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आखिरी बार मनपसंद खाना खाया फिर त्याग दिए सारे सांसारिक सुख, 23 साल की लड़की ऐसे बनी साध्वी

आखिरी बार मनपसंद खाना खाया फिर त्याग दिए सारे सांसारिक सुख, 23 साल की लड़की ऐसे बनी साध्वी

सोमवार को दीक्षा लेने से पहले सिमरन ने श्रृंगार किया और आखिरी बार अपना मनपसंद खाना खाया. जब वह दीक्षा लेने के लिए जा रही थी तो अपनी सांसारिक वस्तुओं को लुटाते हुए चल रही थी.

सोमवार को दीक्षा लेने से पहले सिमरन ने श्रृंगार किया और आखिरी बार अपना मनपसंद खाना खाया. जब वह दीक्षा लेने के लिए जा रही थी तो अपनी सांसारिक वस्तुओं को लुटाते हुए चल रही थी.

सोमवार को दीक्षा लेने से पहले सिमरन ने श्रृंगार किया और आखिरी बार अपना मनपसंद खाना खाया. जब वह दीक्षा लेने के लिए जा रही थी तो अपनी सांसारिक वस्तुओं को लुटाते हुए चल रही थी.

    इंदौर के बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को मुमुक्षु सिमरन जैन का दीक्षा महोत्सव हुआ. 23 साल की आयु में मुमुक्षु सिमरन जैन ने सांसरिक सुखों को त्यागकर साध्वी का जीवन जीने का फैसला लिया है. श्री वर्धमान श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट के तत्वावधान में दीक्षा महोत्सव हुआ. रविवार के दिन सिमरन ने अपने परिजनों के साथ वक्त बिताया था और हाथों में मेहन्दी रचाई थी.

    सोमवार को दीक्षा लेने से पहले उन्होंने श्रृंगार किया और आखिरी बार अपना मनपसंद खाना खाया. जब वह दीक्षा लेने के लिए जा रही थी तो अपनी सांसारिक वस्तुओं को लुटाते हुए चल रही थी. उन्होंने अपने सारे गहने मां को दे दिए और फिर अपने बालों का भी त्याग कर दिया. दीक्षा से पहले सिमरन ने कहा, "सांसारिक बुआ डॉ. मुक्ताश्री की राह पर ही आत्मिक सुकून और परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है, इसलिए वैराग्य धारण कर रही हूं.

    साध्वी बनने के उन्होंने कहा, “मैं देशभर के कई खूबसूरत स्थानों पर घूमी और वहां वक्त बिताया लेकिन मुझे सुकून नहीं मिला. जब मैं गुरुजनों के सानिध्य में आई तब जाकर सुकून की प्राप्ति हुई. मुझे चकाचौंध भरी जिंदगी रास नहीं आई. यहां लोग आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल करते हैं जो उचित नहीं है. हमारे संत कम से कम संसाधनों में जीवन व्यतीत करते हैं. अधिक से अधिक पाने की बजाय आत्मा का परमात्मा से जुड़ना ही असली सुख है.”

    बता दें कि सिमरन ने कम्प्यूटर साइंस में बीएसी किया है. उनकी एक बहन और दो भाई हैं. उनके माता-पिता ने कहा कि वह चाहते थे कि बेटी पढ़-लिखकर करियर बनाए लेकिन उसकी इच्छा दीक्षा लेने ही की थी.

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    Tags: Madhya pradesh news, Trending news

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