लाइव टीवी

अमृतसर केंद्रीय कारागार से तीन कैदी भागे, सात अधिकारी निलंबित

भाषा
Updated: February 2, 2020, 9:50 PM IST
अमृतसर केंद्रीय कारागार से तीन कैदी भागे, सात अधिकारी निलंबित
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार बाहर से मदद मिलने का कोई सबूत नहीं है.

प्राथमिक सूचना के अनुसार, जेल के सुरक्षाकर्मियों को अन्य कैदियों के भागने की आशंका को लेकर चौकन्ना कर दिया गया है. इन कैदियों में भागे कैदी का एक भाई भी शामिल है.

  • Share this:
चंडीगढ़. उच्च सुरक्षा वाले अमृतसर केंद्रीय कारागार (Amritsar Central Jail) के तीन विचाराधीन कैदी जेल तोड़कर भाग गए जिसके बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (CM Amrinder Singh) ने राज्यभर में जेलों की सुरक्षा की समीक्षा करने और उसमें सुधार लाने का आदेश दिया है. इस मामले में सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. बलात्कार का एक आरोपी और चोरी तथा डकैती के अन्य दो आरोपी (दोनों भाई) करीब 10 ईंटें हटाकर अपनी बैरक की दीवार तोड़कर शनिवार तथा रविवार की मध्यरात्रि को भाग गए.

इस तरह भागे कैदी
आधिकारिक बयान के अनुसार, पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने कहा, ‘‘उन्होंने करीब 16 फुट ऊंची अंदर की दीवार को एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर फांदा, जबकि करीब 21 फुट ऊंची बाहर की दीवार को स्टील की एक छड़ और गद्दे के कवर से हुक बनाकर फांदा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अंतत: वे टावर नंबर 10 के पास एक प्वाइंट से जेल परिसर से भाग गए. यह हिस्सा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में नहीं था.’’

सात अधिकारी निलंबित

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार बाहर से मदद मिलने का कोई सबूत नहीं है. ऐसा लगता है कि बैरक नंबर सात के अहाता नंबर दो में 61 कैदियों में से तीनों ने खुद से भागने की योजना बनाई. एडीजीपी (जेल) पीके सिन्हा ने अमृतसर में कहा कि घटना के बाद जेल में तैनात दो सहायक जेल अधीक्षकों, चार वार्डनों और एक होमगार्ड सिपाही समेत सात कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इस बीच, मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं जिसका नेतृत्व जालंधर के आयुक्त करेंगे. सिंह ने जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को जेल सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को निलंबित करने के भी निर्देश दिए हैं.

जेल की सुरक्षा की समीक्षा करने के आदेश जारी
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एडीजीपी को राज्यभर में जेलों की सुरक्षा की समीक्षा करने तथा उसे और मजबूत करने के लिए भी कहा. उन्होंने बताया कि तीनों कैदियों की तलाश के लिए राज्यभर में अभियान चलाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि जेल प्रशासन को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बैरक टूटने और कैदियों के दीवार कूदकर भागने के करीब दो घंटे बाद घटना के बारे में तड़के तीन बजकर 20 मिनट पर पता चला.पिछले साल दर्ज किया गया था मामला
प्राथमिक सूचना के अनुसार, जेल के सुरक्षाकर्मियों को अन्य कैदियों के भागने की आशंका को लेकर चौकन्ना कर दिया गया है. इन कैदियों में भागे कैदी का एक भाई भी शामिल है. भागने वाले एक कैदी की पहचान अमृतसर, मजीठा रोड की आरा कॉलोनी के 22 वर्षीय विशाल के रूप में हुई है. उसके खिलाफ पिछले साल बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था.

डीजीपी ने कहा, ‘‘वह 05-04-2019 को जेल में आया था. भगने वाले अन्य दो कैदी भाई हैं जिनकी पहचान चंडीगढ़ रोड, खडूर साहिब, तरनतारन निवासी 34 वर्षीय गुरप्रीत और 25 वर्षीय जरनैल के रूप में हुई है.’’ उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों पर चोरी तथा डकैती का आरोप हैं और उन्हें पिछले साल जुलाई में जेल में लाया गया था.

डीजीपी ने बताया कि विशाल का भाई गौरव भी उसकी ही बैरक में था, लेकिन वह उनके साथ नहीं भागा.

शिअद ने मांगा इस्तीफा
शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) ने अमृतसर के उच्च सुरक्षा वाले केन्द्रीय कारागार से तीन कैदियों के भागने की घटना की उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने और पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) को तत्काल बर्खास्त करने की रविवार को मांग की.

पूर्व मंत्री और शिअद के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अमृतसर की घटना पंजाब की जेलों में हो रहीं कई अन्य घटनाओं के बाद हुई है और इससे सरकार पर लोगों का विश्वास डगमगा गया है. उन्होंने कहा कि सरकार को घटना की स्वतंत्र जांच का आदेश देने के अलावा यह बताना चाहिये कि उसने अन्य मामलों में क्या कार्रवाई की है.

उन्होंने इस घटना के संदर्भ में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि ‘जेल मंत्री को जांच तक के लिए तत्काल इस्तीफा देने के लिए कहा जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें-
पुलवामा हमलावर का भाई गिरफ्तार, जैश आतंकियों को पहुंचाता था घाटी

जम्मू कश्मीर: एहतियातन हिरासत में रखे गए NC और PDP के चार नेता रिहा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 2, 2020, 9:50 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर