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पढ़ें: नेपाल-भारत में आए भूकंप की हर खबर

News18India.com
Updated: April 25, 2015, 5:00 PM IST

शनिवार का दिन भारत और पड़ोसी देश नेपाल के लिए बुरी खबर लेकर आया। दिन के लगभग पौने बारह बजे नेपाल में प्रकृति ने कहर बरपा दिया।

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नई दिल्ली। शनिवार का दिन भारत और पड़ोसी देश नेपाल के लिए बुरी खबर लेकर आया। दिन के लगभग पौने बारह बजे नेपाल में प्रकृति ने कहर बरपा दिया और नेपाल को एक के बाद एक भूकंप के दो बड़े झटके लगे और देखते ही देखते राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में तबाही आ गई। वहीं भारत भी भूकंप के इन झटकों से अछूता नहीं रहा। पूरे उत्तर भारत में सिक्किम से लेकर राजस्थान तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

भूकंप का कहर
नेपाल में अब तक मरने वालों को आंकड़ा 1500 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। राजधानी काठमांडू में ही करीब 600 लोगों की मौत की खबर है। हालांकि भारत में नेपाल जैसी तबाही नहीं, लेकिन जानमाल का नुकसान तो हुआ ही है। दिल्ली के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम में दोहरे झटके महसूस किए गए। भारत में भूकंप से कुल 36 लोगों की मौत हुई है।

भारत में भूकंप की तबाही

देश में बिहार में 23 लोगों की मौत हुई है, जबकि उत्तर प्रदेश में 8 लोगों के मारे जाने की खबर आई है। वहीं माउंट एवरेस्ट में दो बेस कैंप हिमस्खलन में बह गए हैं और नेपाल का ऐतिहासिक भीमसेन टावर गिर गया है। अकेले इस टावर में 400 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है।

भूकंप की तीव्रता
बता दें कि भूकंप का केंद्र काठमांडू से 80 किलोमीटर दूर था। नेपाल में पहला झटका 11 बजे करीब एक मिनट तक महसूस किया गया और इस केंद्र के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.9 मापी गई। नेपाल में पशुपति नाथ मंदिर सुरक्षित है जबकि नेपाल की पुरानी और लोकप्रिय इमारत धरहरा धरासाई हो गया। उसके बाद भूकंप का दूसरा झटका करीब 40 मिनट बाद आया और इसकी तीव्रता 6.6 मापी गई। इसका केंद्र नेपाल में पोखरा के आसपास था।
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काठमांडू सबसे ज्यादा प्रभावित
इस तबाही में काठमांडू में भूकंप के चलते कई इमारते जमींदोज हो गई। भूकंप के तेज झटकों ने सड़कों पर बड़ी दरारें डाल दीं। घनी आबादी वाले पुराने काठमांडू में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। भूकंप के चलते काफी लोगों की जान चली गई जबकि सैंकड़ों लोग घायल हैं। तबाही के बाद राहत-बचाव का काम तेजी से शुरू किया गया लेकिन इंतजामों की कमी के चलते घायलों का इलाज सड़कों पर ही किया जा रहा है।

नेपाल की 'कुतुबमीनार' ढही
भूकंप से मीनार को काफी नुकसान पहुंचा और मीनार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। मीनार में उस वक्त साढ़े चार सौ से ज्यादा लोग थे। ये मीनार विदेशी पर्यटकों में काफी लोकप्रिय थीं। इसे नेपाल का कुतुबमीनार भी कहा जाता था। इस मीनार की आठवीं मंजिला पर एक गोलाकार बालकनी थी, जहां से काठमांडू का पूरा नजारा दिखाई देता था।

एवरेस्ट में हिमस्खलन
नेपाल और भारत में भूकंप के तेज झटकों के बीच ही खबर आई कि एवरेस्ट में भी हिमस्खलन की हुआ है जिसमें भारतीय सेना की एक टुकडी फंस गई। वहीं हिमस्खलन में एवरेस्ट पर गए 18 पर्वतारोहियों के मारे जाने की खबर है। भारतीय सेना को 13 पर्वतारोहियों के शव मिल गए हैं। हालांकि सेना की टुकडी पूरी तरह से सुरक्षित है।

देश की जनता में दहशत
देश में आए झटकों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई क्षेत्रों में लोग दहशत में आ गए। सड़कों पर लोगों की भीड़ लग गई। दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर में भी अफरातफरी मच गई। बिहार की सीएम नीतीश कुमार भी दिल्ली में ही मौजूद थे। उन्होंने भी बिहार भवन में भूकंप के झटके महसूस किए। नोएडा और गाजियाबाद में भी भूकंप के झटकों के बाद स्कूलों और ऊंची-ऊची बिल्डिंगों को खाली करा लिया गया। यहां तक की अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी तेजी से बाहर निकालने का काम किया गया।

सुषमा स्वराज ने ट्वीट से दी जानकारी
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि भारतीय वायु सेना ने नेपाल का राजधानी काठमांडू से 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। सुषमा ने भारत में रह रहे लोगों से अपील की है कि वो भारत सरकार की तरफ से चलाए जा रहे मिशन को जानकारी दे। इसी बीच नेपाल में भारतीय दूतावास भी भूकंप की चपेट में आ गया और वहां एक दूतावासकर्मी की बेटी की मौत हो गई।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
भूकंप से मची तबाही के बाद भारत की तरफ से मदद का सिलसिला जारी है। पड़ोसी देश नेपाल में भारत के कई सगे संबंधी रहते हैं। ऐसे में सभी अपनों की सलामती की खोज खबर लेने के लिए फोन कर रहे हैं। भारत सरकार ने 3.5 टन राहत सामग्री भी भेजी है और हरसंभव मदद की कोशिश कर रही है।

संचार कंपनियों की पहल
वहीं बीएसएनएल ने राहत देते हुए अगले तीन दिनों नेपाल तक सभी कॉल को लोकल कॉल के तौर पर चार्ज करने का फैसला किया है। वहीं एयरटेल ने भी मदद का हाथ बढ़ाते हुए नेपाल के लिए अगले 48 घंटे के लिए कॉल सेवा फ्री कर दी है।

एयरलाइंस ने भी की सहायता
नेपाल में आई आपदा में भारतीय एयरलाइंस ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। वहीं एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइस जेट ने मदद पहुंचाने के लिए मुफ्त में अतिरिक्त फ्लाइट उड़ाने का फैसला किया है। इन एयरलाइंस ने राहत सामग्री मुफ्त में पहुंचाने के लिए गैर सरकारी संगठनों और दूसरी एजेंसियों के लिए मालवाहक विमान की पेशकश की है।

रेलवे भेजेगा पानी
भारतीय रेलवे भी नेपाल की मदद करने में पीछे नहीं है। भारतीय रेलवे 4 लाख बोतल पानी भी नेपाल भेजेगा।

नेपाल से कई भारतीयों को लाया गया
एक एयरफोर्स का विमान दिल्ली पहुंचा है। विमान सी 130 जे से भारतीयों को दिल्ली में लाया गया। विमान से 55 भारतीयों को भारत लाया गया है।

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First published: April 25, 2015, 5:00 PM IST
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