सिक्का निगलने से 3 साल के बच्चे की मौत, भर्ती नहीं करने का अस्पताल पर आरोप

सिक्का निगलने से 3 साल के बच्चे की मौत, भर्ती नहीं करने का अस्पताल पर आरोप
सिक्का निगलने के बाद समय से इलाज न मिलने से बच्चे की मौत का आरोप (सांकेतिक फोटो AP)

बच्चे के परिजनों (parents) ने आरोप लगाया कि उसका इलाज करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह अलुवा के समीप कदुंगल्लुर (Kadungallur) का रहने वाला था, जो कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्र (COVID-19 containment zone) में आता है.

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कोच्चि. केरल (Kerala) के अलुवा शहर (Aluva city) के समीप अपने घर में तीन साल के बच्चे ने एक सिक्का निगल लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. रिश्तेदारों (relatives) ने आरोप लगाया है कि जिन सरकारी अस्पतालों (government hospitals) में बच्चे को ले जाया गया, वहां उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्र (COVID-19 containment zone) से आया था. स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा (Health Minister K K Shailaja) ने घटना को ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) को विस्तृत जांच (thorough enquiry) कर एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. उन्होंने एक बयान में बताया कि अगर कोई चूक पाई गई, तो सख्त कार्रवाई (Stringent action) की जाएगी.

बच्चे के परिजनों (parents) ने आरोप लगाया कि उसका इलाज करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि वह अलुवा के समीप कदुंगल्लुर (Kadungallur) का रहने वाला था, जो कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्र (COVID-19 containment zone) में आता है. उन्होंने बताया कि सिक्का निगलने की यह घटना शनिवार सुबह हुई, जिसके बाद बच्चे के माता-पिता उसे अलुवा सरकारी अस्पताल लेकर गए. जहां एक्स-रे (X-ray) किया गया.

डॉक्टरों ने माता-पिता को बच्चे को फल खिलाने की सलाह दी
अस्पताल अधिकारियों पर बच्चे को भर्ती नहीं करने का आरोप लगाया गया है. एक वरिष्ठ डॉक्टर ने दावा किया कि लड़के को अस्पताल में भर्ती इसलिए नहीं किया गया कि कोई बाल चिकित्सक नहीं था और उसे एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल भेज दिया गया.
डॉक्टरों ने वहां बच्चे की जांच की और उसे बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए अलप्पुझा के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया. वहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया. खबर है कि डॉक्टरों ने माता-पिता को बच्चे को फल खिलाने की सलाह दी. उनके अनुसार ऐसा करने पर शौच के जरिए सिक्का बाहर निकल जाता.



शाम तक बिगड़ गई बच्चे की हालत और अलुवा जाते हुए रास्ते में हुई मौत
माता-पिता बच्चे को वापस घर ले गए. पुलिस ने बताया कि शाम तक बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसे अलुवा सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

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स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव माता-पिता को सौंपा जाएगा. उन्होंने बताया कि कोविड-19 जांच के लिए बच्चे के स्वाब के नमूने लिए गए हैं.
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