लाइव टीवी

कौन हैं वो 35 लोग, जिनकी फांसी पर राष्ट्रपति भी लगा चुके हैं मुहर

News18Hindi
Updated: January 8, 2020, 2:49 PM IST
कौन हैं वो 35 लोग, जिनकी फांसी पर राष्ट्रपति भी लगा चुके हैं मुहर
35 लोगों की दया याचिकाएं राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं.

इन सभी की दया याचिकाओं (Mercy petition) को राष्ट्रपति (President of India) खारिज कर चुके हैं. फांसी पर राष्ट्रपति की मुहर लग चुकी है. खास बात यह है कि 35 लोगों में चार महिलाएं भी शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2020, 2:49 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape) केस के चारों दोषियों के डेथ वारंट पर कोर्ट में साइन हो चुके हैं. पवन जल्लाद (Pawan Jallad) को बुलाने के लिए भी चिठ्ठी लिखी जा चुकी है. तिहाड़ जेल (Tihar Jail) प्रशासन फांसी का ट्रायल करने जा रहा है. लेकिन इस बीच देश की अलग-अलग जेलों में बंद 35 ऐसे और भी अपराधी हैं जिनकी दया याचिकाओं (Mercy petition) को राष्ट्रपति (President of India) खारिज कर चुके हैं. फांसी पर राष्ट्रपति की मुहर लग चुकी है. खास बात यह है कि 35 लोगों में चार महिलाएं भी शामिल हैं.

निठारी कांड का दोषी सुरेंद्र कोली भी है कतार में
चार महिलाओं और 31 पुरुषों की फेहरिस्त में एक नाम निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली का भी है. वर्ष 2014 में कोली की दया याचिका को राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं. कोली को मेरठ जेल में फांसी देने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. लेकिन ऐन वक्त पर कोली की फांसी पर रोक लग गई और वो फांसी के फंदे से बच गया.

कसाब, अफज़ल और मेमन को हुई थी आखिरी फांसी



अगर पिछली हुई तीन फांसी की बात करें तो वो आतंकवादी अजमल कसाब, अफजल गुरु और याकूब मेमन को दी गईं थी. ये तीनों फांसी वर्ष 2012, 2013 और 2015 में दी गईं थी. अफजल संसद हमले से जुड़ा था तो  कसाब मुंबई अटैक और मेमन मुंबई ब्लॉस्ट में शामिल था. इन तीन फांसी के चार साल बाद ये पहला मौका है जब निर्भया केस के दोषियों को फांसी दिए जाने की तैयारी चल रही है.

ये हैं वो चार महिलाएं, जिन्हें दी जानी है फांसी
हरियाणा की रहने वाली सोनिया, यूपी की शबनम और महाराष्ट्र की रेणुका व सीमा. इन चार महिलाओं की फांसी पर भी राष्ट्रपति अपनी मुहर लगा चुके हैं. सोनिया और शबनम अपने-अपने परिवार के सभी सदस्यों की हत्या करने की दोषी ठहराई गई हैं. सोनिया के पिता हिसार के विधायक थे. सोनिया का पति संजीव तो शबनम का प्रेमी सलीम भी जेल में फांसी दिए जाने का इंतजार कर रहा है. वहीं रेणुका और सीमा बच्चों को अगवा कर उनसे भीख मंगवाने और बाद में काम के लायक न रहने पर उनकी हत्या की दोषी ठहराई गई हैं.

अब निर्भया गैंगरेप के चार दोषी भी हो गए शामिल
हालांकि निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को काफी समय पहले ही मौत की सजा सुनाई जा चुकी थी. लेकिन फांसी का दिन और वक्त तय नहीं हो पा रहा था. अब चारों दोषियों के डेथ वारंट पर साइन हो चुके हैं. फांसी का दिन और वक्त भी तय हो चुका है. इसी के साथ 35 दूसरे लोगों के साथ निर्भया के आरोपियों का नाम भी जुड़ गया है.

दोषी और उनका जुर्म 

सिमोन, ज्ञान प्रकाश, मदिहा और बिलवंद- वीरप्पन के सहयोगी रहे इन चारों द्वारा 1993 में किए गए धमाके में 23 पुलिस वाले मारे गए थे.

धर्मपाल- हरियाणा के रहने वाले धर्मपाल ने रेप के मामले में पैरोल पर रिहा होने के बाद पीड़िता के परिवार के पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.

गुरमीत सिंह- यूपी निवासी गुरमीत सिंह अगस्त 1986 में एक ही परिवार के 13 लोगों की हत्या के मामले का दोषी है.

सुरेश और रामजी- यूपी के ही रहने वाले सुरेश और रामजी अपने भाई के परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए हैं.

सुंदर सिंह- उत्तराखंड के सुंदर सिंह को रेप के बाद मर्डर के मामले में मौत की सजा दी गई है.

जफर अली- यूपी के जफर अली को पत्नी और पांच बेटियों की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है.

प्रवीण कुमार- कर्नाटक का प्रवीण कुमार एक परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में दोषी साबित हुआ है.

शबनम और सलीम- यूपी की शबनम पर प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने परिवार के सभी सदस्यों की हत्या का मामला साबित हुआ है.

सोनिया और संजीव- हरियाणा की सोनिया पर प्रेमी संजीव के साथ मिलकर विधायक पिता सहित परिवार के सभी सदस्यों की हत्या का दोष सिद्ध हुआ है.

सीमा और रेणुका- महाराष्ट्र की सीमा और रेणुका बच्चों को अगवा करने, उनसे भीख मंगवाने और बाद में उनकी हत्या करने की दोषी साबित हुई हैं.

मगनलाल- मध्य प्रदेश के मगनलाल पर संपत्ति विवाद के चलते 5 बेटियों के कत्ल का जुर्म साबित हुआ है.

अजय कुमार पाल- यूपी के अजय पर एकतरफा प्यार में 14 साल की लड़की को घर में घुसकर मारने का जुर्म साबित हुआ है.

सोनू सरदार- सोनू पर लूट के दौरान एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या करने का दोष सिद्ध हुआ है.

राजेंद्र प्रह्लादराव वासनिक- महाराष्ट्र के राजेंद्र एक बच्ची के यौन उत्पीड़न और उसकी निर्मम हत्या का दोषी है.

शिवाजी शंकर अल्हत- महाराष्ट्र का शिवाजी एक बच्ची के रेप के बाद 21 बार चाकू से गोदकर उसकी हत्या करने का दोषी है.

मोहन अन्ना- मोहन दो नाबालिग लड़कियों की रेप के बाद हत्या करने का दोषी है.

मोफिल और मुबारक खान- मोफिल और मुबारक को झारखंड में अपने खुद के परिवार के आठ लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया है.

जसबीर और विक्रम सिंह- जसबीर और विक्रम को एक मासूम बच्चे की हत्या का दोषी ठहराया गया है.

जितेंद्र, बाबू और सन्नी- तीनों युवक एक मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या के दोषी ठहराए गए हैं.

पुरुषोत्तम बोराटे और प्रदीप कोकडे- पुणे के पुरुषोत्तम और प्रदीप एक युवती की रेप के बाद हत्या के दोषी ठहराए गए हैं.

ये भी पढ़ें:- 

निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी देने से पहले यह बड़ी बात बोला पवन जल्लाद
'किसी भी अपराधी को फांसी पर चढ़ा सकता हूं लेकिन निर्भया की मां का सामना करने की हिम्मत नहीं'

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 8, 2020, 11:49 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर