लाइव टीवी

देश के 10 राज्यों में नक्सली हिंसा में मारे गए 3,700 से अधिक लोग, यूपी और मध्यप्रदेश भी शामिल

भाषा
Updated: October 28, 2019, 6:35 PM IST
देश के 10 राज्यों में नक्सली हिंसा में मारे गए 3,700 से अधिक लोग, यूपी और मध्यप्रदेश भी शामिल
देश में पिछले 9 साल में नक्सली हिंसा में मारे गए 3,749 लोग- रिपोर्ट

गृह मंत्रालय (Home Ministry) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2010 से दस राज्यों में नक्सली (Naxalite) हिंसा की 10,660 घटनाओं में 3,749 लोगों की जान चली गई.

  • Share this:
नई दिल्ली. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले नौ सालों के दौरान दस राज्यों में नक्सली (Naxalite) हिंसा में 3,700 से अधिक लोग मारे गए. जिनमें सबसे अधिक जानें छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में गईं. मंत्रालय ने वर्ष 2018-19 की अपनी रिपोर्ट में कहा कि सीपीआई (माओवादी) देश में विभिन्न वाम चरमपंथी संगठनों में सबसे ताकतवर संगठन है और वह 88 फीसदी से अधिक हिंसक घटनाओं एवं फलस्वरूप होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार है.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘बढ़ते नुकसान के बीच भाकपा (माओवादी) अंतर-राज्यीय सीमाओं पर नए क्षेत्रों में अपने पांव पसारने की कोशिश में जुटा है लेकिन उसे कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है.’ रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 से दस राज्यों में हिंसा की 10,660 घटनाओं में 3,749 लोगों की जान चली गई.

झारखंड़ में 997 लोग मारे गए
वाम चरमपंथ के कारण सबसे अधिक जानें छत्तीसगढ़ में गईं, जहां 2010 से 2018 के बीच माओवादियों द्वारा अंजाम दी गई. 3769 हिंसक घटनाओं में 1370 लोगों की मौत हुई. झारखंड में वाम चरमपंथ की 3,358 हिंसक घटनाओं में 997 लोग मारे गए जबकि बिहार में उसी दौरान 1526 ऐसी ही हिंसक वारदातों में 387 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

इन राज्यों में यूपी और एमपी भी शामिल
दस नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश हैं.

शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सरकार द्वारा राष्ट्रीय नीति एवं कार्ययोजना के दृढ़ क्रियान्वयन से देश में वाम चरमपंथ के परिदृश्य में काफी सुधार आया है. पिछले पांच सालों में वाम चरमपंथ हिंसा में बहुत गिरावट आयी है और वाम चरमपंथ का भौगोलिक प्रसार भी घटा है.’
Loading...

हिंसक घटनाओं में आई 26.7 फीसदी की कमी
वाम चरमपंथ हिंसा में गिरावट का दौर 2018 में भी जारी रहा. हिंसक घटनाओं में 26.7 फीसदी की कमी आयी. जहां 2013 में 1136 हिंसक घटनाएं हुईं वहीं 2018 में 833 ऐसी घटनाएं सामने आयीं. उसी तरह 2013 में वाम चरमपंथ की हिंसक घटनाओं में 397 लोग मारे गए जबकि 2018 में यह संख्या 39.5 फीसदी से घटकर घटकर 240 हो गई.

75 सुरक्षाकर्मी हुए शहीद
रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में वाम चरमंपथी हिंसा में 75 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जबकि 2018 में यह संख्या 10.7 फीसदी घटकर 67 हो गई. वर्ष 2013 में 136 वाम चरमपंथी मारे गए, जबकि 2018 में 225 वाम चरमपंथियों का सफाया किया गया. इसमें 65.4 फीसद की वृद्धि हुई.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘साथ ही भारत सरकार के विकास कार्यक्रमों के चलते हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले वाम चरमपंथियों की संख्या में लगातार इजाफा नजर आया.’’

यह भी पढ़ें-

जम्मू-कश्मीर: सोपोर में आतंकियों ने किया ग्रेनेड अटैक, 15 लोग घायल
तेलंगाना में RTC की हड़ताल के बीच महिला कर्मचारी ने की खुदखुशी
भोपाल: अव्वल आने के लिए भोपाल नगर निगम की रणनीति, बनाया ये खास प्लान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 28, 2019, 5:13 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...