मानसून सत्र में हंगामे के आसार, मोदी सरकार को घेरने के लिए 22 विपक्षी पार्टियां हुईं एकजुट

मानसून सत्र में हंगामे के आसार, मोदी सरकार को घेरने के लिए 22 विपक्षी पार्टियां हुईं एकजुट
14 सितंबर से मानसून सत्र शुरू किए जाने की बात कही गई है. (File Photo)

कोरोना (Corona) से लेकर चीन (China) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए जल्द ही देश की 22 विपक्षी पार्टियां एक वर्चुअल बैठक करने वाली हैं. विपक्षी पार्टियों की ये वर्चुअल बैठक 14 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले बुलाई जाएगी.

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  • Last Updated: August 28, 2020, 11:26 AM IST
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नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र (Monsoon session) बुलाए जाने की आहट के साथ ही विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार (Modi government) को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कवायद तेज कर दी है. कोरोना (Corona) से लेकर चीन (China) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए जल्द ही देश की 22 विपक्षी पार्टियां एक वर्चुअल बैठक करने वाली हैं. विपक्षी पार्टियों की ये वर्चुअल बैठक 14 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले बुलाई जाएगी.

बता दें कि विपक्षी पार्टियों ने 22 मई को भी इसी तरह की बैठक बुलाई थी, जिसमें कहा गया था कि मोदी सरकार कोरोना से निपटने में नाकाम रही है. इस दौरान देश में लगाए गए लॉकडाउन की भी आलोचना की गई थी. बैठक में सोनिया गांधी ने कहा था कि कोरोना को 21 दिन में खत्म करने का पीएम मोदी का दावा धराशायी हुआ और सरकार के पास लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है. बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को देश के साथ क्रूर मजाक बताया गया था.

विपक्षी दल मानसून सत्र से पहले होने वाली बैठक में कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए एक अभियान को शुरू करने की तैयारी में दिख रहे हैं. विपक्ष के नेताओं ने कोरोना महामारी के इस दौर में सरकार की विफलता की लिस्ट तैयार कर ली है, जिस पर केंद्र सरकार को अब घेरने की तैयारी है. बैठक की तैयारी कर रहे नेताओं का कहना है कि जिस संवैधानिक व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है, उसकी रक्षा करने की आवश्यकता और आर्थिक परेशानियों की पृष्ठभूमि में लोगों को तत्काल राहत देने की जरूरत है.



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विपक्षी पार्टी के नेता इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि दिल्ली में फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा में केंद्र और उसकी एजेंसियों ने पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर कैसे काम किया. कैसे सरकार ने असंतोष की आवाज को राष्ट्रविरोधी करार दिया. दिल्ली में सांप्रयिक हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई थी. अभी तक की खबर के मुताबिक कांग्रेस या सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार पर सवालों की झड़ी लगाएगी इसके बाद सभी पार्टियां एकजुट होकर अपना विरोध प्रदर्शन दिखाने की कोशिश करेंगी.
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