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आसाराम की बेटी ने कराई गवाह अखिल की हत्या!

नाबालिग से रेप के आरोप के चलते कानून के शिकंजे में आए आसाराम बापू की परेशानियों का अंत होता नहीं दिख रहा है। अब आसाराम को अभी तक जमानत नहीं मिली है।
नाबालिग से रेप के आरोप के चलते कानून के शिकंजे में आए आसाराम बापू की परेशानियों का अंत होता नहीं दिख रहा है। अब आसाराम को अभी तक जमानत नहीं मिली है।

नाबालिग से रेप के आरोप के चलते कानून के शिकंजे में आए आसाराम बापू की परेशानियों का अंत होता नहीं दिख रहा है। अब आसाराम को अभी तक जमानत नहीं मिली है।

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लखनऊ। नाबालिग से रेप के आरोप के चलते कानून के शिकंजे में आए आसाराम बापू की परेशानियों का अंत होता नहीं दिख रहा है। जहां पुलिस के मजबूत केस के चलते आसाराम को अभी तक जमानत नहीं मिली है। वहीं इस मामले में एक के बाद एक गवाहों की हत्या कराने के पीछे भी आसाराम और उनके परिवार वालों की ओर ही शक की सूई घूम रही है।

आसाराम बापू मामले के गवाह रहे अखिल कुमार गुप्ता की हाल ही में हुई हत्या पर मृतक के पिता नरेश गुप्ता ने आसाराम की बेटी पर हत्या करवाए किए जाने का शक जाहिर किया है। साथ ही पुलिस के तफ्तीश पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए सुरक्षा में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है।

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उन्हें मृतक के पिता नरेश ने फोन पर बताया कि उनके लड़के का केस किसी रंजिश का परिणाम नहीं है और यह हत्या 5 जनवरी 2015 को गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा आसाराम की जमानत याचिका खारिज होने से सीधा जुड़ा है।



गुप्ता ने कहा कि आसाराम के परिवार में उनकी अरबों की संपत्ति के लिए आपसी झगड़े की स्थिति है और उनकी बेटी भारती, जो जेल से बाहर हैं, द्वारा यह कांड कराये जाने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारती की साथियों रेखा, महक और ड्राइवर शीतल का नाम लेते हुए इन लोगों पर अपनी शंका व्यक्त की।
मृतक के पिता ने स्थानीय पुलिस के तफ्तीश पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और साथ ही उन लोगों की सुरक्षा में भारी लापरवाही का भी आरोप लगाया। ठाकुर ने उप्र के प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को इन तथ्यों से अवगत कराते हुए इन लोगों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित कराये जाने का निवेदन किया।

उन्होंने कहा कि क्योंकि मृतक अखिल की पत्नी वर्षा भी इस मामले में गवाह है, हो सकता है उन पर हमला किया जाए। ठाकुर ने प्रमुख सचिव गृह से सही तफ्तीश कराये जाने का अनुरोध करते हुए और स्थानीय पुलिस को दिक्कत होने पर यह तफ्तीश सीबीआई या किसी विशेष एजेंसी से कराने का सुझाव दिया।
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