के जरिए जवाब देते हुए कहा है, "घटना की सच्चाई यह है, जैसे ही पॉजिटिव रिपोर्ट आई, वार्डन ऑफिस की तरफ से छात्रों को कॉल कर उन्हें बाहर निकलने से मना किया गया और क्वारंटाइन सेंटर जाने के लिए एक घंटे के भीतर अपने सामान के साथ तैयार रहने को कहा गया. एक घंटे के भीतर छात्रों को क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया और इसकी पुष्टि भी हमें मिल गई."


ईमेल में यह भी कहा गया है कि कोरोना संक्रमित किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने के लिए एग्जाम ऑफिस से इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने कहा, "कुछ कोरोना संक्रमित छात्रों ने निवेदन किया था कि उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए क्योंकि वे बेहतर अनुभव कर रहे हैं, लेकिन निवेदन को हमने तुरंत ही खारिज कर दिया." एक अधिकारी ने दावा किया कि सभी छात्रों के लिए संस्थान ने आरटी-पीसीआर टेस्ट के लिए मुफ्त व्यवस्था की है. अधिकारी ने कहा, "नए कोरोना केस के मद्देनजर जांचों की संख्या बढ़ाई गई है और पिछले 10 दिनों में संस्थान के पास चार टेस्टिंग कैम्प हैं."


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