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आसाराम के लिए अब शागिर्द चल रहे नई चाल

आसाराम, वो शख्स जो भगवान के नाम पर लोगों को ठगता था। आसाराम, वो संत जिसके ऊपर रेप हत्या और अपहरण जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं।

  • News18India
  • Last Updated: December 23, 2014, 11:01 AM IST
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नई दिल्ली। आसाराम, वो शख्स जो भगवान के नाम पर लोगों को ठगता था। आसाराम, वो संत जिसके ऊपर रेप हत्या और अपहरण जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। कानून को ठेंगा दिखाकर कई सालों तक दुनिया को बेवकूफ बनाने वाला ये पाखंडी एक बार फिर जेल से बाहर आने की फिराक में है। उसे बाहर निकालने के लिए उसके शागिर्द फिर से साजिश रचने में जुट गए हैं।

अफवाहों का शिकार ना हों, ये न्यूज़ मीडिया नहीं दिखाएगा, इसलिए आप अधिक लोगों तक पहुंचाएं, मैसेज सभी ग्रुप्स में शेयर करें। आसाराम बापू के चेले इन दिनों सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह की मुहिम छेड़े हुए हैं। हजारों लोगों को ठगने वाले ढोंगी संत का पाखंड जेल में रहकर भी जारी है। भगवान का डर दिखाकर लूटने वाले इस पाखंडी के साथी अभी भी लोगों को बरगलाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

आखिर आसाराम के लिए इन दिनों ऐसी मुहिम क्यों छेड़ी गई है। दरअसल आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली सूरत की बहनों ने कोर्ट में अर्जी दी है जिसमें निवेदन किया गया है कि वो अपने बयान में कुछ इजाफा करना चाहती हैं। कोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया है। क्योंकि दोनों बहनें पहले मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज करा चुकी हैं।



ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि हो सकता है आसाराम ने बहनों पर बयान बदलने का दबाव डलवाया हो। आपको बता दें दुष्कर्म केस की मुख्य फरियादी साधिका ने गांधीनगर में चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट के यहां अर्जेंट अर्जी दाखिल की थी। इसमें सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने का निवेदन किया गया था। लेकिन राज्य सरकार ने साधिका की इस अर्जी का जोरदार विरोध किया।
आपको बता दें राज्य सरकार कोर्ट के सामने पहले ही कह चुकी है कि आसाराम गवाहों और पीड़ितों पर दबाव डालकर केस को पलटने की कोशिश कर सकता है। राज्य सरकार इसी कारण से आसाराम की जमानत का भी विरोध करती रही है।

जांच अधिकारी कोर्ट को बता चुके हैं कि आसाराम षडयंत्र रचते हुए किशोरियों व महिलाओं को शारीरिक रूप से प्रताडित किया करता था। गवाहों के बयान के आधार पर बताया गया था कि आसाराम इन लड़कियों का पहले चयन करता था और आश्रम की साधिकाओं की मदद से इनका शारीरिक शोषण करता था।

लड़कियों को सम्मोहित करते हुए वह खुद को कृष्ण कहता था और लड़कियों को अपनी गोपियां बताता। वह लड़कियों को झांसा दिया करता कि यह शक्तिपात की क्रिया है जिससे वे अपने जीवन में ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं। इस तरह वह इन लड़कियों को आश्रम से निकलने नहीं देता था।

वहीं आसाराम अपनी सफाई में कहता रहा है कि उसके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत गलत है। यह शिकायत कई सालों बाद की गई है। शिकायतकर्ता के बयान विरोधाभासी हैं। आपको बता दें सूरत की रहने वाली एक महिला ने अक्टूबर 2013 में आसाराम के खिलाफ अहमदाबाद के चांदखेड़ा पुलिस थाने में बलात्कार, आपराधिक षडयंत्र और हथियार अधिनियम के धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था। आसाराम को जोधपुर से ट्रांसफर वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था। आसाराम इस शिकायत से पहले ही एक युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल में बंद था। आपको बता दें आसाराम नाम का ये पाखंडी बहुत ही खतरनाक है। उसके खिलाफ चल रहे मामलों में गवाही देने वाले कई गवाहों पर जानलेवा हमले हो चुके हैं।
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