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26/11 Mumbai Attack: 45 दिन तक खाली मॉर्चरी की रखवाली करती रही पुलिस, पढ़ें चौंकाने वाला खुलासा

26/11 Mumbai Attack: 45 दिन तक खाली मॉर्चरी की रखवाली करती रही पुलिस, पढ़ें चौंकाने वाला खुलासा

पाकिस्तान से समुद्र के जरिए भारत आए 10 आत्मघाती हमलावरों ने किस तरह देश की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाया था ये लोगों की यादों में आज भी ताजा है. (File Photo)

पाकिस्तान से समुद्र के जरिए भारत आए 10 आत्मघाती हमलावरों ने किस तरह देश की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाया था ये लोगों की यादों में आज भी ताजा है. (File Photo)

26/11 Mumbai Attack: 26/11 हमले के मुख्य जांच अधिकारी रहे रमेश महाले इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी अपनी इस किताब में ऐसी कई गोपनीय बातों का खुलासा किया है जिसकी जानकारी उनके ही विभाग के लोगों को लंबे समय तक नहीं मिली थी. ऐसी ही एक घटना के बारे में महाले ने अपनी किताब में लिखा है कि उनकी टीम के सिपाही करीब 45 दिनों तक खाली मॉर्चरी पर पहरा देते रहे.

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    मुंबई. 13 साल बाद भी देश मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमलों (26/11 Mumbai Attacks) के दर्द को भूल नहीं सका है. पाकिस्तान से समुद्र के जरिए भारत आए 10 आत्मघाती हमलावरों ने किस तरह देश की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाया था ये लोगों की यादों में आज भी ताजा है. इस हमले के इतने साल बीतने के बाद भी इसकी तहें आज भी पूरी तरह से नहीं खुल सकी हैं. इस आतंकी हमले में जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल आमिर कसाब (Ajmal Amir Kasab) और उसके साथी आतंकियों के बारे में तत्कालीन सुरक्षा अधिकारी, चश्मदीद या फिर उस घटना से प्रभावित हुए लोग खुलासा करते रहते हैं.

    ऐसा ही एक खुलासा 26/11 हमले के मुख्य जांच अधिकारी रहे रमेश महाले इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी अपनी किताब में करने वाले हैं. तीन भाषाओं अंग्रेजी, मराठी और गुजराती में महाले की इस किताब में ऐसे नई बातें उजागर होंगी जो अब तक दुनिया के सामने नहीं आई हैं. महाले ने अपनी इस किताब में ऐसी कई गोपनीय बातों का खुलासा किया है जिसकी जानकारी उनके ही विभाग के लोगों को लंबे समय तक नहीं मिली थी. ऐसी ही एक घटना के बारे में महाले ने अपनी किताब में लिखा है कि उनकी टीम के सिपाही करीब 45 दिनों तक खाली मॉर्चरी पर पहरा देते रहे.

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    गृह मंत्री के ऐलान के बाद मिली थी जानकारी
    महाले ने लिखा है कि, आतंकी हमले में मारे गए 9 आतंकियों को दफनाने के लिए 26 लोगों की एक टीम बनाई गई थी. इस टीम में 25 सिपाही थे. हमले में मारे गए सभी आतंकियों के शवों को रात के समय जेजे हॉस्पिटल से एक वैन के जरिए एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर दफना दिया गया. ये पूरा मामला इतना गोपनीय था कि मॉर्चरी पर पहरा दे रहे गार्डों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी. इस बात से अनजान मुंबई पुलिस के गार्ड डेढ़ महीने तक खाली मॉर्चरी का पहरा देते रहे. जब तक महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री आर आर पाटिल ने विधानसभा में इसकी अधिकारिक रुप से घोषणा नहीं कर दी.

    कसाब को भी दो दिनों तक मुंबई के सेंट जार्ज हॉस्पिटल में जांच के लिए रखा गया था. इसके बारे में भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं लग रही थी. इसके बाद उसे तीन दिन के लिए कंफेशनल कस्टडी के लिए जेल भेज दिया गया. तीन दिनों तक कोर्ट में कसाब के बयान दर्ज किए जाते रहे. इसकी भी मुंबई पुलिस को भनक नहीं थी. कसाब को जब वापस जेल भेज दिया गया. तब इसके बारे में मुंबई पुलिस को जानकारी दे दी गई.

    Tags: 26/11, 26/11 mumbai attack, Ajmal Kasab

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