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राजस्थान में मानसून मेहरबान, प्रदेश के 133 बांध छलके, जानें पिछले साल से कितना अधिक आया पानी

राजस्थान में मानसून मेहरबान, प्रदेश के 133 बांध छलके, जानें पिछले साल से कितना अधिक आया पानी

झमाझम बारिश से प्रदेश में 716 मध्यम और लघु बांधों में से 133 बांध पूरी तरह से भर कर लबालब हो चुके हैं.

झमाझम बारिश से प्रदेश में 716 मध्यम और लघु बांधों में से 133 बांध पूरी तरह से भर कर लबालब हो चुके हैं.

राजस्थान में इस साल झमाझम बारिश देखने को मिली है. प्रदेश के लगभग सभी जिलों पर मानसून मेहरबान रहा है. बारिश के बाद से बांधों में पानी की आवक भी बढ़ गई है. 15अगस्त तक 8180.61 एम. क्यूसेक पानी बांधों में आ चुका है. इस साल राज्य के बांधों में प्रदेश के बांधों की कुल क्षमता है 12608.29 एम. क्यूसेक पानी की आवक हो चुकी है. 15 अगस्त तक की स्थति के मुताबिक प्रदेश सभी बांधों में 64.88% पानी आया है. पिछले साल इस समय तक 56.68% पानी आया था. पिछले साल की तुलना में इस साल 8.20% ज्यादा पानी आया है.

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जयपुर. राजस्थान में मासनून की अच्छी बरसात का असर प्रदेश के छोटे, बड़े और मझोले बांधों पर नज़र आने लगा है. प्रदेश के बड़े, मध्यम और छोटे 738 बांधों में 64.88% यानी 8180.61 एम. क्यूसेक पानी आ चुका है. राजस्थान के बड़े और मंझोले बांधों की ताजा़ रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के ज्यादातर बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है. प्रदेश में 22 बड़े बांधों में पानी स्टोरेज 34.25 प्रतिशत से बढ़कर 73.85 प्रतिशत हो गया है. प्रदेश के मध्यम स्तर के 279 बांधों में 50.87% पानी आया है. जबकि छोटे बांधों 437 बांधों में 39.51% पानी आ चुका है. बारिश के दूसरे दौर में पानी की आवक बढ़ने से प्रदेश के बांधों में पानी स्तर बढ़ने लगा है. अब हुई झमासझम बारिश से प्रदेश में 716 मध्यम और लघु बांधों में से 133 बांध पूरी तरह से भर कर लबालब हो चुके हैं.

346 बांधों में आया आंशिक पानी

इन 716 में से अब तक 346 बांधों में आंशिक पानी आया है. जबकि कुल 716 में से 226 बांध अभी भी पूरी तरह से खाली हैं. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 716 में से 55 मध्यम और 78 लघु बांध पूरी तरह से भर चुके हैं. इनमें चादर भी चली है. हालांकि सबसे महत्वपूर्ण 22 बड़े बांधों के हालात देखी जाए तो उनमें 73.85 प्रतिशत पानी आ चुका है.

जयपुर, टोंक व अजमेर की एक करोड़ से ज्यादा आबादी को पेयजल सप्लाई करने वाले बीसलपुर बांध में अब तक जल स्तर अब 311.38 आरएल मीटर हो गया है. बांध में अब तक 41.94% परसेंट पानी की आवक हो गई है. प्रदेश के राणाप्रताप सागर में 93.97%, कोटा बैराज में 95.64%, गुढ़ा डेम में 98.31%, सोम कमला अंबा में 90.56% और जयसमंद बांध में 58.32% पानी आया है. बांधों पर बनी रिपोर्ट को गौर देखा जाए तो प्रदेश में 279 मध्यम ऊंचाई व कम भराव क्षमता के बांध हैं. हर बांध की क्षमता 4.25 एमक्यूएम से ज्यादा है.

इन बांधों में भराव 34 फीसदी से बढ़कर 50.87 फीसदी तक पहुंच गई है. 4.25 MQM से कम भराव क्षमता वाले 437 बांधों की स्थति पर बात करें तो इनमें से भी 159 बांध अभी सूखें हैं. प्रदेश में इन लघु बांधों में 4.25 एमक्यूएम से कम भराव क्षमता के 437 बांध में भराव स्तर 39.51% हो गया है. प्रदेश में जलापूर्ति के लिए सबसे अहम माने जाने वाले 22 बड़े बांधों की अगर बात की जाए तो पानी स्टोरेज जून 2022 की स्थिति में 34.25 प्रतिशत से बढ़कर अब 73.85% प्रतिशत हो गई है.

इन बड़े बांधों में पानपी सटोरेज कुल क्षमता 8104.66 एम क्यसेक की है. जबकि अब तक यहां पर 5985.54 एम क्यूसेक भराव हो चुका है. कुल 738 बांधों में 64.88% आया है. सभी बांधों में अब तक 8180.61 एम. क्यूसेक पानी आ चुका है. राजस्थान राज्य के बड़े 22 बांध भराव की स्थति में हैं. बड़े बांधों में 5985.54 एम क्यूसेक पानी आ चुका है.

प्रदेश के बड़े बांधों के हालात

बूंदी गूढ़ा डेम- 98.31%, कोटा बैराज (कोटा ) -95.64%, राणा प्रताप सागर (चित्तौड़गढ़) -93.97%, हारो (बांसवाड़ा) – 92.30%, सोम कमला अंबा बांध (डूंगरपुर) -90.56%, जाखम बांध (प्रतापगढ़) -83.41%, पार्वती बांध (धौलपुर) – 80.44%, माही बजाज सागर (बांसवाड़ा) -79.01%, जवाहर सागर कोटा – 72.30%, गलवा बांध टोंक – 69.28%, जयसमंद (उदयपुर) -58.32%, टोरड़ी सागर (टोंक) -43.40%, मोरेल (दौसा) – 42.77%, बीसलपुर बांध (टोंक) – 41.94%, जवाई बांध (पाली) – 33.32%, छापरवाड़ा (जयपुर) -32.58%, सरदार समंद (पाली) -23.49%, राजसमंद (राजसमंद) -6.20%, मेजा बांध (भीलवाड़ा) – 4.00%, सिकरी बांध (भरतपुर) -0.00%, रामगढ़ बांध (जयपुर) – 0.00%, कालख सागर (जयपुर) – 0.00 प्रतिशत पानी है.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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