बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में रजिस्ट्रेशन के लिए इकट्ठा हुए मणिपुर के 4000 प्रवासी श्रमिक

रजिस्ट्रेशन के लिए हुए एकत्र हुए लोग
रजिस्ट्रेशन के लिए हुए एकत्र हुए लोग

मणिपुर (Manipur) के लगभग 4000 प्रवासी श्रमिक (Migrant Workers) वापस अपने राज्य लौटने के लिए ट्रेनों में रजिस्ट्रेशन के लिए बेंगलुरु (Bengaluru) के पैलेस ग्राउंड में एकत्र हुए.

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बेंगलुरु. लॉकडाउन (Lockdown) में फंसे प्रवासी श्रमिक अपने गृह राज्य जानें के लिए ट्रेनों में रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाइनों में लगने के लिए मजबूर है. चिलचिलाती धूप में मणिपुर (Manipur) के लगभग 4000 प्रवासी श्रमिक (Migrant Workers) वापस लौटने के लिए पंजीकरण के लिए बेंगलुरु (Bengaluru) के पैलेस ग्राउंड में एकत्र हुए. राज्य मंत्री, के सुधाकर ने कहा, "मैंने उनसे बात की है, वो लोग काफी परेशान हैं और मणिपुर वापस जाना चाहते हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे बेंगलुरु वापस लौट आएंगे क्योंकि यह उनका दूसरा घर है."

आए दिन हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वह मजदूरों के लिए उचित व्यवस्था करें और उन्हें पूरी व्यवस्था के साथ अपने राज्य पहुंचाए.


लॉकडाउन के बाद पहली बार कल इंट्रास्टेट ट्रेन (एक राज्य के भीतर ही सीमित) भी चलाई गई है. ये ट्रेन 338 यात्रियों को लेकर कांटेरावा सांगोली रायन्ना स्टेशन बेंगलुरु से बेलगाम रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुई थी. रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने ट्रेन को ताली बजा कर रवाना किया था. वही आज यह ट्रेन 99 यात्रियों को लेकर रवाना हुई.



यूपी में प्रवासी श्रमिकों का मामला पहुंचा HC
गौरतलब है कि श्रमिकों को हो रही असुविधा को लेकर कुछ याचिकाकर्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गए. याचिका में प्रवासी श्रमिकों को भोजन, पानी, मेडिकल और आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की गई है. याचिका में ये भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि श्रमिकों को भूखा न रहने दिया जाए और उन्हें परिवहन की सुविधा भी मिले. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्र और राज्य सरकार से घर लौट रहे और इधर-उधर फंसे प्रवासी श्रमिकों को दी जाने वाली सुविधाओं की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है.

 

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