राहुल के 4 'जिगरी दोस्त' जिनमें से 2 अब BJP में, कांग्रेस में क्यों मची है इतनी हलचल?

राहुल गांधी  (File pic)

राहुल गांधी (File pic)

ये चार नेता हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), जितिन प्रसाद (Jitin Prasada), सचिन पायलट (Sachin Pilot) और मिलिंद देवड़ा (Milind Deora). ज्योतिरादित्य सिंधिया तो पहले ही रास्ते अलग कर चुके हैं. राजस्थान में सचिन पायलट को लेकर बड़ा विवाद हुआ था. तब भी टॉप लीडरशिप को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा था. लेकिन इस वक्त सचिन पायलट राहुल गांधी के साथ खड़े हैं. इसके अलावा मिलिंद देवड़ा भी राहुल के साथ हैं.

  • Share this:

नई दिल्ली. यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे जितिन प्रसाद (Jitin Prasada) ने बुधवार को कांग्रेस (Congress) को अलविदा कहकर बीजेपी (BJP) का दामन थाम लिया. उनके बीजेपी जॉइन करते ही मुख्य मीडिया से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खबरों की झड़ी लग गई. इसे कांग्रेस के लिए झटका बताया जा रहा है. वहीं कई सीनियर कांग्रेसी नेताओं की बातचीत से ऐसा लगा जैसे ये पार्टी के लिए कोई बड़ा झटका नहीं. लेकिन सच ये है कि कभी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बेहद करीबियों में शुमार किए जाने वाले चार नेताओं में से दो अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. इससे पहले मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस को बड़ा झटका दे चुके हैं.

जब राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे तब इन चार नेताओं का अक्सर जिक्र होता था. ये चार नेता हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा. ज्योतिरादित्य सिंधिया तो पहले ही रास्ते अलग कर चुके हैं. राजस्थान में सचिन पायलट को लेकर बड़ा विवाद हुआ था. तब भी टॉप लीडरशिप को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा था. लेकिन इस वक्त सचिन पायलट राहुल गांधी के साथ खड़े हैं. इसके अलावा मिलिंद देवड़ा भी राहुल के साथ हैं.

देवड़ा भी दिखा चुके हैं नाराजगी

हालांकि भले ही सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा अभी कांग्रेस के साथ दिख रहे हैं, लेकिन कुछ चीजें बड़े घटनाक्रम की तरफ भी इशारा करती हैं. सचिन पायलट राजस्थान विवाद के बाद भले ही शांत हो गए हों लेकिन राज्य लीडरशिप को लेकर उनकी नाराजगी जगजाहिर है. वहीं मिलिंद देवड़ा ने भी कुछ ऐसे बयान दिए जिससे उनकी नाराजगी दिखाई देती है.
राहुल के सामने बड़ा चैलेंज

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में चुनाव के बस कुछ ही महीने बाकी है. ऐसे में राहुल गांधी के सामने ये बड़ी चुनौती बनी हुई है कि कैसे वो अपने पुराने दोस्तों को साथ बनाए रखें. इस बीच यूपी में कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह ने भी इस पर टिप्पणी की है. उन्हें इस पर पार्टी आलाकमान को आत्ममंथन तक की सलाह दे डाली है. वहीं ये भी साफ कर दिया है कि आने वाले समय में वह तय करेंगी कि उन्हें किस पार्टी से चुनाव लड़ना है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज