Home /News /nation /

यूपी में पराली जलाए जाने की 2200 से ज्यादा घटनाएं, शाहजहांपुर और मुथरा में सबसे अधिक मामले

यूपी में पराली जलाए जाने की 2200 से ज्यादा घटनाएं, शाहजहांपुर और मुथरा में सबसे अधिक मामले

उत्‍तर प्रदेश में पराली जलाए जाने की 2237 घटनाओं का जिक्र सामने आया है. (फाइल फोटो)

उत्‍तर प्रदेश में पराली जलाए जाने की 2237 घटनाओं का जिक्र सामने आया है. (फाइल फोटो)

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और यूपी के कुछ शहरों में वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ा हुआ है और किसानों द्वारा पराली जलाए जाने को इसकी मुख्य वजह बताई जा रही है. इस बीच अकेले उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में 12 नवंबर तक पराली जलाए जाने की 2200 घटनाएं दर्ज हुई हैं और पिछले साल की तुलना में कुछ जिलों में यह संख्या बढ़ी है. यूपी के मुख्य सचिव द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को लिखे गए लेटर में इस बात की जानकारी दी गई है. उत्‍तर प्रदेश के शाहजहांपुर और मथुरा जिले में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. मुख्य सचिव ने जिला मजिस्ट्रेट को लेटर लिखकर किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने को कहा है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्‍ली.  दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) और यूपी के कुछ शहरों में वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ा हुआ है और किसानों द्वारा पराली जलाए जाने को इसकी मुख्य वजह बताई जा रही है. इस बीच अकेले उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में 12 नवंबर तक पराली जलाए जाने की 2200 घटनाएं दर्ज हुई हैं और पिछले साल की तुलना में कुछ जिलों में यह संख्या बढ़ी है. यूपी के मुख्य सचिव द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को लिखे गए लेटर में इस बात की जानकारी दी गई है. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत यूपी के कुछ शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है.

दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए तुरंत प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिए हैं. News18 को मिली जानकारी के अनुसार, यूपी के मुख्य सचिव राकेश तिवारी द्वारा 15 नवंबर को लिखे गए लेटर में राज्य में 12 नवंबर तक पराली जलाए जाने की 2237 घटनाओं का जिक्र किया गया है. इन घटनाओं की पुष्टि सैटेलाइट इमेज से हुई है. इस वजह से दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी के कई शहरों में AQI (Air Quality Levels) खराब स्तर पर पहुंच गया है.

ये भी पढ़ें :  अमेरिका से 30 ‘प्रीडेटर’ ड्रोन खरीदेगा भारत, जल्द लगेगी 3 अरब अमेरिकी डॉलर के सौदे पर मुहर

ये भी पढ़ें :   तालिबानराज में मौत के साये में IMA प्रशिक्षित अफगान अधिकारी… क्या ‘कुछ करेगा’ भारत?

पिछले साल की तुलना में बढ़े मामले
इस लेटर के अनुसार, यूपी के शाहजहांपुर जिले में पराली जलाए जाने की सबसे ज्यादा 374 घटनाएं दर्ज हुई हैं जो कि पिछले साल की तुलना में 3 गुना अधिक है. जबकि दिल्ली-एनसीआर से लगे मथुरा जिले में 233 घटनाएं देखने को मिली है, यहां भी पिछली बार के मुकाबले 152 मामले अधिक हैं. वहीं अन्य जिलों, जिनमें पीलीभीत में 195 केस, रामपुर में 168 और खीरी में 131 घटनाएं दर्ज हुई हैं. वहीं गौतमबुद्ध नगर में अब तक पराली जलाए जाने के 17 मामले सामने आए हैं. इसके अलावा फतेहपुर (63) और सहारनपुर (52) समेत अन्य जिलों में भी ये घटनाएं दर्ज हुई हैं.

‘किसानों पर कानूनी कार्रवाई ना हो’
चीफ सेक्रेटरी ने अपने लेटर में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को लिखते हुए कहा कि, प्रदूषण पर नियंत्रण राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी घटनाओं को रोका जाए. इस मामले में उन्होंने किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने को कहा है. साथ ही किसानों को पराली के प्रबंधन के लिए जरूरी उपकरण मुहैया कराने का आदेश दिया है. ताकि चारे को जलाए जाने की बजाय उसका इस्तेमाल गौ शाला व अन्य स्थानों पर जरूरी काम के लिए किया जा सके. मुख्य सचिव ने राज्य के कई विभागों को पराली जलाए जाने की इन घटनाओं पर रोक लगाने को कहा है. साथ ही यह आदेश भी दिया है कि इसके लिए किसानों पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए.

Tags: Air pollution, Air quality index, AQI, Delhi-ncr, Stubble fires, Up govt

विज्ञापन
विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर