नई उम्र के लोगों को जकड़ रहा कोरोना, मई में कुल संक्रमितों में 18-30 साल वाले 26 फीसदी

दूसरी लहर में कोरोना नई उम्र के लोगों के लिए भी घातक साबित हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर)

दूसरी लहर में कोरोना नई उम्र के लोगों के लिए भी घातक साबित हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर)

मई महीने में कुल संक्रमितों (Total Infected) में 18 से 30 की उम्र के लोगों हिस्सा 26 प्रतिशत है. हालांकि जिस आयु वर्ग को लेकर सबसे ज्यादा आशंकाएं जताई जा रही थीं, उसे लेकर राहत की खबर आई है. कुल संक्रमितों में 60 से अधिक उम्र के लोगों का हिस्सा 13 प्रतिशत रहा है.

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नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर (Covid-19 2nd Wave) में कम उम्र के लोगों पर भी अच्छा-खासा असर हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में कुल संक्रमितों में 18 से 30 की उम्र के लोगों हिस्सा 26 प्रतिशत है. हालांकि जिस आयु वर्ग को लेकर सबसे ज्यादा आशंकाएं जताई जा रही थीं, उसे लेकर राहत की खबर आई है. कुल संक्रमितों में 60 से अधिक उम्र के लोगों का हिस्सा 13 प्रतिशत रहा है.

डेटा के मुताबिक 18-30 के बाद सबसे ज्यादा संक्रमित होने वाले लोग 31 से 40 वर्ष के बीच के हैं. कुल संक्रमितों में इस आयु समूह का हिस्सा करीब 23 फीसदी के आस-पास रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि 11 से 17 साल आयु वर्ग में 4.89 फीसदी संक्रमण हुआ है. इस आंकड़े को चिंताजनक माना जा रहा है.

काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलना भी हो सकता है प्रमुख कारण

नई उम्र के लोगों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को चिंताजनक ट्रेंड माना जा रहा है. कोरोना की महामारी की पहली लहर में 60 से ज्यादा आयुवर्ग के लोगों के लिए संक्रमण को सबसे ज्यादा खतरनाक माना गया था. लेकिन अब मई महीने के ट्रेंड देखकर पता चल रहा है कि नई उम्र के लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं. इसका प्रमुख कारण यह भी है कि जिस आयु समूह में संक्रमण ज्यादा बढ़ा है उन्हीं लोगों को काम के सिलसिले में ज्यादा बाहर निकलना पड़ता है.
18+ वालों के लिए की जा चुकी है वैक्सीनेशन की शुरुआत

बता दें इस महीने की शुरुआत में देश में 18 से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी गई है. महामारी की ढलान के साथ ही वैक्सीनेशन कार्यक्रम को तेज किया जा रहा है. अब रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V भी वैक्सीनेशन कार्यक्रम में शामिल हो चुकी है. सरकार द्वारा कुछ दिनों पहले बताया गया था कि अगले कुछ महीने के भीतर वैक्सीन का उत्पादन तेजी के साथ बढ़ाया जाएगा. दिसंबर तक 200 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज उपलब्ध होने की बातें कही गई हैं.

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