कश्मीर के 10 में से 8 जिलों में 2जी इंटरनेट सेवा चालू, रियाज नायकू की मौत के बाद से थी बंद

कश्मीर के 10 में से 8 जिलों में 2जी इंटरनेट सेवा चालू, रियाज नायकू की मौत के बाद से थी बंद
इंटरनेट सेवा बंद होने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था

पिछले बुधवार को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी रियाज नायकू की मौत के बाद से बंद पड़ी 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा को सोमवार रात कश्मीर के दस जिलों में से आठ में चालू कर दिया गया है.

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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा और शोपियां जिले को छोड़ कर पूरी कश्मीर घाटी में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है. प्रधान सचिव (गृह) शालीन काबरा ने 2जी इंटरनेट सेवा (2G Internet Service) बहाल करने के आदेश देते हुए कहा कि इससे ज्यादा स्पीड वाले इंटरनेट का इस्तेमाल आतंकवादी हमलों को अंजाम देने और दुष्प्रचार कर लोगों को भड़काने के लिए किया जा सकता है. कश्मीर के दस जिलों में से आठ जिलों में सोमवार रात 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई. पिछले बुधवार को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी रियाज नायकू के सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी.

इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 4G इंटरनेट सेवा शुरू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था. हालांकि कोर्ट ने याचिका की दलीलों पर विचार के लिये गृह सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय विशेष समिति गठित करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मानव अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा को संतुलित करना होगा.

कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी मिल कर कमेटी का गठन करेंगे और देखेंगे की किस तरह कश्मीर में इंटरनेट सेवा को संचालित किया जा सकता है.



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दरअसल करोना महामारी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर में 4G इंटरनेट सेवाओं को शुरू करने की जरूरत है जो वहा फिलहाल बंद है. याचिका में कहा गया ​कि लॉकडाउन के दौरान सब कुछ बंद हो जाने से छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत हो रही है. धीमे इंटरनेट में ऑनलाइन क्लास करना या फॉर्म भरना मुश्किल हो रहा है.

साथ ही डॉक्टरों को इलाज में भी दिक्कत आ रही है. इसलिए जिस तरह देश भर में 4जी इंटरनेट है वैसा कश्मीर में भी होना चाहिए. लेकिन केंद्र सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि अतांकी संगठन 4जी सेवा का गलत फायदा उठा सकते है इसलिए इसे शुरू करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है.

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