Coronavirus से बचाव के लिए सीआईएसएफ के 30 हजार जवानों ने अपनाई यह खास तरकीब

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

सीआईएसएफ (CISF) के एयरपोर्ट महानिदेशालय ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की चुनौती का समाधान ‘मिनिमम टच कॉन्सेप्‍ट’ (Minimum Touch Concept) के तौर पर निकाला है. देश के 63 एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ इसी तकनीक का इस्तेमाल कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2020, 5:53 PM IST
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नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण के चलते पूरी दुनिया में खौफ का माहौल बना हुआ है. आलम यह है कि सरकार ने शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स, सिनेमा-थियेटर, स्‍कूल-कॉलेज समेत तमाम प्रतिष्‍ठानों को बंद करने के आदेश जारी कर दिया है. कई निजी संस्‍थानों ने अपने कर्मचारियों को घर से ही दफ्तर का काम करने की सुविधा दी है. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इन कवायदों के बीच, एयरपोर्ट (Airport) पर तैनात सीआईएसएफ (CISF) के जवान मुसाफिरों की सुरक्षा जांच में जुटे हुए हैं. ऐसे में इन जवानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सीआईएसएफ के जवान खुद को कोरोना वायरस के संक्रमण से कैसे बचाएं. सीआईएसएफ ने इसका अनोखा समाधान ढूंढ निकाला. सीआईएसएफ के एयरपोर्ट महानिदेशालय ने अपने जवानों के लिए ‘मिनिमम टच कॉन्सेप्‍ट’ के तौर पर निकाला है. फिलहाल देश के 63 एयरपोर्ट पर तैनात करीब 30 हजार जवान खुद को कोराना वायरस से बचाने के लिए इसी कॉन्सेप्‍ट का इस्‍तेमाल ले रहे हैं.

क्‍या है ‘मिनिमम टच कॉसेप्‍ट’
एयरपोर्ट सेक्‍टर के विशेष महानिदेशक एमए गणपति ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में बताया कि जवानों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए ‘मिनिमम टच’ कॉन्सेप्‍ट तैयार किया गया है. इस कॉन्सेप्‍ट के तहत जवानों को बताया गया है कि किस तरह वह मुसाफिरों के शरीर को छुए बगैर सुरक्षा जांच पूरा कर सकते हैं. उन्‍होंने बताया कि प्री-इंबार्केशन सिक्‍योरिटी चेक के लिए तैनात जवानों से कहा गया है कि सुरक्षा जांच के दौरान हैंडहेल्‍ड मेटल डिटेक्‍टर (HHMD) को मुसाफिरों के शरीर से कम से कम 2.5 सेमी दूर रखा जाए. इस तरह खुद को और मुसाफिर को संक्रमण से बचाया जा सकता है. वहीं, एयरपोर्ट पर पैड डाउन सर्च से भी बचने की सलाह दी गई है. यदि मुसाफिर के शरीर के किसी हिस्‍से में कुछ संदेहास्‍पद है, तो उसे मुसाफिरों को ही निकालने के लिए कहा जा रहा है. इससे सुरक्षा जांच अधिकारी को मुसाफिरों को किसी भी तरह से छूने की जरूरत नहीं पड़ती है.

हर दो घंटे में सेनेटाइज हो रहे इक्‍यूपमेंट
कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका को खत्‍म करने के लिए एयरपोर्ट पर सभी उपकरणों को निश्‍चित अवधि के अंतराल में सेनेटाइज किया जा रहा है. दरअसल, एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच में इस्‍तेमाल होने वाला हैंड हेल्‍ड मेटल डिटेक्‍टर सीधे तौर पर हर मुसाफिर के संपर्क में आता है. इसके अलावा डोर फ्रेम मेटल डिटेक्‍टर (DFMD) और एक्‍स-रे भी मुसाफिरों की सीधी पहुंच के भीतर है. ऐसे में कोई कोरोना वायरस से संक्रमित मुसाफिर खांसता या छींकता है तो वायरस के इन उपकरणों तक पहुंचने की आशंका बनी रहती है. इस आशंका को देखते हुए सीआईएसएफ सभी सुरक्षा उपकरणों को हर दो घंटे के अंतराल में लगातार सेनेटाइज कर रही है. इसी तरह चेक-इन एरिया, बोर्डिग गेट और बैगेज मेकअप एरिया को भी हर दो घंटे के अंतराल में सेनेटाइज किया जा रहा है.



जवानों को दी गई है यह खास हिदायत
एयरपोर्ट सेक्‍टर के विशेष महानिदेशक एमए गणपति ने बताया कि एयरपोर्ट पर तैनात सभी जवानों को ‘क्‍या करें-क्‍या न करें’ के बारे में बताया गया है. सभी जवानों को ग्‍लब्‍स, सेनेटाइजर और मास्‍क दिए गए हैं. एयरपोर्ट के गेट पर तैनात जवानों से कहा गया है कि वह मुसाफिरों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें. टर्मिनल के गेट पर तैनात जवान लगातार मुसाफिर द्वारा लाए गए पेपर, ई-टिकट या पासपोर्ट के संपर्क में आते हैं, लिहाजा निश्‍चित समय अंतराल में अपने ग्‍लब्‍स बदल लें. टर्मिनल के विभिन्‍न सिक्‍योरिटी प्‍वाइंट्स पर थर्मल स्‍कैनर के साथ जवानों को तैनात किया गया है. ये जवान थर्मल स्‍कैनर की मदद से मुसाफिरों का टेंपरेचर लेते हैं. थोड़ी सी भी आशंका होने पर मुसाफिरों को मेडिकल टीम के पास भेज दिया जाता है. इसके अलावा, ड्यूटी खत्‍म होने के बाद सभी जवानों को अपने कपड़े सेनेटाइज करने और ड्यूटी में आने से पहले फ्रेश कपड़े पहनने के लिए कहा गया है.

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