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घाटी में बाढ़: टूरिस्ट गायब,टूर ऑपरेटर्स परेशान

घाटी में बाढ़: टूरिस्ट गायब,टूर ऑपरेटर्स परेशान

जम्मू-कश्मीर में फिर बर्बादी बरस रही है। ये बारिश बेमौसम सर्दी लेकर ही नहीं आई, बल्कि उन लोगों की जिंदगी में भी परेशानियां लेकर आई है जो पर्यटन पर आश्रित हैं।

जम्मू-कश्मीर में फिर बर्बादी बरस रही है। ये बारिश बेमौसम सर्दी लेकर ही नहीं आई, बल्कि उन लोगों की जिंदगी में भी परेशानियां लेकर आई है जो पर्यटन पर आश्रित हैं।

जम्मू-कश्मीर में फिर बर्बादी बरस रही है। ये बारिश बेमौसम सर्दी लेकर ही नहीं आई, बल्कि उन लोगों की जिंदगी में भी परेशानियां लेकर आई है जो पर्यटन पर आश्रित हैं।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में फिर बर्बादी बरस रही है। ये बारिश बेमौसम सर्दी लेकर ही नहीं आई, बल्कि उन लोगों की जिंदगी में भी परेशानियां लेकर आई है जो पर्यटन पर आश्रित हैं। कश्मीर में लोगों की आवक से गुलजार होने वाले परेशान हैं। 7 माह पहले ऐसी ही बारिश हुई थी, जो देखते ही देखते तबाही लाई थी। हर तरफ बर्बादी दिखी, चीख पुकार दिखी। हर बुनियादी जरूरत की चीजें गायब मिलीं। छतें ढह गईं, सड़कें बह गईं। सड़कों पर तालाब का नजारा दिखा। पानी की छोटी धाराएं खौफनाक नदियों का रुप लेती दिखीं।

इसका असर स्थानीय वाशिंदों पर ही नहीं पड़ा बल्कि पर्यटन से जुड़े लोगों पर भी इसने बड़ा असर डाला है। दिल्ली में कई छोटे टूर ऑपरेटर्स के लिए ये बारिश निराशा लेकर आई है। कनॉट प्लेस से सटे मशहूर होटल जनपथ में बने जम्मू कश्मीर टूरिज्म के कार्यालय में जाने पर पता चला कि लोग डरे तो हैं, फिर भी काम जारी है। कार्यालय में बताया गया कि श्रीनगर में टूरिज्म कार्यालय खुला है और लोग यात्रा कर रहे हैं। लेकिन वो ये बताने में नाकाम रहे कि लोग श्रीनगर पहुंच कैसे रहे हैं, जब जम्मू-श्रीनगर हाइवे ही बंद है। ऐसे में सरकारी एजेंसियों के अधिकारी अपनी गर्दन नपने के डर से भले ही झूठ बोल रहे हों, लेकिन हकीकत ये है कि लगातार बारिश के अंदेशे को देखते हुए लोग श्रीनगर से किनारा कर रहे हैं।

श्रीनगर जाने का प्लान बदला


श्रीनगर जाने का प्लान बनाए बैठे राहुल पल्हानिया हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। पिता बड़े अधिकारी हैं। बचपन से ही दिल्ली में रहे राहुल ने 31 मार्च को श्रीनगर जाने का प्लान बनाया था। लेकिन अब वो नहीं जा रहे। राहुल ने कहा कि 7 माह पहले जो हुआ और प्राकृतिक आपदाओं से अबतक श्रीनगर में जो तबाहियां आ चुकी हैं, उसे देखते हुए मैंने अपना टूर पोस्टपोन कर दिया है। राहुल का कहना है कि अगर सबकुछ सही रहा तो वे 10 अप्रैल तक श्रीनगर जाएंगे, लेकिन कुछ गलत होने की स्थिति में वे टूर फिर से कैंसिल कर देंगे। फिर से इसलिए, कि वो 7 माह पहले आखिरी समय में श्रीनगर टूर को कैंसल कर बड़ी मुसीबत से बच चुके हैं। ऐसे में राहुल जैसी आशंकाएं कई लोगों के दिल में है।

10 अप्रैल तक बुकिंग बंद


जनपथ पर टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी चलाने वाले गुरनाम सिंह ने कहा कि दिल्ली से कश्मीर जाने वालों की संख्या कम ही होती है, अधिकतर कश्मीरी टूर एजेंसियां ही ऐसे टूरिस्टों को कश्मीर भेजती हैं। वे अपने टूरिस्टों को किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से भेज देते हैं, लेकिन इस बारिश की वजह से 10 अप्रैल तक घाटी और श्रीनगर की सभी बुकिंग रद्द हो गई है। इसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है।

मीडिया पर गुस्सा


दिल्ली के दिल यानी कनॉट प्लेस के ऑउटर सर्कल में कई टूर ऑपरेटरों के कार्यालय हैं। भारत सरकार के टूरिज्म कार्यालय ‘दिल्ली टूर’ से सटे परफैक्ट हॉलिडे ट्रैवल्स नाम से खुले ऑफिस में पहुंचे तो स्वागत गुस्से के साथ हुआ। कश्मीर घुमाने के लिए मशहूर इस ट्रैवल्स कंपनी के मुलाजिमों ने आरोप लगाया कि न्यूज इंडस्ट्री उनके धंधे को चौपट करने में लगा है, क्योंकि खबरों में बाढ़ को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। ऐसे में जब हाइवे बंद होने और अगले 72 घंटों तक बारिश की आशंका की बात बताई गई तो थोड़ा नरमी बरती गई। बातचीत में पता चला कि 4 और 9 अप्रैल को पहले से तय 2 ग्रुप का टूर पोस्टपोन हो गया है। इसकी वजह से उन्हें गुस्सा भी आ रहा है। वहीं काम करने वाले एक कश्मीरी युवक ने बताया कि वैसे भी लोग कश्मीर से दूर भाग रहे हैं, फिर भी जो जाने वाले लोग हैं वो बारिश की वजह से कोई मुसीबत मोल लेना नहीं चाहते।

कश्मीर जाने वाले घटे


मशहूर टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी मेक माइ ट्रिप के कनॉट प्लेस ऑफिस में जाने पर पता चला कि इस साल कश्मीर जाने वाले लोगों में काफी कमी आई है। नाम न बताने की शर्त पर ‘मेक माइ ट्रिप’ से जुड़े एक एजेंट ने बताया कि पिछले साल की तबाही का असर अबतक है। लोग कहते हैं कि क्या देखने जाएं? जब सबकुछ बर्बाद हो चुका है। घाटी को फिर से बनने में समय लगेगा। यही वजह है कि इस बार बारिश और बाढ़ के नाम से ही लोग डरे हुए हैं।

गौरतलब है कि कभी धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर मौजूदा समय में भले ही शांत हो, लेकिन पर्यटकों की आवक के लिए तरस रहा है। एक समय पूरे देश में सर्वाधिक पर्यटक कश्मीर जाते थे, लेकिन 1989 में तत्कालीन गृहमंत्री की बेटी के अपहरण केस और उसके बाद लगातार बढ़े आतंकवाद ने विदेशी पर्यटकों को घाटी से दूर कर दिया है। लोग पहले आतंक से डरे सहमे रहते थे, लेकिन आतंक से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी, तो कुदरत के कहर का खौफ लोगों को घाटी से लगातार दूर कर रहा है।

Tags: Flood, Srinagar, Tourism

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