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कश्‍मीर में बर्फबारी के बीच घुसपैठ की फिराक में 300 आतंकी, पाकिस्‍तान तोड़ रहा सीजफायर

एलओसी पर सेना ने बढ़ाई मुस्‍तैदी. (File pic ANI)
एलओसी पर सेना ने बढ़ाई मुस्‍तैदी. (File pic ANI)

सैन्‍य सूत्रों के अनुसार सीमा पार पाकिस्‍तान (Pakistan) में करीब 250 से 300 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2020, 10:41 AM IST
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नई दिल्‍ली. देश के अधिकांश इलाकों में ठंड (Winter) बढ़ चुकी है. इस बीच जम्‍मू कश्‍मीर (Jammu Kashmir) में नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे इलाकों में बर्फबारी हुई है. इससे भारतीय सेना (Indian Army) के लिए हर साल की तरह आतंकी घुसपैठ (Terrorist) रोकने को लेकर चुनौती बढ़ गई हैं. पाकिस्‍तानी सेना (Pakistan) भी एलओसी पर सीजफायर का उल्‍लंघन (Ceasefire Violation) करके आतंकियों की घुसपैठ कराने का प्रयास करती है. लेकिन इस साल भारतीय सेना पाकिस्‍तान के इन नापाक मंसूबों को देखते हुए एलओसी पर पूरी तरह से तैनात है. भारतीय सेना ने वहां मल्‍टी टियर सिक्‍योरिटी सेटअप किया है.

सर्दियों के दिनों में जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ और राजौरी के सेक्‍टर्स में घुसपैठ की कोशिशों और पाक गोलीबारी की घटनाओं को देखते हुए अलर्ट रहता है. वहीं सैन्‍य सूत्रों के अनुसार सीमा पार पाकिस्‍तान में करीब 250 से 300 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार हैं.

पाकिस्‍तान की ओर से पिछले कई साल से सीजफायर का उल्‍लंघन किया जा रहा है. 2020 में सीजफायर के उल्‍लंघन की यह घटनाएं रिकॉर्ड स्‍तर पर हुई हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल पाकिस्‍तान की ओर से 4100 से अधिक बार सीजफायर उल्‍लंघन किया गया है. इसके तहत नवंबर में 128 बार और अक्‍टूबर में 394 बार पाकिस्‍तान ने यह हरकत की है. वहीं अगर पिछले वर्षों की बात करें तो 2015 में 405 बार सीजफायर का उल्‍लंघन किया गया था. 2014 में यह संख्‍याा 583 थी.



सैन्‍य सूत्रों के अनुसार पाकिस्‍तान की ओर से सीजफायर उल्‍लंघन का मकसद सीमा पर आतंकी घुसपैठ कराना होता है. पाकिस्‍तानी सेना सीमा पर उन स्‍थानों पर गोलीबारी करती है, जहां से वो आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने में मदद करती है. वहीं सर्दियां आते ही पाकिस्‍तानी सेना की ओर से आतंकी घुसपैठ कराने के लिए गोलीबारी की ये घटनाएं बढ़ जाती हैं. क्‍योंकि एलओसी के दुर्गम स्‍थानों पर भारी बर्फबारी से घुसपैठ कराने में मदद मिलती है.

वहीं सेना ने पिछले कुछ सालों में आतंकियों की इस घुसपैठ को रोकने में काफी कामयाबी हासिल की है. इसकी वजह है सेना की मल्‍टी टियर सेक्‍योरिटी रणनीति. अब सेना सीमा पर ड्रोन यानी यूएवी, सर्विलांस एंड टारगेट इलेक्‍ट्रॉनिक सिस्‍टम, आधुनिक हथियारों समेत अन्‍य सर्विलांस उपकरणों का सहारा ले रही है. इससे आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करने में मदद मिल रही है.
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