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कांग्रेस की बैठक में नहीं पहुंचे 4 'बागी' MLA, कर्नाटक सरकार में बढ़ी चिंता

D P Satish | News18Hindi
Updated: January 18, 2019, 8:15 PM IST
कांग्रेस की बैठक में नहीं पहुंचे 4 'बागी' MLA, कर्नाटक सरकार में बढ़ी चिंता
कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के 80 विधायक हैं.

दोनों पार्टियों को अब हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है. लिहाजा अपने 75 विधायकों को बचाने के लिए इन्हें बेंगलुरु के ईगल रिसॉर्ट भेजा रहा है.

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  • Last Updated: January 18, 2019, 8:15 PM IST
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कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली कुमारस्वामी सरकार से दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है. बागी विधायकों की पहचान के लिए शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी. लेकिन, इसमें 4 विधायक नहीं पहुंचे. कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के 80 विधायक हैं. इनमें से एक विधायक विधानसभा में स्पीकर हैं. उन्हें इस मीटिंग में शिरकत करना नहीं है.

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इस लिहाज से कांग्रेस के 79 विधायकों का मीटिंग में पहुंचना जरूरी है. लेकिन, 4 विधायकों के मीटिंग में गैरहाजिर रहने से कांग्रेस-जेडीएस चिंता में है. दोनों पार्टियों को अब हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है. लिहाजा अपने 75 विधायकों को बचाने के लिए इन्हें बेंगलुरु के ईगल रिसॉर्ट भेजा रहा है.

कांग्रेस की बैठक में रमेश जरकीहोली, महेश कुमातहल्ली और उमेश जाधव नहीं पहुंचे. वहीं, नारायण राव नाम के विधायक हैदराबाद से फ्लाइट के जरिए बेंगलुरु आ रहे थे. लेकिन, मीटिंग खत्म होने तक वह बेंगलुरु नहीं पहुंचे, जबकि बी नागेन्द्र नाम के विधायक कोर्ट केस में व्यस्त हैं.

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वहीं, विधायक उमेश जाधव ने इस बैठक में ना पहुंचने पर सफाई दी है. उन्होंने सिद्धारमैया को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनकी सेहत खराब है. वे यात्रा करने में असमर्थ हैं, इसलिए विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंच पाएंगे.



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माना जा रहा है कि अगर ये 4 विधायक कुमारस्वामी सरकार से इस्तीफा दे भी दें, तो भी सरकार पर कोई खतरा नहीं है. चारों विधायकों के समर्थन वापस लेने के बाद भी असेंबली में कुमारस्वामी सरकार को 114 विधायकों को समर्थन हासिल है. ऐसे में सरकार अभी पूर्ण बहुमत में ही है.

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के 80 विधायक हैं, जबकि जेडीएस के पास 37 विधायक. इसके अलावा एक विधायक बीएसपी और दो विधायक निर्दलीय हैं, जिन्होंने मिलकर कुमारस्वामी की अगुवाई में गठबंधन सरकार बनाई हुई है. विधानसभा में बीजेपी की ताकत 104 सदस्यों की है. हाल ही में एच नागेश (निर्दलीय) और आर शंकर (केपीजेपी) ने कर्नाटक के राज्यपाल वाजूभाई वाला को चिट्ठी लिखकर कुमारस्वामी सरकार से अपना समर्थन तत्काल प्रभाव से वापस लेने की जानकारी दी. हालांकि, अभी भी कांग्रेस अभी भी नागेश का समर्थन वापस लेने की कोशिश में जुटी है. नागेश मुलाबगिलू सीट से विधायक हैं.

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कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक में बीजेपी का 'ऑपरेशन कमल' फेल होता दिख रहा है. ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को करारा जवाब है.
मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, 'बीजेपी सत्ता में आने के लिए बेकरार है. इसलिए वो मौजूदा सरकार को गिराने के लिए हर वो कोशिश कर रही है, जो कर सकती है. लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. कांग्रेस और जेडीएस एक है और हम मिलकर तय करेंगे कि उन चार विधायकों का क्या करना है.'


वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा भी कांग्रेस विधायक दल की इस मीटिंग पर नज़र बनाए हुए थे. उन्होंने कहा, 'ये सच है कि चार विधायक कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में नहीं पहुंचे. यहां नंबर महत्वपूर्ण नहीं है. मौका अहम है. इन विधायकों के मीटिंग में नहीं पहुंचने का सीधा मतलब है कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है. पार्टी ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है.'

ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (AICC) के नेता ने News18 से कहा, 'अभी तो कुमारस्वामी सरकार सेफ है. लेकिन, भविष्य में इसे सतर्क रहने की जरूरत है. चारों विधायकों के साथ क्या करना है, इसका फैसला कांग्रेस-जेडीएस मिलकर करेगी. फिलहाल तुरंत उनपर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा. कुछ भी करने से पहले हमें इसके नफे-नुकसान के बारे में सोचना है. वैसे तो चारों विधायकों को तत्काल प्रभाव से अयोग्य करार दिया जा सकता है, लेकिन ऐसा करने की कांग्रेस पार्टी को कोई जल्दी नहीं है.'

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First published: January 18, 2019, 7:21 PM IST
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