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महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 416 केस, बड़े पैमाने पर टेस्ट करने अनुमति मिली

भाषा
Updated: April 2, 2020, 7:27 PM IST
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 416 केस, बड़े पैमाने पर टेस्ट करने अनुमति मिली
राज्य में कोरोना वायरस से अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है

महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 416 हो गई है, जबकि राज्य में 19 लोगों की मौत हो गई है.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने गुरुवार को बताया कि केंद्र सरकार (Central Government) ने खून के नमूने का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की जांच करने की अनुमति दे दी है ताकि संक्रमितों का पता लगाया जा सके.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लार के बजाय खून के नमूने के आधार पर तेजी से जांच करेगी जिससे पांच मिनट में पता चलेगा कि व्यक्ति में बीमारी के प्रति रोग प्रतिरोधी कण विकसित हुए हैं या नहीं.

राज्य में रह रहे तीन लाख 25 हजार श्रमिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस को लेकर हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में टोपे ने बताया कि महाराष्ट्र के आश्रय गृहों में करीब तीन लाख 25 हजार प्रवासी श्रमिक रह रहे हैं.



मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ वीडियो कांफ्रेंस में टोपे और राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख भी शामिल हुए. टोपे ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने हमें सूचित किया कि राज्य अमहाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 416 केस, बड़े पैमाने पर टेस्ट करने अनुमति मिलीब कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का शीघ्र पता लगाने के लिए त्वरित परीक्षण तकनीक का इस्तेमाल कर सकता है. हम कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए खून के नमूने का इस्तेमाल करेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में बड़े पैमाने पर जांच शुरू की जाएगी. खून का नमूना लेने के पांच मिनट के भीतर सरकार को पता चल जाएगा कि व्यक्ति के शरीर में कोई प्रतिरोधक कण (एंटीबॉडी) विकसित हुआ है या नहीं यह वायरस की मौजूदगी को इंगित करेगा.’’



पहले नहीं मिली थी बड़े पैमाने पर जांच की इजाज़त
टोपे ने बताया, ‘‘ इससे पहले केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर जांच की अनुमति नहीं दी थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मोदी ने महाराष्ट्र सरकार से लॉकडाउन के मद्देनजर प्रवासी कामगारों की देखभाल करने को कहा.’’

टोपे ने कहा, ‘‘राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आश्रय गृहों में तीन लाख 25 हजार प्रवासी मजदूर रह रहे हैं. मोदी ने कहा कि न केवल उनके खाने की व्यवस्था की जाए बल्कि टीवी आदि का भी प्रबंध करें ताकि उनका मनोरंजन हो और वे आश्रय गृह छोड़कर नहीं जाएं.’’ उन्होंने कहा कि मोदी से राज्य सरकार को संक्रमण नियंत्रण क्षेत्रों को सैनेटाइज करने की सलाह दी. संक्रमण नियंत्रण क्षेत्र उन इलाकों के आसपास बनाया जाता है जहां पर उल्लेखनीय संख्या में कोरोना वायरस संक्रमण पाए गए हैं.

पीएम मोदी ने दिये ये निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘वहां करीब 146 ऐसे स्थान हैं जिनको जल्द सैनेटाइज किया जाएगा.’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को प्रत्येक जिले में एक अस्पताल को विशेष तौर पर कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए तैयार करने को कहा है. टोपे ने कहा, ‘‘हमारे स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया है और कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए उन्हें पंजीकृत किया गया है. उन्होंने बताया कि दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मरकज में महाराष्ट्र के 1,400 लोग शामिल होकर वापस लौटे थे जिनमें से 1,300 का पता लगा लिया गया है.

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जीएसटी के बकाया 16,000 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया.

बता दें महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 416 हो गई है, जबकि राज्य में 19 लोगों की मौत हो गई है.

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First published: April 2, 2020, 7:27 PM IST
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