Home /News /nation /

...जब बाबा रामदेव के दांव से चित हुआ पहलवान

...जब बाबा रामदेव के दांव से चित हुआ पहलवान

जब रामदेव कुश्ती के दांव लगा रहे थे, तो लोग भौचक्क खड़े ताली बजा रहे थे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था, कि एक योगी बेहतरीन पहलवान भी हो सकता है।

जब रामदेव कुश्ती के दांव लगा रहे थे, तो लोग भौचक्क खड़े ताली बजा रहे थे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था, कि एक योगी बेहतरीन पहलवान भी हो सकता है।

जब रामदेव कुश्ती के दांव लगा रहे थे, तो लोग भौचक्क खड़े ताली बजा रहे थे। किसी को यकीन नहीं हो रहा था, कि एक योगी बेहतरीन पहलवान भी हो सकता है।

    हरिद्वार। बाबा रामदेव से आप भली-भांति परिचित होंगे। वो योगियों का जीवन जीते हैं। योगशिक्षा के प्रचार प्रसार में व्यस्त रहते हैं। योगगुरु हैं तो योग हमेशा से करते कराते हैं। मगर रुकिए जनाब, बाबा रामदेव सिर्फ योगी और व्यापारी ही नहीं हैं, बल्कि वो बेहद मंझे हुए पहलवान भी हैं। वो दांव लगाते हैं, तो अच्छे-अच्छे चित हो जाते हैं। दरअसल बाबा रामदेव न सिर्फ आम भारतीयों की तरह कुश्ती में रुचि रखते हैं, बल्कि अच्छे-अच्छे पहलवानों को हराने का दमखम भी रखते हैं। उन्होंने हरिद्वार में ऐसा ही किया। मौका था पतंजलि योगपीठ के स्थापना दिवस का। जहां कुश्ती की प्रतियोगिता आयोजित की गई।

    कुश्ती की इस प्रतियोगिता में दो-दो ओलंपिक पदक जीत चुके सुशील कुमार मौजूद थे, तो उन्हें पहलवानी के गुर सिखाने वाले महाबली पहलवान सतपाल भी। दोनों ने कुश्ती प्रतियोगिता के बीच में ही बाबा रामदेव को कुश्ती लड़ने के लिए आमंत्रित किया। जिसे बाबा रामदेव ने स्वीकार कर लिया। और भगवा रंग के लंगोट में मैट पर आ गए।

    देखें: रामदेव का 'धोबी पछाड़' दांव!

    बाबा रामदेव के सामने खड़ा था, उनसे कहीं छोटा और प्रशिक्षित हरियाणा के रोहतक का रहने वाला पहलवान मोहित। मोहित ने अपनी पिछली कुश्तियां जीत ली थीं। उसके सामने सुशील की जिद पर बाबा रामदेव उतरे। बाबा रामदेव और मोहित में कोई मुकाबला ही नहीं दिख रहा था। लग रहा था कि बाबा रामदेव महज कुछ सेकंडों में ही हार जाएंगे। लेकिन बाबा रामदेव नीले कुश्तीसूट में उतरे मोहित पर देखते ही देखते भारी पड़ने लगे। मोहित ने रामदेव को पटकने के लिए जैसे ही सांडीतोड़ दांव का इस्तेमाल करना चाहा, वैसे ही रामदेव ने पीछे हटकर बगलडूब दांव लगाया और आधा कालाजंग-आधे सांडी दाव से मोहित को चित कर दिया। बाबा रामदेव ने मोहित को संभलने का मौका ही नहीं दिया और इतने में वहां मौजूद हजारों लोगों की तालियां बजने लगी।

    देखें: कैसे बाबा रामदेव ने दी पहलवानों को मात

    इस बीच बाबा रामदेव जब मोहित से फिर से भिड़े तो उन्होंने जांघियां दांव लगाने की कोशिश की। हालांकि मोहित ने इसे विफल कर दिया। वैसे भी ये दांव बड़े मुकाबलों में नहीं लगता। क्योंकि इसमें जबरदस्त ताकत और संतुलन की जरूरत होती है। बाबा रामदेव ये दांव लगाते समय अपना संतुलन नहीं रख पाए। ये मुकाबला लगभग बराबरी पर रहा। बाबा रामदेव को लोगों का भी साथ मिल रहा था। थोड़ी देर पहले जो लोग बाबा रामदेव को कुछ सेकंड़ों का खिलाड़ी मान रहे थे, अब वो भी बाबा रामदेव की तरफ हो लिए थे। बाबा रामदेव के इस दांव की लोगों ने तारीफ भी की।

    दो राउंड के मुकाबल में बाबा रामदेव 1-0 से आगे निकल चुके थे। हालांकि ये अनाधिकारिक प्वांइट टेबल थी। इस प्वांइट पर बाबा रामदेव ने एक बार फिर मोहित से दो-दो हाथ करने को तैयार थे। लोगों की भीड़ अब बाबा रामदेव के साथ थी। खुद सुशील कुमार और महाबली सतपाल हैरान थे, कि कैसे एक योगगुरु इतना कुशल पहलवान भी हो सकता है। बाबा रामदेव आगे बढ़कर जैसे ही मोहित पर हावी होने की कोशिश करने लगे, उसी समय मोहित ने निकाल दांव लगाने की कोशिश की। लेकिन बाबा रामदेव ने उसे विफल कर दिया, जिससे मोहित फिसलकर मैट पर गिर गया। इतने में बाबा रामदेव ने मोहित पर टंगी दाव लगाने की कोशिश की, लेकिन बाबा रामदेव ने आधे निकाल दांव (झुकने की स्थिति में ये दांव पूरा नहीं लगता) की मदद से धोबी पछाड़ दांव का इस्तेमाल किया और खुद नीचे से झुकते हुए मोहित के पैर को लपेट लिया। इससे पहले कि मोहित कुछ समझ पाता। बाबा रामदेव ने मोहित को अपने सर के ऊपर से फेंक दिया। ये किसी भी तरह से अंतरराष्ट्रीय दांव की तरह नहीं था, लेकिन कलाजंग की तरह लगने वाले इस अजीब से पेंच का इस्तेमाल कर बाबा ने कुश्ती के मैदान में खुद को विजेता खिलाड़ी साबित कर दिया।

    बाबा रामदेव जिस समय कुश्ती कर रहे थे, और किसी भी दांव को अधूरा छोड़ दूसरे दांव का इस्तेमाल कर रहे थे, उसे देख एक-बारगी लगा कि ये किसी स्पर्धा में स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला हो रहा है। जिसमें दोनों ही खिलाड़ियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। बाबा रामदेव ने मोहित को हराने के बाद सीने से लगा लिया और मोहित ने उनके पैर छूकर आशिर्वाद लिया।

    मुकाबले के बाद बाबा रामदेव से जब उनकी फुर्ती के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका श्रेय शाकाहार, दूध और घी को दिया। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि वो पतंजलि योगपीठ के अंदर अखाड़ा बनाएंगे और पहलवानों को प्रशिक्षण देंगे। वैसे अब तो ये तक हो ही चुका है कि बाबा रामदेव न सिर्फ स्वदेशी को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्वदेशी खेलों को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें कुश्ती भी शामिल है।

    Tags: Baba ramdev, Sushil kumar

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर