कैबिनेट में श्रम सुधारों पर चर्चा, तीन संहिताओं को मानसून सत्र में पारित कराने पर होगा जोर

कैबिनेट में श्रम सुधारों पर चर्चा, तीन संहिताओं को मानसून सत्र में पारित कराने पर होगा जोर
14 सितंबर से शुरू हो रहा मानसून सत्र 1 अक्टूबर तक चलेगा. (File Photo)

Parliament Monsoon Session: केन्द्रीय मंत्रिमंडल (Central Cabinet) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में हुई बैठक में श्रम सुधारों (Labour Reforms) को लेकर चर्चा की.

  • भाषा
  • Last Updated: September 8, 2020, 11:17 PM IST
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नई दिल्ली. केन्द्रीय मंत्रिमंडल (Central Cabinet) ने श्रम सुधारों (Labour Reforms) पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा की और इस संबंध में लोकसभा (Loksabha) में लंबित तीन श्रम सुधार संहिताओं को संसद के मानसून सत्र (Parliament's Monsoon Session) में पारित कराने को लेकर सलाह मशविरा किया. संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. एक सूत्र ने यह जानकारी देते हुये कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंगलवार शाम को बैठक हुई जिसमें श्रम क्षेत्र के सुधारों को लेकर गहन चर्चा हुई. सरकार चाहती है कि लोकसभा में लंबित श्रम सुधारों से जुड़ी शेष तीन संहिताओं को भी आगे बढ़ाया जाये और उन्हें पारित कराया जाये.’’

श्रम मंत्री संतोष गंगवार (Labour Minister Santosh Gangwar) ने इस माह की शुरुआत में कहा था कि औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर तैयार की गईं प्रस्तावित तीन श्रम संहितायें संसद के मानसून सत्र में पटल पर रखी जायेंगी. गंगवार ने फिक्की (FICCI) के एक सम्मेलन में यह कहा था.

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श्रम मंत्री ने मांगे थे सुझाव
श्रम मंत्री ने उद्योग मंडल फिक्की के सदस्यों को भी श्रम संहिता को लेकर अपने सुझाव तैयार करने को भी कहा. उन्होंने उद्योगपतियों को विशेषकर ‘वेतन’ संहिता के मामले में नियमों को लेकर अपने सुझाव तैयार करने और उन्हें मंत्रालय को भेजने को कहा.

वेतन संहिता को पिछले साल संसद से मंजूरी मिल गई है. इस कानून के तहत नियमों का मसौदा जरूरी सुझाव और टिप्पणियों के लिये जारी किया गया है. नियमों के अधिसूचित होने के साथ ही यह कानून अमल में आ जायेगा. शेष तीन संहितायें पिछले साल लोकसभा में पेश कर दी गईं थी, उसके बाद उन्हें गहन जांच पड़ताल के लिये संसद की श्रम संबंधी स्थायी समिति के पास भेज दिया गया.
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