लाइव टीवी

पहले ही महीने में पीएम मोदी ने ‌दिखाए तेवर, मोदी सरकार 2.0 के 30 दिन की पांच खास बातें

News18Hindi
Updated: July 1, 2019, 10:13 AM IST
पहले ही महीने में पीएम मोदी ने ‌दिखाए तेवर, मोदी सरकार 2.0 के 30 दिन की पांच खास बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले महीने में कई बड़े फैसले किए. (फाइल फोटो)

अमित शाह ने गृहमंत्री की कमान संभालते ही पहला काम कश्मीर में अलगाववादी नेताओं और आतंकियों की लिस्ट बनाकर और खुद वहां पहुंचकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यह सरकार इस मसले पर कितनी गंभीर रहने वाली है.

  • Share this:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला महीना पूरा कर लिया है. शुरुआती 30 दिन में ही मोदी सरकार ने सरकार चलाने के तरीके को लेकर अपनी मंसा जाहिर कर दी है. सदन में मोदी सरकार की ओर से बोल रहे सांसद, मंत्री हो या खुद प्रधानमंत्री मोदी के भाषण हों, उनमें पहले कार्यकाल की तुलना में कहीं ज्यादा विश्वास झलक रहा है.

मोदी सरकार 2.0 के पहले तीन दिन में ही सरकार चलाने का एक पूरा खांका सदन में खींच दिया है. सदन में राष्ट्रपति के पहले अभिभाषण में ही पीएम मोदी की आगामी पांच साल की नीतियों की योजना का आभाष देश को हो चुका है. इससे पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल को लेकर तैयारी का अंदाजा लग रहा है.

महज 30 ‌दिनों के भीतर मोदी सरकार में कश्मीर को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की तेजी, सदन में विपक्ष को करारा जवाब, असम में एनआरसी, नये सांसदों को पीएम मोदी के निर्देश, विदेश में एक बार फिर से भारत के प्रतिनिधित्व को मजबूती से पेश करना, खुफिया एजेंस‌ियों के प्रमुख पदों पर ताबड़तोड़ नियुक्‍तियों जैसे बड़े कदमों को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के दूसरे कार्यकाल में फटाफट किए जा रहे हैं. आइए इस मौके पर पांच उन खास बातों का जिक्र करते हैं, जो मोदी सरकार ने दूसरे कार्यकाल में एक महीनों के भीतर की हैं.

1. पाकिस्तान को लेकर रुख स्पष्ट

पीएम मोदी ने अपने पहले कार्यकाल की शुरुआत करते वक्त शपथ ग्रहण में ही पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ को आमंत्रण भेजकर पाकिस्तान के साथ आगामी दिनों के रिश्ते के बारे में स्पष्ट संदेश दिया था. वे अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने की ताक में थे.



वहीं अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने पाक पीएम की ओर से भेजे गए बधाई संदेश के जवाब में यह कहा कि पहले आतंकवाद को पनाह देना बंद कीजिए, अपना रुख एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया है. कजाकिस्तान में एसआईसी देशों की बैठक में जब पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से मुलाकात का मौका था, लेकिन पीएम मोदी ने मुलाकात ना कर के पाक को लेकर पुलवामा हमले व आतंकवाद पर सीधा संदेश दिया. यह सरकार पाकिस्तान को बिल्कुल भी मौका नहीं देना चाहती.यह भी पढ़ेंः J&K से PDP-NC और अलगाववादियों को ऐसे साफ़ करेंगे शाह!

इतना ही नहीं पाकिस्तान और चीन से निपटने के लिए वायुसेना की ताकत बढ़ाने पर मोदी सरकार का पूरा जोर है. इसके लिए लगातार रूस और अमेरिका से भारत वायुसेना के लिए हथ‌ियारों की खरीद पर जोर दे रही है.

2. कश्मीर को लेकर बेहद सजग सरकार
भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देश गृहमंत्री की कमान संभालते ही पहला काम कश्मीर में अलगाववादी नेताओं और आतंकियों की लिस्ट बनाकर और वहां स्थिति का मुआयना करना शुरू किया. अपने महज 30 दिन के कार्यकाल में गृहमंत्री ने कश्मीर का दौरा कर यह साफ संदेश दिया है कि आगामी दिनों में मोदी सरकार इस मसले पर कितनी गंभीर है.

साथ ही धारा 370 और अनुच्छेद 35 की समीक्षा और पीओके में चुनाव की मांग कर भी बीजेपी ने प्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.



3. विपक्ष पर तगड़े हमले जारी
मोदी सरकार में कई प्रमुख कामों एक प्रमुख काम विपक्ष को धराशाई करने का भी रहा है. लेकिन इस बार जिस तरह से पीएम मोदी ने देश में जनमत मिला है, उससे पीएम मोदी अपने कार्यकाल की तुलना में और ज्यादा स्पष्टता और विश्वास के साथ विपक्ष और राजनैतिक स्पतर पर उठने वाले विवदों को चुनौती दे रहे हैं. अपने पहले ही भाषण में उन्होंने विपक्ष के एक-एक सवाल का अपने ही तेवर में जवाब दिया.

यह भी पढ़ेंः Mann Ki Baat में जल, जीवन और जीत पर पीएम मोदी ने दी ये सीख

इतना ही जीत के ठीक बाद टीडीपी और टीएमसी नेताओं को बीजेपी में शामिल कर राजनैतिक स्तर पर भी यह सरकार अपने आगे की रणनीति साफ करते चल रही है.

4. विदेशों में भारत की मजबूत पहचान को और आगे बढ़ाया
महज तीस दिनों के भीतर किर्गिस्तान में एसआईसी देशों की बैठक में जाकर और जापान में चल रही जी-20 देशों के सम‌िट में पीएम मोदी ने पहुंच कर विदेशों में भारत की मजबूत स्थ‌‌िति को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया. जी-20 देश समूह की समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात और उनकी ओर से साथ मिलकर काम करने की बात ने भारत को बल दिया है. क्योंकि अमेरिका से खराब होते रिश्ते एक बार के लिए बड़ी चुनौती बनते दिखाई देने लगे थे. इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री का भारत आना भी इस दिशा में एक बेहतर कदम साबित हो सकता है.



5. भ्रष्टाचार के खिलाफ और कड़ा रुख इख्तियार करेगी सरकार
मोदी सरकार 2.0 प्रधानमंत्री स्कालरशिप योजना, मोटर व्हीकल ऐक्ट में तब्दीली, एक देश एक राशन कार्ड, कश्मीर नीति, तीन तलाक बिल जैसे मसलों पर तेजी आगे बढ़ते दिखाई दे रही है. साथ ही प्रधानमंत्री किसान योजना से करीब 12 करोड़ गरीब और सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाने वाले फैसले को आगे बढ़ाकर इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता, शहीदों और पूर्व सैनिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति के लिए अलग से प्रावधान करना, असंगठित कामगारों के लिए पेंशन योजना जैसी स्कीम लाकर यह सरकार जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आ रही है.

यह भी पढ़ेंः Analysis : कश्मीर में अलगाववादियों को बदलना होगा रुख

वहीं, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों को सेवानिवृत्त कर भ्रष्टाचार के खात्मे को लेकर अपनी वायदे पर कायम है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 1, 2019, 9:53 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर