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कर्नाटक में दोबारा खुले स्कूल, 25 से ज्यादा टीचर कोरोना पॉजिटिव मिले

स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुधाकर ने कहा,
स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुधाकर ने कहा, "घबराने की कोई जरूरत नहीं है और जो लोग संक्रमित पाए गए हैं. उनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है."

कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) ने स्कूल और कॉलेज खोलने से पहले सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से कोरोना वायरस टेस्ट (Coronavirus Test) कराने को कहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2021, 12:28 PM IST
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नई दिल्ली. कर्नाटक (Karnataka) में स्कूल और कॉलेज दोबारा खुलने के 5 दिन बाद ही 25 टीचर कोरोना वायरस पॉजिटिव (Coronavirus Positive) पाए गए हैं, मामले के सामने आते ही परिजनों और छात्रों के बीच वायरस संक्रमण को लेकर डर बैठ गया है. केवल बेलगावी जिले में, 18 टीचर कोरोना वायरस पॉजिटिव मिले हैं. राज्य सरकार ने पहले ही शिक्षकों (Teachers) और गैर-शिक्षकों को निर्देशित किया था कि स्कूल खुलने से पहले कोरोना वायरस टेस्ट जरूर कराएं.

शैक्षणिक संस्थान खुलने से पहले कराए गए शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों के टेस्ट के परिणाम आने लगे हैं. बेलगावी के डीसी एमजी हीरेमथ ने मंगलवार को स्वीकार किया कि चिक्कोदी के 4 और बेलगावी के 18 शिक्षक कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव मिले हैं. उन्होंने कहा, "हमने सरकार की विद्यागम स्कीम के तहत सभी जरूरी कदम उठाते हुए शैक्षणिक संस्थानों को दोबारा खोला है. कडोली में एक स्कूल के चार शिक्षकों के कोरोना वायरस पॉजिटिव मिलने के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया और एक हफ्ते बाद पूरी तरह सैनिटाइज करके दोबारा खोला गया."

ऐसे ही एक मामले में कोप्पल में, दो शिक्षकों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया और अब 23 छात्रों का कोरोना वायरस टेस्ट कराया जाएगा. राज्य के शिक्षा विभाग का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि कितने शिक्षक और गैर शिक्षक स्टॉफ कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं. राज्य के स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने कहा, "10वीं क्लास में कम से कम 10 लाख छात्र हैं. ये स्वाभाविक है कि शैक्षणिक स्टाफ में से कुछ तमाम एहतियात बरतने के बावजूद वायरस पॉजिटिव पाए गए हों. हम उनकी जांच कर रहे हैं. आइसोलेट कर उनका इलाज कराया जा रहा है." उन्होंने कहा, "लाखों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा है. मैं सभी से अपील करूंगा कि हमें संक्रमण नहीं फैलाना चाहिए क्योंकि धीरे-धीरे हम सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं."




हालांकि बहुत सारे अभिभावकों ने शैक्षणिक संस्थानों को दोबारा खोलने को लेकर चिंता जताई है. हिंदुस्तान टाइम्स से एक कॉलेज जाने वाले छात्र के पिता विजय प्रसाद ने कहा, "कोई इनकार नहीं कर सकता कि शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन छात्रों के जीवन को दांव पर लगाकर नहीं. मुझे समझ नहीं आता कि सरकार स्कूलों को खोलने को लेकर जिद क्यों पाले हुए है. वैक्सीन आने वाली है तो क्यों ना हम कुछ हफ्ते या महीने और इंतजार कर लें."

हालांकि स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉक्टर सुधाकर ने कहा, "घबराने की कोई जरूरत नहीं है और जो लोग संक्रमित पाए गए हैं. उनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं है. हम पता लगा रहे हैं कि वायरस संक्रमण से कुल कितने लोग संक्रमित हैं. मीडिया से अपील है कि छात्रों और अभिभावकों के बीच गैर जरूरी भय ना फैलाएं."
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