ममता बनर्जी पर 'हमले' से लेकर टेप लीक तक, जानें पश्चिम बंगाल चुनाव के 5 प्रमुख विवाद

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी. (File pic PTI)

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी. (File pic PTI)

West Bengal Elections 2021: रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) समेत पांचों राज्‍यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं.

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नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal Elections 2021) में पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) का महासंग्राम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) समेत पांचों राज्‍यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से लेकर 29 अप्रैल तक 8 चरणों में चुनाव हुए थे. इस दौरान चुनाव प्रचार अभियान से लेकर मतदान तक के समय कई विवादास्‍पद घटनाएं सामने आईं. इनमें निजी हमलों से लेकर हिंसा तक भी शामिल हैं. आइये जानते हैं ऐसे ही 5 प्रमुख विवादों के बारे में...

चुनाव प्रचार से बैन हुईं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को चुनाव आयोग ने 12 अप्रैल को 24 घंटे के लिए प्रचार अभियान से प्रतिबंधित कर दिया था. ऐसा उनकी ओर से केंद्रीय सशस्‍त्र बलों पर की गई विवादास्‍पद टिप्‍पणी और उससे माहौल बिगड़ने के कारण किया गया था. इसके बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के इस निर्णय को असंवैधानिक और गैर लोकतांत्रिक बताया था और धरने पर बैठने की बात कही थी. चुनाव आयोग ने उनपर 12 अप्रैल रात 8 बजे से लेकर 13 अप्रैल रात 8 बजे तक का बैन लगाया था.

लीक ऑडियो टेप
बीजेपी की ओर से पिछले महीने कोयला स्‍मगलिंग केस के आरोपी अनूप माझी के करीबी गणेश बगारिया और एक सरकारी अफसर के बीच की कथित बातचीत का ऑडियो टेप जारी किया था. बीजेपी के अनुसार इन लीक ऑडियो टेप से टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के भ्रष्‍टाचार का खुलासा हुआ था. लेकिन इसके तुरंत ही बाद तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन टेप को मनगढ़ंत बताया था. इसके पहले 27 मार्च को बीजेपी ने एक और तथाकथित ऑडियो टेप जारी किया था, जिसमें दावा किया गया था कि मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने पूर्वी मेदिनीपुर के बीजेपी नेता को कॉल करके नंदीग्राम में 1 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए मदद मांगी थी. ममता बनर्जी ने इसी सीट से चुनाव लड़ा है. उनके सामने उनके पुराने अहम साथी शुभेंदु सरकार थे.

उसी दिन टीएमसी ने बीजेपी के इन आरोपों का खंडन किया था. टीएमसी ने भी एक ऑडियो टेप जारी किया था. इसमें बीजेपी नेताओं मुकुल रॉय और शिशिर बाजोरिया के बीच की तथाकथित बातचीत होने का दावा किया गया था. दावा था कि इसमें दोनों चुनाव आयोग को प्रभावित करने को लेकर बातचीत कर रहे थे.

ममता बनर्जी का 'हमला'



10 मार्च को मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि उन पर नंदीग्राम में हमला किया गया था. उनका यह दावा नंदीग्राम में नामांकन के कुछ घंटे बाद किया गया था. टीएमसी का कहना था कि पार्टी प्रमुख पर यह हमला सोची समझी साजिश का हिस्‍सा था. दावा किया गया था कि यह घटना नंदीग्राम के बिरुलिया बाजार में हुई थी, जिसमें ममता बनर्जी का एक पैर घायल हो गया था. हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने अपनी जांच में पाया कि नंदीग्राम में हुई यह घटना हमला नहीं थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के सुरक्षा निदेशक विवेक सहाय को लेकर भी नाराजगी जताई थी. आयोग ने कहा था कि सहाय वीवीआईपी की तरह बुलेटप्रूफ कार में बैठक थे. जबकि ममता बनर्जी सामान्‍य वाहन में बैठी थीं.

पीएम मोदी की फोटो को लेकर विवाद

मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई आचार संहिता का उल्‍लंघन करने के आरोप लगाए गए थे. इनमें कहा गया था कि पीएम मोदी को तस्‍वीरें कोरोना वैक्‍सीन के सर्टिफिकेट पर प्रकाशित की जा रही हैं. साथ ही पेट्रोल पंप के बाद होर्डिंग में उनककी तस्‍वीरों का इस्‍तेमाल हो रहा है. इसका संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने सभी पेट्रोल पंप डीलर्स और एजेंसियों को आदेश दिया था कि वह केंद्र सरकार की स्‍कीम वाले विज्ञापनों की सभी होर्डिंग हटा दें, जिनमें पीएम मोदी की तस्‍वीर का इस्‍तेमाल किया गया हो. चुनाव आयोग ने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय को भी पत्र लिखकर आचार संहिता का पालन करने को कहा था.



बीजेपी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल में विभिन्‍न जिलों में स्थित बीजेपी ऑफिसों के बाहर कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन भी देखने को मिले थे. इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे राज्‍य में बीजेपी की ओर से प्रत्‍याशियों के चुनाव से नाखुश हैं. ऐसे ही एक मामले का उदाहरण दें तो केंद्र सरकार में पूर्व मुख्‍य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी का अलीपुरद्वार से प्रत्‍याशी बनना विवादों के घेरे में था. जिलाअध्‍यक्ष का कहना था कि उन्‍होंने कभी लाहिड़ी के बारे में नहीं सुना और न ही वह उनके बारे में कुछ जानते हैं.
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