ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के खराब गोला-बारूद से 6 साल में 27 सैनिक की मौत, 960 करोड़ का हुआ नुकसान

(PTI Photo)
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भारतीय सेना (Indian Army) के एक नोट में सामने आया है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) के खराब गोला-बारूद और आयुध के चलते बीते 6 साल में 403 एक्सीडेंट्स हुए और 27 जवानों की मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 9:02 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय सेना (Indian Army) के आंतरिक आंकलन में सामने आया है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) के खराब  गोला-बारूद और आयुध के चलते बीते 6 साल में 403 दुर्घटनाएं हुई. इसमें 27 जवानों की मौत हो गई. जबकि 960 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. सेना के चार पन्नों के नोट में कहा गया है कि सेना 960 करोड़ रुपये की 100 मध्यम तोपें खरीद सकती थी, जिनका खराब गोला बारूद के  गुणवत्ता के कारण नुकसान हो गया.

इस आंकलन रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ मित्र देशों ने भी ओएफबी उत्पादों को गुणवत्ता के आधार पर स्वीकार करने से मना कर दिया था और इसका निगमीकरण ही आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका था. सेना के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि ओएफबी के प्रवक्ता गगन चतुर्वेदी ने कहा कि सेना का आकलन तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और बोर्ड बुधवार को एक बयान जारी करेगा.

साल 2016 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं दर्ज
अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सेना के नोट में कहा गया है कि साल 2014 और 2020 के बीच ओएफबी द्वारा दिए गए गोला-बारूद और आयुध के चलते हुई दुर्घटनाओं में 159 सैनिक घायल हुए. कहा गया है कि 'लगातार दुर्घटनाओं में जवाबदेही की कमी और उत्पादन की खराब गुणवत्ता के कारण सैनिकों घायल होते हैं और कई की मौत भी हो जाती है. औसतन, प्रति सप्ताह एक दुर्घटना होती है.'
इसमें कहा गया कि 2016 में एक वर्ष में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जब 19 सैनिक मारे गए, जबकि 2018 में सबसे अधिक दुर्घटनाएं हुईं जब 43 घायल हुए. OFB के जिन सप्लाईज पर सवाल उठ रहे हैं वे वायु रक्षा, आर्टिलरी, आर्म्ड कोर और इंफैन्ट्री को भेजे जाते थे.



मित्र देशों ने भी किया इनकार- सैन्य नोट
सेना के नोट में कहा गया है कि यह चिंता का विषय है कि कुछ देशों ने उत्पादन की गुणवत्ता, फैक्ट्री प्रोसीजर और सेल्स के बाद सर्विस चिंताओं के कारण ऑर्डिनेंस फै.क्ट्री-निर्मित गोला-बारूद और उपकरणों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.



सरकार ने 11 सितंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों (ईजीओएम) के अधिकार प्राप्त समूह के गठन का ऐलान किया है जो ओएफबी के निगमीकरण की निगरानी करेगा. OFB की फैक्ट्रियों  में टैंकों के निर्माण में लगे 41 आयुध कारखानों, हथियार कर्मियों के वाहक, बम, रॉकेट , तोपखाने की बंदूकें, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, पैराशूट, छोटे हथियार, कपड़े और सैनिकों के लिए चमड़े के उपकरण बनाए जाते हैं. बोर्ड द्वारा नियंत्रित फैक्ट्रियां कम से कम 80,000 लोगों को रोजगार देती हैं जो कॉरपोरेटाइजेशन के खिलाफ हैं.
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