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स्वास्थ्य मंत्री ने की समलैंगिकों की वकालत

आईएएनएस
Updated: August 8, 2008, 1:55 PM IST
स्वास्थ्य मंत्री ने की समलैंगिकों की वकालत
केंद्र सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदोस ने समलैंगिकों की वकालत की।

केंद्र सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदोस ने समलैंगिकों की वकालत की।

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नई दिल्ली। समलैंगिकों के अधिकारों के लिए एक और आवाज उठी है और वह आवाज है केंद्र सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदोस की।

रामदोस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 को समाप्त करने पर बल दिया है जिनके मुताबिक दो पुरुषों के बीच शारीरिक संबंध अपराध है। रामदास ने यह बातें मैक्सिको में एड्स पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में कही।

स्वास्थ्य मंत्री ने आईपीसी की धारा 377 के बारे में कहा कि अगर धारा भेदभावपूर्ण है तो इसे हटाए जाने की जरूरत है। हम समलैंगिकों के साथ हैं और उनके हक से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। इस कानून के मुताबिक समलैंगिक रिश्ता बनाना अपराध है।



भारतीय संविधान की यह धारा समलैंगिक संबंधों को 'अप्राकृतिक' करार देती है। गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय में नाज फाउंडेशन द्वारा दाखिल वह याचिका विचाराधीन है जिसमें इस कानून को चुनौती दी गई है।



स्वास्थ्य मंत्रालय ने सम्मेलन में खुलकर कहा कि अगर एड्स विरोधी कार्यकमों और योजनाओं को सफल बनाना है तो समलैंगिकों और यौन कर्मियों से जुड़े भेदभावपूर्ण कानूनों को खत्म करना होगा। जरूरत इस बात की है कि इन तबकों तक एचआईवी व एड्स विरोधी योजनाओं की पहुंच बढ़ाई जाए।

First published: August 8, 2008, 1:55 PM IST
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