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किसानों पर मौसम की मार, नहीं बनेंगे 'होरियार'

इस बार बुंदेलखंड में होली के गीत नहीं सुनाई दे रहे हैं। इसकी वजह बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि है,जिससे बुंदेली किसानों के फसलों को काफी नुकसान हुआ है।

इस बार बुंदेलखंड में होली के गीत नहीं सुनाई दे रहे हैं। इसकी वजह बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि है,जिससे बुंदेली किसानों के फसलों को काफी नुकसान हुआ है।

इस बार बुंदेलखंड में होली के गीत नहीं सुनाई दे रहे हैं। इसकी वजह बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि है,जिससे बुंदेली किसानों के फसलों को काफी नुकसान हुआ है।

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    बांदा। 'फगुनइया तोरी अजब बहार, गोरी मचल रही नइहर मा' जैसे होली के गीत इस बार बुंदेलखंड में नहीं सुनाई दे रहे हैं और इसकी वजह है, हाल ही में हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बुंदेली किसानों के फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसान मुआवजे की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक पार्टियां उनकी फरियाद अनसुनी कर लोकसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं। इसी से निराश किसानों ने 'होरियार' नहीं बनने का फैसला किया है।

    प्राकृतिक आपदाओं का लगातार दंश झेल रहे बुंदेलखंड में रंगों के त्योहार होली के लोकगीत गांव-देहात की गलियों में भी सुनाई देते थे, लेकिन हाल ही में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से होली के 'रंग में भंग' पड़ गया है। प्राकृतिक आपदा से गेहूं, चना, मसूर जैसी फसलें खेत में खराब हो गई हैं।

    बांदा जिले के पनगरा गांव के किसान लाला यादव पुराने होरियार हैं। वह बताते हैं कि उनके पूरे गांव में इस बार होली गीत नहीं गाए जा रहे, किसान अपनी नष्ट फसल को देख कर बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि कई बार किसानों ने अपनी सूखी फसल के साथ जिला मुख्यालय जाकर मुआवजे की मांग की, लेकिन अधिकारी भी चुनाव तैयारी की वजह से कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं।

    तेन्दुरा गांव में रहने वाले बुजुर्ग होरियार बुलुआ दलित चार बीघा खेती योग्य भूमि के काश्तकार हैं। वह कहते हैं कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पूरी फसल नष्ट हो गई है। ऐसे हालात में होली का त्योहार रास नहीं आ रहा। इसी गांव में किसान शेष कुमार सिंह के दरवाजे होरियारों की चौपाल लगा करती थी, लेकिन वह भी इस बार मना कर चुके हैं। वह कहते हैं कि उनकी 35 बीघे की पूरी फसल प्राकृतिक आपदा में नष्ट हो गई है। उनका कहना है कि होली के त्योहार के साथ लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार कर देना चाहिए।

    चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा में भारतीय किसान यूनियन के महासचिव ध्रुव सिंह तोमर ने कहा कि किसानों की समस्या से बेखबर राजनीतिक दल आंखें बंद किए हुए हैं और इसके बाद भी वे किसानों से वोट की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि नष्ट हुई फसलों के लिए जल्द मुआवजा नहीं दिया गया तो होली के त्योहार के साथ चुनाव का भी बहिष्कार किया जा सकता है।

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